Gorakhpur में ध्वनि प्रदूषण और अवैध लाउडस्पीकरों के खिलाफ प्रशासन ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति के लगाए गए लाउडस्पीकरों को हटाना और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण पाना है। इस अभियान का नेतृत्व जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने किया, जो पूरे जिले में निरीक्षण करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सक्रिय रहे।
अभियान की शुरुआत
गोरखपुर में अवैध लाउडस्पीकरों को हटाने के लिए यह विशेष अभियान गुरुवार की सुबह 4 बजे शुरू हुआ। जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश और SSP डॉ. गौरव ग्रोवर ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने उन धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की जांच की, जहां बिना अनुमति के लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल हो रहा था। अधिकारियों ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि तेज आवाज में बज रहे लाउडस्पीकरों को तत्काल हटाया जाए और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई की प्रक्रिया
अभियान के दौरान, DM और SSP ने विशेष रूप से धार्मिक स्थलों पर ध्यान केंद्रित किया, जहां लाउडस्पीकरों की आवाज़ को मानकों के अनुरूप नहीं रखा जा रहा था। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि लाउडस्पीकरों का प्रयोग केवल अनुमति प्राप्त स्थलों पर हो और उनकी आवाज़ निर्धारित ध्वनि मानकों के भीतर हो, ताकि ध्वनि प्रदूषण से बचा जा सके।
गोरखपुर शहर में यह कार्रवाई पहले भी की गई थी, लेकिन कुछ स्थानों पर अवैध लाउडस्पीकरों के प्रयोग की शिकायतें लगातार आ रही थीं। इस बार प्रशासन ने और अधिक सख्ती से अभियान चलाया और अवैध लाउडस्पीकरों को तुरंत हटाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी।
नागरिकों से अपील
जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश और SSP डॉ. गौरव ग्रोवर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध लाउडस्पीकरों के बारे में तुरंत प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा, “हम यह अभियान नागरिकों की सुविधा और शांति बनाए रखने के लिए चला रहे हैं।” इस दौरान अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के तहत, प्रशासन ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि गोरखपुर को ध्वनि प्रदूषण से मुक्त रखना उनकी प्राथमिकता है। शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है, और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कहीं भी अवैध लाउडस्पीकरों का उपयोग न हो।
गोरखपुर में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण
गोरखपुर जैसे बड़े शहरों में जहां भीड़-भाड़ और शोर-शराबा अधिक होता है, वहां ध्वनि प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है। खासकर धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकरों के अत्यधिक उपयोग से यह समस्या और बढ़ जाती है। इन लाउडस्पीकरों के द्वारा उत्पन्न होने वाली तेज आवाजें न केवल नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं, बल्कि यह शांति और व्यवस्था को भी प्रभावित करती हैं।
इसी कारण प्रशासन ने यह अभियान शुरू किया है, ताकि ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके और गोरखपुर में एक शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा जा सके। अभियान के तहत अवैध लाउडस्पीकरों को हटाने के अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिन लाउडस्पीकरों का उपयोग अनुमति प्राप्त है, उनकी आवाज़ निर्धारित ध्वनि मानकों के भीतर हो।
पहले भी हुई कार्रवाई
इससे पहले भी गोरखपुर पुलिस और प्रशासन की टीम ने अवैध लाउडस्पीकरों के खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन फिर भी कुछ क्षेत्रों से लाउडस्पीकरों की तेज आवाज की शिकायतें आ रही थीं। इसे देखते हुए प्रशासन ने इस बार अभियान को और भी सख्ती से लागू किया। अब प्रशासन की योजना है कि जिले भर में सभी अवैध लाउडस्पीकरों को हटाने के बाद नियमित निरीक्षण किया जाए, ताकि कोई भी नियमों का उल्लंघन न कर सके।
सुरक्षा और शांति की ओर एक कदम
यह विशेष अभियान न केवल प्रशासन द्वारा लागू किए जा रहे नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि इसका उद्देश्य गोरखपुर में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और नागरिकों को एक शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करना भी है। प्रशासन का यह कदम गोरखपुर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा, यह कदम गोरखपुर के नागरिकों के लिए एक चेतावनी भी है कि वे किसी भी प्रकार की ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों में शामिल न हों और अगर वे किसी अवैध लाउडस्पीकर का प्रयोग होते हुए देखें, तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
प्रशासनिक सख्ती के साथ नागरिकों का सहयोग
गोरखपुर प्रशासन का यह अभियान एक बार फिर यह साबित करता है कि जब प्रशासन और नागरिक मिलकर काम करते हैं, तो किसी भी प्रकार के अवैध कार्य को रोका जा सकता है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि इस अभियान के बाद शहर में कहीं भी अवैध लाउडस्पीकरों का प्रयोग न हो, और अगर कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर में अवैध लाउडस्पीकरों के खिलाफ चलाया गया यह विशेष अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान के जरिए प्रशासन ने शहर में शांति बनाए रखने और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। नागरिकों का सहयोग और प्रशासन की सख्ती इस अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।