Tesla: दुनिया के दिग्गज उद्योगपति एलोन मस्क की कंपनी टेस्ला अब भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। पिछले साल दिसंबर में खबर आई थी कि Tesla दिल्ली में एक स्थान की तलाश कर रही है, जहां वह अपना शोरूम खोलने की योजना बना रही है। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद एलोन मस्क की कंपनी ने भारत में भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Tesla ने अपनी भर्ती के लिए लिंक्डइन पर एक विज्ञापन जारी किया है, जिसमें कंपनी ने 13 पदों के लिए उम्मीदवारों को आमंत्रित किया है। इस भर्ती प्रक्रिया में कस्टमर-फेसिंग और बैक-एंड दोनों तरह के पद शामिल हैं। टेस्ला दिल्ली और मुंबई में 5-5 लोगों की आवश्यकता है। यह भर्ती कंसल्टेंट और सर्विस टेक्नीशियन के पदों के लिए की जा रही है। वहीं, मुंबई के लिए कस्टमर एंगेजमेंट मैनेजर और डिलीवरी ऑपरेशन स्पेशलिस्ट के पदों के लिए भी भर्ती की जाएगी।
Tesla की भारतीय फैक्ट्री के लिए जगह की तलाश
भारत में अपना कारोबार शुरू करने के साथ-साथ टेस्ला ने भारत में अपनी फैक्ट्री स्थापित करने की योजना बनाई है। कंपनी अब इसके लिए उपयुक्त भूमि की तलाश कर रही है। टेस्ला ने उन राज्यों पर ध्यान केंद्रित किया है जो ऑटोमोटिव हब के रूप में जाने जाते हैं, जैसे कि महाराष्ट्र, गुजरात, और तमिलनाडु। इन राज्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। माना जा रहा है कि भारत में टेस्ला अपनी फैक्ट्री पर लगभग तीन बिलियन डॉलर का निवेश करेगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, टेस्ला अपनी सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार भारत में बनाएगी, जिसकी कीमत लगभग 20 लाख रुपये हो सकती है। इससे पहले यह भी खबर आई थी कि कंपनी ने पुणे में भी अपना एक कार्यालय खोला है।
दिल्ली और मुंबई में शोरूम की योजना
टेस्ला अपने कारोबार को भारत में बढ़ाने के लिए दिल्ली और मुंबई में शोरूम खोलने की योजना बना रही है। कंपनी दिल्ली और इसके आसपास एक उपयुक्त स्थान की तलाश कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टेस्ला और डीएलएफ के बीच बातचीत चल रही है, और यह दोनों कंपनियां दिल्ली में कंज्यूमर एक्सपीरियंस सेंटर बनाने के लिए विचार कर रही हैं। इसके लिए टेस्ला को 3,000 से 5,000 वर्ग फीट तक का स्थान चाहिए। इसके साथ ही, टेस्ला को डिलीवरी और सर्विस ऑपरेशंस के लिए तीन गुना बड़ा स्थान भी चाहिए।
इस सेंटर में ग्राहक टेस्ला की कारों का अनुभव कर सकेंगे, और साथ ही उनकी डिलीवरी और सर्विस से जुड़ी सुविधाओं का भी लाभ उठा सकेंगे। इससे भारतीय उपभोक्ताओं को टेस्ला के वाहनों और सेवाओं के बारे में बेहतर जानकारी और अनुभव मिलेगा।
भारत सरकार द्वारा कस्टम ड्यूटी में कमी
भारत में टेस्ला के कारोबार की शुरुआत की खबरें सालों से आ रही थीं, लेकिन अब एलोन मस्क ने सक्रिय कदम उठाया है। कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एलोन मस्क के बीच अमेरिका में मुलाकात हुई थी। इसके बाद टेस्ला ने भारत में कदम रखने की योजना तेज कर दी है।
टेस्ला ने भारत में अपने कारोबार को लेकर कस्टम ड्यूटी की ऊंची दरों के कारण पहले किनारा किया था। लेकिन अब भारत सरकार ने कस्टम ड्यूटी में कमी की है। सरकार ने 40,000 अमेरिकी डॉलर से ज्यादा कीमत वाली कारों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 110 प्रतिशत से घटाकर 70 प्रतिशत कर दिया है। इस कदम से टेस्ला को भारत में अपनी कारों की बिक्री में आसानी होगी और उसकी कीमतें भी उपभोक्ताओं के लिए अधिक सुलभ हो सकेंगी।
भारत में टेस्ला के आगमन से होगा बड़े बदलाव
भारत में टेस्ला के कदम रखने से कई बड़े बदलाव हो सकते हैं। सबसे पहले, इससे इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के क्षेत्र में एक नया परिवर्तन देखने को मिल सकता है। टेस्ला की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार का भारत में लॉन्च होने से भारतीय उपभोक्ताओं के लिए यह एक बड़ा अवसर होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो इको-फ्रेंडली और लागत में किफायती वाहन चाहते हैं।
इसके अलावा, भारत में ऑटोमोटिव इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलेगा। टेस्ला जैसी बड़ी कंपनी के प्रवेश से भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे घरेलू कंपनियों को भी अपनी तकनीक और उत्पादों में सुधार करने का दबाव पड़ेगा। इसके साथ ही, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, क्योंकि टेस्ला की फैक्ट्री और शोरूम के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी मिल सकती है।
एलोन मस्क की कंपनी टेस्ला का भारत में आगमन एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल भारत की ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए बल्कि भारतीय उपभोक्ताओं के लिए भी एक बड़ा अवसर है। टेस्ला की सस्ती इलेक्ट्रिक कारों के आने से भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ सकती है और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी उत्पन्न हो सकती है। टेस्ला का भारतीय बाजार में कदम रखना भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग के लिए एक नया अध्याय होगा, जो तकनीकी दृष्टिकोण से भी बहुत लाभकारी साबित होगा।