UPSC Cheating Case: सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति सत्येश चंद्र शर्मा की पीठ ने बुधवार को पूजा खेड़करी की अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली सरकार और यूपीएससी को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने आदेश दिया कि पूजा खेड़करी को अगले सुनवाई तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। इस मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।
पूजा खेड़करी ने अपनी बेगुनाही का किया दावा
पूजा खेड़करी ने अदालत में यह भी तर्क प्रस्तुत किया कि उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह एक अविवाहित और दिव्यांग महिला हैं। पूजा खेड़करी पर आरोप है कि उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आरक्षण का लाभ लेने के लिए झूठी जानकारी दी थी।
पूजा खेड़करी पर आरोप और उनके बचाव का मामला
पूजा खेड़करी पर यह आरोप है कि उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आरक्षण के लाभ के लिए अपनी श्रेणी से संबंधित झूठी जानकारी दी। यह मामला काफी विवादास्पद हो गया है, और इसके बाद पूजा ने अपनी बेगुनाही को लेकर कोर्ट में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और उनके पास कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई
पूजा खेड़करी की अग्रिम जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 14 फरवरी को होगी। इस दौरान कोर्ट ने पूजा को गिरफ्तारी से राहत दी है। इस मामले में दिल्ली सरकार और यूपीएससी से जवाब मांगा गया है।
यह मामला न केवल पूजा खेड़करी की बेगुनाही की लड़ाई है, बल्कि यह परीक्षा में आरक्षण के नियमों और उनसे संबंधित गड़बड़ियों पर भी सवाल उठाता है। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही यह साफ हो पाएगा कि पूजा को इस आरोप से राहत मिलती है या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट ने पूजा खेड़करी को राहत दी है और उन्हें 14 फरवरी तक गिरफ्तारी से बचा लिया है। यह मामला अब कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मोड़ पर है और आने वाले दिनों में इसकी अगली सुनवाई में ही इसका अंतिम फैसला होगा।