Basti: उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के आह्वान पर बस्ती डिपो परिसर में एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। इस धरने में कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन एआरएम आयुष भटनागर को सौंपा। धरने की अध्यक्षता रोडवेज कर्मचारी संघ के शाखा अध्यक्ष संजय तिवारी ने की।
कर्मचारियों की समस्याओं का विवरण
धरने में शाखा मंत्री सुभेदार सिंह ने कर्मचारियों की समस्याओं को एक-एक करके सामने रखा और घोषणा की कि अब से कर्मचारियों के हितों के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और अंत तक संघर्ष किया जाएगा।
सुभेदार सिंह ने कहा, “हमारा संगठन पूरी तरह से एकजुट है, और हम अपनी मांगों को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। कर्मचारियों की समस्याएं लगातार अनदेखी की जा रही हैं, और हमें इसे रोकना होगा।” उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकता बनाए रखने की अपील की और कहा कि अगर हम एकजुट रहेंगे, तो हमारी आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकेगा।
समस्याओं की अनदेखी पर रोष
धरने में भाग लेने वाले अन्य नेताओं ने भी कर्मचारियों की समस्याओं पर प्रकाश डाला। संघ के उपाध्यक्ष उमेश पांडे ने कहा कि कर्मचारियों की मेहनत और योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सभी एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे। अगर हमारी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो हम और अधिक बड़े आंदोलन की योजना बनाएंगे।”
इस मौके पर ट्रेजरर राकेश मिश्रा, संगठन मंत्री प्रमोद कुमार तिवारी, रामानंद, शशिकांत पांडे और प्रदीप श्रीवास्तव समेत कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। सभी ने एकजुटता का संदेश दिया और कहा कि संघर्ष के बिना कुछ नहीं मिलता।
मांगों का ज्ञापन
धरने के अंत में, कर्मचारियों ने एआरएम को ज्ञापन सौंपा जिसमें उनकी प्रमुख मांगों को शामिल किया गया। ज्ञापन में वेतन वृद्धि, कार्य परिस्थितियों में सुधार, और अन्य आवश्यक सुविधाओं की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों का समय पर समाधान नहीं किया गया, तो वे आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
एकता की आवश्यकता
धरने के दौरान वक्ताओं ने एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक सभी कर्मचारी एकजुट रहेंगे, तब तक ही उनकी समस्याओं का समाधान संभव होगा। वक्ताओं ने यह भी कहा कि एकजुटता से ही वे अपनी आवाज को उच्चतम स्तर तक पहुंचा सकते हैं।
संघर्ष की आवश्यकता
बस्ती में आयोजित इस धरने ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। कई वर्षों से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारियों में निराशा फैल रही है। इसलिए, यह आवश्यक है कि वे एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा करें।
आगे की योजना
धरने में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन की योजना बनाएंगे। यह धरना इस बात का संकेत है कि कर्मचारियों के अंदर एक नई ऊर्जा है और वे अपने हक के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं।