Vishal Singh murder: छात्र नेता विशाल सिंह श्रीनेट हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। शनिवार की सुबह पुलिस ने सिकट डेम के पास नागवा गांव में दूसरे आरोपी राहुल अली को गिरफ्तार किया। इस मुठभेड़ में राहुल अली के दाहिने पैर में गोली लग गई। पुलिस ने राहुल अली को मेडिकल कॉलेज देवरिया में इलाज के लिए भेज दिया।
विशाल सिंह की हत्या 16 नवंबर की रात को बलिया गांव में की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने 18 नवंबर को रजा खान को भगदा पुल के पास एक मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। अब पुलिस का पूरा ध्यान अन्य दो आरोपियों, फैज रैनी और विनोद जायसवाल की गिरफ्तारी पर है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है, लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है।
पुलिस ने की मुठभेड़, राहुल अली को पकड़ा
पुलिस के मुताबिक, सूचना मिली थी कि राहुल अली उर्फ रहिमुल, जो कि एक 25,000 रुपये के इनामी अपराधी है, नागवा गांव के पास बाइक से आ रहा था। इसके बाद पुलिस ने उसे घेरने की योजना बनाई। एसीपी, इकोना, रुद्रपुर और सुरौली थाने की पुलिस ने उसे चारों ओर से घेर लिया। जैसे ही पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, राहुल अली ने पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई और राहुल अली को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राहुल के पास से एक देशी पिस्टल, कारतूस और एक बाइक बरामद की। पुलिस ने उसे तुरंत देवरिया मेडिकल कॉलेज भेज दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस मुठभेड़ में पुलिस की मुस्तैदी और कार्रवाई ने विशाल सिंह के हत्यारों के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही की है।
राहुल अली और उसका परिवार
राहुल अली के बारे में जानकारी सामने आई है कि वह एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उस पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि राहुल अपने भाई और बहनोई के साथ मिलकर विशाल सिंह के हत्या में शामिल था। दो दिन पहले राहुल अली के भाई और बहनोई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद राहुल अली अपने बहन के घर शाहिल गांव, रानीपुर (गोरखपुर) में छिपने के लिए पहुंचा था। इसके बाद उसका संपर्क सलिम नाम के एक व्यक्ति से हुआ, जो यशवंतपुर (गोरखपुर) का निवासी है। सलिम को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उस पर आरोप लगा दिया। पुलिस अब भी राहुल अली के अन्य रिश्तेदारों की तलाश में जुटी हुई है।
विशाल सिंह हत्या कांड: पुलिस के लिए नई चुनौती
विशाल सिंह हत्या कांड में अब तक दो आरोपियों, रजा खान और राहुल अली को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन अब पुलिस के लिए दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी बड़ी चुनौती बन गई है। इन आरोपियों के नाम फैज रैनी और विनोद जायसवाल हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। हालांकि, अब तक इन दोनों की गिरफ्तारी में पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल पाई है।
चौरिचौरा सीओ अनुराग सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने कई जगहों पर दबिश दी है, लेकिन ये दोनों आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। पुलिस की विशेष टीमों ने फैज रैनी और विनोद जायसवाल को पकड़ने के लिए कई बार छापे मारे हैं, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल पाया है।
विशाल सिंह की हत्या का मामला
16 नवंबर को विशाल सिंह की हत्या बलिया गांव में की गई थी। विशाल सिंह, जो कि एक छात्र नेता था, की हत्या के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रजा खान को 18 नवंबर को गिरफ्तार किया था। रजा खान को पुलिस ने भगदा पुल के पास एक मुठभेड़ में पकड़ा था, जब वह पुलिस पर गोली चला रहा था। रजा की गिरफ्तारी के बाद ही पुलिस ने राहुल अली की तलाश शुरू की थी, जो कि अब गिरफ्तार हुआ है।
विशाल सिंह की हत्या ने क्षेत्र में सनसनी मचा दी थी। विशाल के परिवार और समर्थकों ने न्याय की मांग की थी। अब पुलिस के द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी से इलाके में थोड़ी शांति का माहौल बन सकता है, लेकिन मामले में अभी और गिरफ्तारियों का इंतजार किया जा रहा है।
आगे का रास्ता
पुलिस अब फैज रैनी और विनोद जायसवाल की गिरफ्तारी में जुटी हुई है। इनके पकड़ने के बाद मामले में कई अन्य सुराग मिल सकते हैं, जिससे विशाल सिंह की हत्या के पीछे का पूरा राज उजागर हो सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही इन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले को सुलझाने में सफलता प्राप्त करेंगे।
विशाल सिंह के परिवार और समर्थक इस समय न्याय की उम्मीद कर रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि पुलिस इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शीघ्र ही मामला सुलझा लेगी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस इन दोनों आरोपियों को कब तक गिरफ्तार कर पाती है और इस हाई-प्रोफाइल हत्या मामले का अंत किस रूप में होता है।