Uttar Pradesh News: पत्नी को वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करने वाले पति की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की

Uttar Pradesh News: पत्नी को वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करने वाले पति की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की

Uttar Pradesh News: पिछले सप्ताह, उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ऐसे मामले में आरोपी पति को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसमें उस पर अपनी पत्नी को वेश्यावृत्ति में धकेलने और उसे अपने दोस्तों तथा अन्य व्यक्तियों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने का आरोप है।

न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यह मामला पति-पत्नी के बीच साधारण वैवाहिक विवाद का नहीं है, बल्कि यह दुर्लभ और गंभीर आरोपों का मामला है।

पीड़िता की गरिमा पर गंभीर आघात

हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा कृत्य पीड़िता की सर्वोच्च गरिमा और आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है। जब कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को जबरन वेश्यावृत्ति में धकेलने का प्रयास करता है, तो यह पीड़िता के आत्मसम्मान के लिए अपमानजनक होता है।

न्यायमूर्ति सिंह ने इसे पीड़िता के लिए एक दर्दनाक अनुभव बताया, जो मानसिक रूप से उसे परेशान कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा अपराध पीड़िता के शरीर के साथ-साथ उसकी गरिमा और सम्मान को भी चोट पहुंचाता है।

एफआईआर में दर्ज हुआ मामला

पीड़िता की मां ने 17 जून 2024 को अपने दामाद (आरोपी पति) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। एफआईआर में उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की शादी फरवरी 2024 में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही उन्हें पता चला कि आरोपी पति अवैध गतिविधियों में लिप्त है।

जब बेटी से संपर्क नहीं हुआ, तो उन्होंने उसे ढूंढ़ने का प्रयास किया। काफी खोजबीन के बाद बेटी मिली और उसने रोते हुए अपनी पूरी कहानी बताई। पीड़िता ने कहा कि उसका पति उसे जबरदस्ती अन्य पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था।

कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला

इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी पति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498-A (दहेज प्रताड़ना), 323 (चोट पहुंचाना), 328 (जहर देना), 376-D (गैंगरेप), 504 (अपमान करना), 120-B (आपराधिक षड्यंत्र) और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज किया।

पुलिस ने आरोपी को अगस्त 2024 में गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।

Uttar Pradesh News: पत्नी को वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करने वाले पति की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की

न्यायालय ने अपराध को बताया गंभीर

न्यायमूर्ति सिंह ने कहा कि ऐसा अपराध किसी भी महिला के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाता है। साथ ही, यह पीड़िता को मानसिक और सामाजिक रूप से अपमानित करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

समाज पर पड़ता है गहरा प्रभाव

इस मामले ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यायालय ने इस केस में आरोपी पति को जमानत देने से इनकार कर एक सख्त संदेश दिया है कि महिलाओं के खिलाफ इस तरह के अपराध को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।

यह मामला न केवल वैवाहिक संबंधों में बढ़ती कड़वाहट को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि किस तरह से महिलाओं को उनके अधिकारों और गरिमा से वंचित किया जा रहा है। न्यायालय का यह फैसला महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

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