UP Bulldozer Action: संबल में अतिक्रमण हटाने की मुहिम फिर से सक्रिय हो गई है। नगर निगम द्वारा अगले दो-तीन दिनों में बुलडोज़र चलाए जाने की संभावना है। यह अभियान शहर के प्रमुख क्षेत्रों में उन स्थानों पर शुरू किया जाएगा, जहां लंबे समय से अवैध निर्माण और अतिक्रमण की समस्या रही है।
अतिक्रमण हटाने की मुहिम का नया दौर
अतिक्रमण हटाने की मुहिम को लेकर प्रशासन फिर से सक्रिय हो गया है। डिप्टी कलेक्टर विनय कुमार मिश्रा द्वारा नवंबर 8 से इस अभियान की शुरुआत की गई थी। इस दौरान सड़क और नाले पर बने दुकानों को बुलडोज़र से तोड़ा गया और स्लैब, टिन शेड जैसे अतिक्रमणों को भी हटाया गया। हालांकि, यह अभियान 16 दिनों तक चला और फिर डिप्टी कलेक्टर का कुंभ मेला यात्रा पर जाना हुआ, जिसके बाद अभियान रुक गया।
अभियान के रुकने के बाद फिर से बढ़े अतिक्रमण
अतिक्रमण हटाने के अभियान के रुकने के बाद, कुछ स्थानों पर फिर से अतिक्रमण होने लगे हैं। कुछ लोगों ने हटाए गए अतिक्रमण को फिर से लगाने की कोशिश की है। इस कारण उन लोगों में नाराजगी बढ़ गई है, जिन्होंने पहले अतिक्रमण हटाया था।
शहर के विभिन्न इलाकों में अवैध निर्माणों के कारण समस्याएं बनी हुई हैं। इसे ध्यान में रखते हुए नगर पालिका और प्रशासन ने इस अभियान को फिर से चलाने का निर्णय लिया है। नगर निगम के ईओ कृष्ण कुमार सोनकर ने बताया कि हाल ही में नगर निगम की टीम ने drain पर बनी अवैध दुकानों को बुलडोज़र से तोड़ा था, लेकिन पिछले दस दिनों से इस अभियान में रुकावट आ गई थी। अब, जल्द ही दो-तीन दिनों में यह अभियान फिर से शुरू किया जाएगा।
लक्ष्मणगंज में चल रहा है कूप खुदाई कार्य
ईओ कृष्ण कुमार सोनकर ने बताया कि इस समय नगर निगम के कर्मचारियों और श्रमिकों को लक्ष्मणगंज में कूप खुदाई के काम में व्यस्त किया गया है, जिस कारण अतिक्रमण हटाने का अभियान नहीं चलाया जा सका है। लेकिन अब जल्द ही दो-तीन दिनों में अतिक्रमण हटाने की मुहिम को फिर से शुरू किया जाएगा।
अतिक्रमण हटाने का अभियान मुख्य रूप से शहर के उन क्षेत्रों में चलेगा, जहां अवैध निर्माण और अतिक्रमण की समस्या गंभीर हो चुकी है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान अब और तेज़ी से चलेगा ताकि अतिक्रमण से मुक्ति मिल सके और शहर की स्वच्छता और व्यवस्था में सुधार हो सके।
धार्मिक महत्व के मद्देनज़र, Sambhal को पर्यटन नगर बनाने की आवश्यकता
संबल में धार्मिक महत्व को देखते हुए इसे एक प्रमुख पर्यटन नगर बनाने की आवश्यकता की बात भी सामने आई है। हाल ही में श्री चामुंडा देवी मंदिर, हल्लू सराय क्षेत्र में 24 कोसीय मासिक परिक्रमा समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 2025 का मासिक परिक्रमा कैलेंडर जारी किया गया और परिक्रमा को और अधिक भव्य बनाने पर चर्चा की गई।
24 कोसीय मासिक परिक्रमा का महत्व
बैठक में यह बताया गया कि श्री कALKी नगरी Sambhal के 68 तीर्थ स्थलों और 19 बावड़ियों की 24 कोसीय मासिक परिक्रमा हर महीने के पहले रविवार को लगातार 2023-2024 तक आयोजित की जा रही है। इस परिक्रमा का उद्देश्य प्राचीन तीर्थ स्थलों को जागरूक करना और उन्हें पुनः प्रचलित करना है। इस मासिक परिक्रमा के सफल आयोजन के बाद, 2025 के मासिक परिक्रमा कैलेंडर का विमोचन किया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी मासिक परिक्रमा को और भव्यता से मनाया जाएगा, ताकि इसे और अधिक प्रचारित किया जा सके और अधिक संख्या में लोग इस धार्मिक परंपरा से जुड़ सकें।
संबल में अतिक्रमण हटाने की मुहिम एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शहर में स्वच्छता और कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुधारने में मदद करेगा। प्रशासन की योजना है कि इस अभियान को जल्द से जल्द पुनः शुरू किया जाए ताकि अतिक्रमण की समस्या का समाधान हो सके। इसके अलावा, धार्मिक महत्व को देखते हुए Sambhal को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को विश्व स्तर पर पहचान मिल सके।