भोजपुरी सिनेमा की स्टार Akshara Singh को धमकी देने और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए पुलिस ने आरोपी कुंदन कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी बिहार के आरा जिले का निवासी है और भोजपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह कार्रवाई अक्षरा सिंह की लिखित शिकायत पर की है।
धमकी देने की घटना का विवरण
अक्षरा सिंह, जो पटना के दानापुर थाना क्षेत्र में रहती हैं, ने 11 नवंबर की रात करीब 12:20 बजे दो अलग-अलग फोन नंबरों से धमकी भरी कॉल्स प्राप्त की थीं। इन कॉल्स में उन्हें न सिर्फ गाली-गलौज की गई, बल्कि उन्हें 50 लाख रुपये की रंगदारी भी दी गई। इसके अलावा, कॉल करने वाले ने यह धमकी भी दी कि अगर उन्होंने पैसे नहीं दिए, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
अक्षरा सिंह ने इस घटना की शिकायत तुरंत पुलिस से की और इसके बाद जांच शुरू हुई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश शुरू की और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में आया नया खुलासा
इस मामले की जांच के दौरान डानापुर ASP भानु प्रताप सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी ने कॉल शराब के नशे में की थी। आरोपी ने जिस नंबर से धमकी दी थी, वह उसके नाम पर पंजीकृत था। पुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ की, तो पता चला कि वह पहले भी कई बार शराब के नशे में गिरफ्तार हो चुका है और उसे एक बार नवादा जिले में आर्म्स एक्ट के तहत भी जेल भेजा जा चुका है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने जो फोन नंबर इस्तेमाल किया था, वह उसके नाम पर ही पंजीकृत था। पुलिस ने इस फोन से मिले सबूतों के आधार पर आरोपी कुंदन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया।
आरोपी की गिरफ्तारी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी कुंदन कुमार सिंह से और भी पूछताछ की। उसने बताया कि वह अक्षरा सिंह से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। उसकी मानसिक स्थिति की जांच के दौरान यह भी पता चला कि उसने यह धमकी शराब पीकर दी थी, जिससे उसकी सोच और व्यवहार पर असर पड़ा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी से यह मामला जल्द ही सुलझा लिया जाएगा और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
अक्षरा सिंह का बयान
अक्षरा सिंह ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि उन्हें इस तरह की धमकियों से पहले कभी सामना नहीं करना पड़ा था। वह एक प्रसिद्ध भोजपुरी अभिनेत्री हैं और उनकी पहचान के कारण उन्हें कई बार इस तरह की धमकियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि, इस बार मामले की गंभीरता ने उन्हें पुलिस से मदद लेने के लिए मजबूर किया।
अक्षरा सिंह ने यह भी कहा कि उन्हें इस तरह की घटनाओं से डरने की बजाय इसे सामने लाने की जरूरत है ताकि समाज में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने पुलिस का धन्यवाद किया और कहा कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की है।
पुलिस की कार्रवाई और भविष्य की योजना
इस गिरफ्तारी से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, और उन्होंने यह साफ किया है कि अब इस तरह के मामलों में कोई भी आरोपी बचने नहीं पाएगा। डानापुर ASP भानु प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी के संपर्क में अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने यह भी कहा कि इस मामले में और सबूत जुटाए जाएंगे, जिससे आरोपी को सजा दिलाने में मदद मिलेगी।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है और जल्द ही उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस इस तरह के अपराधों से सख्ती से निपटेगी और समाज में सुरक्षा का माहौल बनाए रखेगी।
रंगदारी मांगने की घटनाओं पर नजर
इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि रंगदारी मांगने की घटनाएं न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री बल्कि सामान्य लोगों के बीच भी बढ़ रही हैं। अक्षरा सिंह के मामले में भी रंगदारी मांगने की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई की, लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या इस तरह की घटनाओं को पूरी तरह से रोका जा सकता है?
अक्षरा सिंह की रंगदारी मांगने की घटना ने समाज में यह चिंता पैदा की है कि इस प्रकार के अपराध फिल्म इंडस्ट्री के नाम पर हो रहे हैं, लेकिन क्या यह सिर्फ फिल्मी सितारों तक सीमित है या समाज के अन्य हिस्सों में भी ऐसे अपराध हो रहे हैं? पुलिस को इस पर भी गंभीरता से विचार करना होगा और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।
अक्षरा सिंह को धमकी देने वाला आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है और यह मामला जल्द ही सुलझ जाएगा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और इस मामले को एक बड़ी सफलता के रूप में प्रस्तुत किया। अक्षरा सिंह ने भी पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और समाज में इस प्रकार के अपराधों को लेकर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि यदि अपराधियों को समय रहते पकड़ लिया जाए तो अपराधों को रोका जा सकता है, लेकिन इसके लिए समाज के सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा।