UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को खोराबार क्षेत्र में नगर निगम द्वारा निर्मित पहले कल्याण मंडपम का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने नगर निगम के 102.71 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन विकास कार्यों में 76.40 करोड़ रुपये के कार्यों का शिलान्यास और 26.31 करोड़ रुपये के कार्यों का उद्घाटन शामिल है।
कल्याण मंडपम की विशेषताएँ और लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोऱखपुर का यह कल्याण मंडपम राज्य के सभी जिलों के लिए एक आदर्श बन जाएगा। यहां गरीब बेटियों की शादी और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए पांच सितारा होटलों जैसी सुविधाएँ केवल 11 हजार रुपये में उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, सफाईकर्मियों और अन्य सामान्य कर्मचारियों की बेटियों की शादी के लिए भी यह कल्याण मंडपम उसी राशि में बुक किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने विधायक निधि से पांच कल्याण मंडपम के लिए धनराशि दी है। गोऱखपुर नगर निगम क्षेत्र में सात कल्याण मंडपम बन रहे हैं, जो अगले कुछ महीनों में पूरी तरह से उपलब्ध हो जाएंगे। इन कल्याण मंडपमों में 500 लोगों की क्षमता तक के मांगलिक कार्य आसानी से संपन्न किए जा सकेंगे।
पशुओं के मृत शरीर के लिए इलेक्ट्रिक शवदाह गृह
मुख्यमंत्री ने नगर निगम द्वारा मृत पशुओं के निपटान के लिए बनाए गए इलेक्ट्रिक शवदाह गृह का भी उद्घाटन किया। इस शवदाह गृह में मृत पशुओं का शोक विले की एक निर्धारित अवधि में किया जाएगा, जिससे पर्यावरणीय संकट कम होगा और शहर में साफ-सफाई की स्थिति में भी सुधार होगा।
स्वच्छता पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी
स्वच्छता के संबंध में मुख्यमंत्री ने स्वच्छता पर आधारित कॉमिक्स की सराहना की और कहा कि इन्हें हर स्कूल में वितरित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले 40 वर्षों में गोऱखपुर में गंदगी के कारण मौतें हुई हैं। यहां के बच्चों की premature death की एक मुख्य वजह गंदगी ही थी। तालाबों का भरना, नालियों का जाम होना और कहीं भी कूड़ा फेंकना आम बात हो गई थी। इन कारणों से दिमागी बुखार जैसी बीमारियाँ फैलीं और इससे कई मौतें हुईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब गोऱखपुर के लोगों ने स्वच्छता को लेकर संजीदगी दिखाई, तब जाकर गोऱखपुर से दिमागी बुखार का खतरा खत्म हुआ। स्वच्छ भारत मिशन और डबल इंजन सरकार के परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करें और स्वच्छता को प्राथमिकता दें।
खोराबार टाउनशिप और मेडिसिटी प्रोजेक्ट की जानकारी
मुख्यमंत्री ने खोराबार टाउनशिप और मेडिसिटी परियोजना का भी जिक्र किया और बताया कि इस परियोजना के तहत विभिन्न श्रेणियों के घर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, प्लॉट्स भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने मिनी MIG घर की जानकारी दी, जिसका मूल्य 28 लाख रुपये है, और LIG घर की कीमत 16 लाख रुपये रखी गई है। यह योजना गोऱखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी।
गोऱखपुर में हो रहे विकास की नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोऱखपुर हर दिन नए विकास मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम स्वच्छता के नए मानक भी स्थापित करें। मुख्यमंत्री ने तकीयाघाट नाले का उदाहरण दिया, जहाँ नाला अब राप्ती नदी में गिरने के बजाय प्राकृतिक तरीके से उपचारित किया जा रहा है। इस परियोजना से अब गंदे नाले का पानी राप्ती नदी में नहीं गिरेगा, और यह पानी कृषि कार्यों में उपयोगी भी हो सकता है।
गोऱखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए जा रहे मिनी MIG फ्लैट्स
मुख्यमंत्री ने गोऱखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा खोराबार टाउनशिप और मेडिसिटी योजना के तहत बनाए जा रहे मिनी MIG फ्लैट्स का मॉडल भी निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना के निर्माण कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया।
मुख्यमंत्री की विकास योजनाओं पर बल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि गोऱखपुर की विकास यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है और इन विकास कार्यों के माध्यम से यह शहर और भी विकसित होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता की दिशा में कार्य करें और इसका हिस्सा बनें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा और उद्घाटन कार्य गोऱखपुर के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। जहां एक ओर कल्याण मंडपम जैसी सुविधाएं गरीबों और सामान्य कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्वच्छता और पर्यावरणीय सुरक्षा की दिशा में भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। गोऱखपुर में चल रही विकास योजनाएं शहर को एक नई दिशा और पहचान दे रही हैं। मुख्यमंत्री का यह योगदान न केवल गोऱखपुर बल्कि पूरे प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।