Gorakhpur के पीपीगंज रेलवे स्टेशन पर कुछ शातिर अपराधियों ने महिलाओं को अपना शिकार बना लिया और एक चौंकाने वाली लूट को अंजाम दिया। इन अपराधियों ने एक झूठे बहाने से दो महिलाओं को अपनी धोखाधड़ी का शिकार बना लिया और उनके गहने और नकदी लूटकर फरार हो गए। यह घटना रेलवे स्टेशन पर हुई और अब पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
महिलाओं का विवाह में जाने का था इरादा, लेकिन बन गईं लूट की शिकार
यह घटना महाराजगंज जिले के लेडवा गांव की निवासी शकुंतला देवी और उनकी सहयात्री कदमी देवी के साथ हुई। दोनों महिलाएं एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए ट्रेन से यात्रा कर रही थीं। ब्रिजमंज्ञ से पीपीगंज स्टेशन तक की यात्रा के दौरान दोनों महिलाएं आपस में दोस्त बन गईं। पीपीगंज स्टेशन पर उतरने के बाद, दोनों महिलाएं अपनी रिश्तेदारों के घर जा रही थीं, तभी इन शातिर अपराधियों ने उन्हें अपनी जाल में फंसा लिया।
नोटों के बंडल का बहाना बना कर किया लूट
जब दोनों महिलाएं स्टेशन से बाहर जा रही थीं, तो अचानक दो युवक उनके पास आए और जमीन पर पड़ा हुआ एक नोटों का बंडल दिखाया। उन युवकों ने पूछा कि क्या यह नोटों का बंडल उनका है। दोनों महिलाओं ने तुरंत इनकार कर दिया और बताया कि वह बंडल उनका नहीं हो सकता। इसके बाद, उन युवकों ने बहाना बनाया कि वे उस बंडल को आपस में बांटने वाले हैं और इसके बाद दोनों महिलाओं को सुनसान जगह पर ले गए।
सुनसान स्थान पर महिलाओं से लूट की वारदात
सुनसान स्थान पर पहुंचते ही उन युवकों ने महिलाओं को डराया-धमकाया और उनका गहना और नकदी लूट ली। शकुंतला देवी से दो चूड़ियां, दो कान की बालियां, मंगलसूत्र और ₹5000 नकद लूट लिए गए। वहीं, कदमी देवी से सिर्फ कान की बालियां छीन ली गईं। इसके बाद, दोनों युवक लूटपाट करने के बाद मौके से फरार हो गए।
पुलिस सक्रिय, सीसीटीवी फुटेज की हो रही जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और शकुंतला देवी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि वे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज से आरोपी तक पहुंचने में मदद मिलेगी और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कंपियरगंज क्षेत्र के सीओ गौरव त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस द्वारा घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी उपलब्ध सुरागों को खंगाला जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।
यात्रियों के लिए सतर्कता का संदेश
यह घटना यात्रियों के लिए एक चेतावनी बनकर सामने आई है कि उन्हें अजनबियों से बातचीत करते समय सतर्क रहना चाहिए और किसी भी प्रकार के जाल में फंसने से बचना चाहिए। इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए यात्रियों को अपनी सुरक्षा को लेकर और अधिक जागरूक रहने की आवश्यकता है।
इसी बीच, रेलवे प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की जा रही है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन और ट्रेनों में सुरक्षा का स्तर बढ़ाना चाहिए ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके। खासतौर पर व्यस्त स्टेशनों पर पुलिस गश्त को बढ़ाया जाना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
रेलवे प्रशासन की ओर से सुरक्षा को लेकर कदम उठाने की जरूरत
रेलवे स्टेशनों पर होने वाली लूट और अन्य अपराधों के मद्देनजर रेलवे प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करे और यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए। खासकर ऐसे स्टेशनों पर जहां यात्री भीड़-भाड़ में होते हैं और अपराधी आसानी से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों पर सुरक्षा की स्थिति मजबूत हो और अपराधियों को पकड़ा जा सके। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए यात्रियों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए और उन्हें किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से बातचीत करने से बचना चाहिए।
लूट की वारदात पर रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया
रेलवे प्रशासन ने इस लूट की वारदात को गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने कहा है कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को कड़ा किया जाएगा। इसके साथ ही, रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और पुलिस गश्त को तेज करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा, यात्रियों को भी सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पीपीगंज रेलवे स्टेशन पर हुई इस लूट की घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यात्रियों को अजनबियों से बचकर रहना चाहिए और अपनी सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहना चाहिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। इस घटना से यात्रियों को यह सीख मिलती है कि स्टेशन पर और ट्रेनों में अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करनी चाहिए। रेलवे प्रशासन को भी इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।