UP ByElection 2024: यूपी के 9 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के प्रचार का समय अब समाप्ति की ओर है। इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं से अपील की है। उन्होंने कहा कि ये उपचुनाव उत्तर प्रदेश के भविष्य का निर्धारण करेंगे।
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “प्रिय उत्तर प्रदेश के निवासियों और मतदाताओं, उत्तर प्रदेश को स्वतंत्रता के बाद का सबसे कठिन उपचुनाव देखने को मिलेगा। यह केवल उपचुनाव नहीं हैं, ये चुनाव हैं, जो उत्तर प्रदेश का भविष्य तय करेंगे। इन उपचुनावों में लोकसभा 2024 चुनावों की तरह ही सभी 9 सीटों पर पीडीए समाज एकजुट होकर बीजेपी की नकारात्मक राजनीति को हराने और संविधान, लोकतंत्र, आरक्षण और सामाजिक न्याय की संघर्ष को बचाने के लिए एकजुट है।”
पीडीए समाज की एकजुटता और बीजेपी के खिलाफ संघर्ष
अखिलेश यादव ने आगे लिखा, “पीडीए फिर से बीजेपी की महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और नफरत की राजनीति से छुटकारा पाने के लिए एकजुट हो गया है, क्योंकि अब इसके सामने एक स्पष्ट लक्ष्य है – ‘अपना खुद का सरकार बनाना’, जिसका मतलब है ‘पीडीए सरकार बनाना’। अब तक पीडीए दूसरों की सरकार बनाता आया है, लेकिन अब पीडीए अपनी खुद की सरकार बनाएगा, ताकि वह अपने अधिकारों और सुविधाओं को प्राप्त कर सके।”
युवाओं, किसानों और समाज के हर वर्ग से अपील
अखिलेश यादव ने पोस्ट में लिखा, “उत्तर प्रदेश का हर युवा, हर किसान-मजदूर, हर व्यापारी-कारोबारी, हर कलाकार-खिलाड़ी, हर गरीब, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक, आदिवासी और आधी आबादी की प्रतिनिधि हर लड़की, हर महिला और ‘आगे वाले में से पिछड़ा’, हर शोषित और वंचित समाज का व्यक्ति, यानी पूरा पीडीए समाज अब हर गांव और गली में अपनी आवाज़ उठा रहा है और कह रहा है: हम पूरे देश में पीडीए का ध्वज फहराएंगे, हम अपनी सरकार बनाएंगे!”
चुनाव के लिए 100% सावधानी बरतने की अपील
अखिलेश यादव ने अंत में कहा, “आप सभी से मेरी अपील है: 100% वोट डालें, 100% सावधान रहें! जब तक विजय का प्रमाण आपके हाथों में न हो, तब तक आराम न करें! आपका अखिलेश।” इस पोस्ट के साथ अखिलेश यादव ने एक तस्वीर भी साझा की है, जिसमें वह एक सार्वजनिक सभा के दौरान होर्डिंग पर नजर आ रहे हैं।
समाजवादी पार्टी की रणनीति और चुनावी प्रचार
अखिलेश यादव ने इस पोस्ट के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि आगामी उपचुनाव सिर्फ चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी और पीडीए समाज के लिए एक बड़ा संघर्ष है, जो बीजेपी की नीतियों और उनके द्वारा उत्पन्न की गई सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के खिलाफ है। उनका यह संदेश यूपी के हर वर्ग को जोड़ने और एकजुट करने के उद्देश्य से था।
इस तरह के चुनावी प्रचार से यह साफ हो जाता है कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाना है, खासकर उन वर्गों को जिनके बारे में उनका मानना है कि बीजेपी की सरकार में उनकी अनदेखी हुई है। पीडीए समाज की ताकत और एकता को अखिलेश यादव ने अपनी अपील का मुख्य केंद्र बनाया, ताकि उनके समर्थक पूरी शक्ति के साथ चुनाव में भाग लें और एक निर्णायक जीत हासिल करें।
अखिलेश यादव का यह आह्वान यूपी के राजनीतिक माहौल को आकार देने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उनका संदेश न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह राज्य के चुनावी भविष्य को लेकर भी एक गहरी छाप छोड़ने वाला है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह आखिरी दांव उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्या बदलाव लाता है।