Gorakhpur के खोराबार में दिनदहाड़े दो बहनों से छेड़छाड़ और अपहरण की कोशिश, तीन आरोपी गिरफ्तार

Gorakhpur के खोराबार में दिनदहाड़े दो बहनों से छेड़छाड़ और अपहरण की कोशिश, तीन आरोपी गिरफ्तार

Gorakhpur के खोराबार इलाके में शनिवार की शाम एक खौफनाक घटना सामने आई जब बदमाशों ने सगी बहनों को छेड़खानी के बाद जबरन कार में बिठाने की कोशिश की। ये दोनों बहनें कोचिंग से घर लौट रही थीं जब स्कॉर्पियो सवार तीन बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। भीड़ ने जब बदमाशों को घेर लिया, तो वे वहां से भाग निकले। यह घटना दिनदहाड़े हुई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

कोचिंग जाते समय रोज होती थी छेड़खानी

पीड़ित परिवार ने बताया कि यह पहली बार नहीं था जब इन लड़कियों के साथ छेड़खानी की गई। पीड़ित बहनें खोराबार  इलाके के एक गांव की निवासी हैं और रोज़ इंजीनियरिंग कॉलेज में कोचिंग के लिए जाती हैं। कोचिंग आते-जाते समय तीन से चार युवकों द्वारा लगातार छेड़खानी की जाती थी। युवक उन्हें शादी के लिए बात करने की धमकी भी देते थे और कई बार भद्दे कमेंट्स भी करते थे।

घटना के दिन का विवरण

शनिवार की शाम करीब 6:30 बजे दोनों बहनें कोचिंग से लौट रही थीं जब अचानक तीन बदमाश एक स्कॉर्पियो कार में आए और उन्हें परेशान करने लगे। उन्होंने न सिर्फ छेड़खानी की, बल्कि उन्हें जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बिठाने की कोशिश भी की।

जब दोनों बहनों ने इसका विरोध किया और जोर से चिल्लाईं, तो आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। भीड़ को देख बदमाश घबरा गए और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर वहां से भाग निकले। दोनों बहनें तुरंत घर पहुंचीं और अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी।

पुलिस ने की तेज़ी से कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही खोराबार  पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पीड़ित लड़कियों की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छेड़खानी और POCSO एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

Gorakhpur के खोराबार में दिनदहाड़े दो बहनों से छेड़छाड़ और अपहरण की कोशिश, तीन आरोपी गिरफ्तार

रविवार को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनीष गुप्ता, निवासी राघोपुर, चौरिचौरा; अनूप गुप्ता, निवासी सिरजम चौक, गौरी बाज़ार, देवरिया और शुभम गुप्ता, निवासी मोतीराम अड्डा, झंगहा के रूप में हुई है।

आरोपियों को भेजा गया जेल

खोराबार  पुलिस ने सभी आरोपियों को रविवार को अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी से इलाके में कुछ हद तक शांति महसूस की गई, लेकिन घटना से पहले फैले डर और दहशत का माहौल अभी भी बरकरार है।

पीड़ित परिवार का दर्द

पीड़ित परिवार ने बताया कि उनके लिए यह घटना बेहद डरावनी थी। लड़कियों के पिता किसी अन्य जिले में पुलिस में तैनात हैं। उनकी मां ने कहा कि उनकी बेटियां कोचिंग जा रही थीं ताकि वे अपने भविष्य को संवार सकें, लेकिन बदमाशों की इस हरकत ने उनके जीवन को संकट में डाल दिया।

पीड़ित मां ने पुलिस से मांग की कि ऐसे दरिंदों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आगे कोई और लड़की इस तरह की घटना का शिकार न हो। उन्होंने पुलिस की तेज कार्रवाई की सराहना की, लेकिन यह भी कहा कि घटना ने उनके परिवार को मानसिक रूप से बुरी तरह प्रभावित किया है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश

इस घटना के बाद खोराबार  और आसपास के इलाकों में गुस्से की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग दिनदहाड़े हुए इस साहसिक कृत्य पर नाराजगी जता रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि पुलिस ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

एक स्थानीय निवासी, राकेश यादव, ने कहा, “यह घटना हमारे इलाके के लिए शर्मनाक है। हमें लगता था कि हमारे क्षेत्र में लड़कियां सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने हमें झकझोर कर रख दिया है।”

पुलिस की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था

इस घटना के बाद पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों को आश्वासन दिया गया है कि पुलिस इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने कहा, “हमें कोचिंग से लौट रही दो बहनों के साथ छेड़खानी की सूचना मिली थी। पुलिस ने तुरंत कार का पता लगाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपी आपस में दोस्त हैं और कार मनीष की है। सभी को जेल भेज दिया गया है।”

लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं

इस घटना के बाद क्षेत्र में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कई अभिभावकों ने अपनी बेटियों की सुरक्षा के बारे में चिंता व्यक्त की है। कुछ अभिभावकों ने कहा कि वे अब अपनी बेटियों को अकेले बाहर भेजने से डरने लगे हैं।

स्कूल और कोचिंग संचालकों की जिम्मेदारी

इस घटना के बाद कोचिंग संस्थानों और स्कूलों के संचालकों पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई लोग यह मांग कर रहे हैं कि कोचिंग के समय के बाद बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। साथ ही, कोचिंग संस्थानों के बाहर पुलिस की नियमित गश्त की भी मांग की जा रही है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

महिला सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित

इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ध्यान आकर्षित किया है। सरकार और पुलिस प्रशासन पर अब यह जिम्मेदारी है कि वे इस मामले में कड़ी कार्रवाई करें और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करें।

समाज की भूमिका

समाज को भी इस दिशा में अपनी भूमिका निभानी होगी। महिलाओं के साथ हो रही छेड़खानी और उत्पीड़न के मामलों में चुप रहना अपराध को बढ़ावा देता है। लोगों को ऐसे मामलों में पुलिस को तुरंत सूचना देनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करनी चाहिए।

गोरखपुर के खोराबार  इलाके में हुई यह घटना समाज के सामने एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरी है। प्रशासन ने समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन यह घटना एक चेतावनी है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए और भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। पीड़ित परिवार ने न्याय की उम्मीद जताई है और समाज के हर वर्ग से ऐसी घटनाओं के खिलाफ खड़े होने की अपील की है।

महिलाओं की सुरक्षा के प्रति समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है, और यह घटना यह स्पष्ट करती है कि इस दिशा में और प्रयासों की आवश्यकता है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *