Sonbarsa accident: बिजली विभाग की लापरवाही से हुई दर्दनाक दुर्घटना, तीन मासूमों की मौत

Sonbarsa accident: बिजली विभाग की लापरवाही से हुई दर्दनाक दुर्घटना, तीन मासूमों की मौत

Sonbarsa accident: गोरखपुर जिले के सोनबरसा इलाके में एक हाई टेंशन वायर के टूटने से हुआ दर्दनाक हादसा, जिसने एक परिवार को शोक के गहरे सागर में डुबो दिया। रविवार की शाम को घटित इस हादसे में एक पिता और उसकी दो बेटियां, जिनकी उम्र केवल 3 और 9 साल थी, बिजली के करंट की चपेट में आकर मौत के मुंह में समा गए। इस दर्दनाक घटना ने ना केवल उस परिवार के जीवन को तबाह किया, बल्कि पूरे इलाके में बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटनास्थल पर क्या हुआ?

सोनबरसा के विशुनपुर खुर्द गांव के निवासी हीरा निषाद (65) रविवार शाम को अपने बेटे शिवराज निषाद (25) और दो पोतियों के साथ बाइक पर जा रहे थे। हीरा निषाद ने बताया कि रास्ते में एक किराना दुकान से सामान लेने के लिए वह बाइक से उतरे थे और अपने बेटे शिवराज को नहर के किनारे मुड़ने के लिए कहा था। जैसे ही वह सामान लेकर लौटे, उन्होंने देखा कि उच्च-तनाव वाली तार उनके बेटे और पोतियों के ऊपर गिर गई थी। तार के गिरते ही सभी तीनों लोग बुरी तरह से जलने लगे। हीरा निषाद ने शोर मचाया और मदद की गुहार लगाई, लेकिन यह सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि वह अपने परिवार को बचा नहीं पाए। उनके सामने उनके बेटे और पोतियां जलकर राख हो गईं। यह दृश्य उनके लिए बहुत ही दर्दनाक था और उन्होंने कहा कि यह हादसा उनके जीवन का सबसे कष्टकारी पल था।

Sonbarsa accident: बिजली विभाग की लापरवाही से हुई दर्दनाक दुर्घटना, तीन मासूमों की मौत

शवों का पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार

हादसे के बाद सोमवार को पोस्टमॉर्टम के लिए शवों को भेजा गया। शिवराज निषाद, उनकी 3 साल की बेटी अंजू और 9 साल की बेटी अदिति के शव सुबह उनके घर पहुंचे। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी। हीरा निषाद ने अपने बेटे को पास के मदापर फरेंन नाले के पास अग्नि को समर्पित किया, जबकि पोतियों को कांपते हाथों से दफनाया। इस दौरान चौरिचौरा विधायक श्रीमती श्रवण निषाद, चौरिचौरा एसडीएम प्रशांत वर्मा, और केंट कोतवाली के सीओ योगेंद्र सिंह भी मौके पर मौजूद थे।

एक और दुखद घटना: भाई का एक्सीडेंट

इस हादसे के कुछ समय बाद, शिवराज निषाद के बड़े भाई शिवमंगल का एक और दुखद समाचार सामने आया। शिवमंगल जो राजस्थान में काम करते थे, जैसे ही उन्हें अपने भाई और भतीजी की मौत का समाचार मिला, वह घर लौटने के लिए निकले। लेकिन रास्ते में उनकी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हालांकि शिवमंगल को गंभीर चोटें नहीं आईं, लेकिन यह और एक कड़ी दुख की थी। वह अब एक अन्य वाहन से अपने घर की ओर आ रहे हैं।

परिवार की स्थिति अत्यंत गंभीर

शिवराज की पत्नी प्रमिला पूरी तरह से टूट चुकी हैं। उनके लिए यह हादसा किसी बड़े भयानक सदमे से कम नहीं है। प्रमिला बार-बार बेहोश हो रही हैं और अपने पति और बेटी के खोने के बाद वह गहरे शोक में डूब चुकी हैं। गांव की ही खुशबू नामक लड़की ने बताया कि वह शिवमंगल की बेटी अंजू के साथ पढ़ाई करती थी। अंजू एक बहुत अच्छी छात्रा थी और हमेशा कक्षा में अव्‍वल आती थी। उसकी मौत से सभी लोग स्तब्ध हैं और इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है।

बिजली विभाग की लापरवाही

घटना के बाद, गांव के व्यापारी और स्थानीय लोग इस हादसे के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि अगर समय रहते उच्च-तनाव वाली तारों की सही से देखभाल की जाती और शिकायतों का निवारण किया जाता, तो यह हादसा नहीं होता। सोनबरसा के व्यापारियों ने कहा कि यह हादसा विभाग की लापरवाही का परिणाम है। यदि तारों की सही देखभाल की गई होती, तो आज इन मासूमों की जान नहीं जाती।

व्यापारी प्रियंशु सिंह ने कहा कि इस तरह का हादसा पहली बार देखा गया है और अब वह इस हादसे से इतने डर गए हैं कि बिजली के खंभों के पास जाने से भी डरते हैं। परमेश्वर कश्यप, एक अन्य व्यापारी ने कहा कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों को इस समस्या के बारे में सूचित किया था, लेकिन उनकी शिकायतों का कोई असर नहीं हुआ। अगर उनकी शिकायतों पर तुरंत ध्यान दिया गया होता, तो यह दर्दनाक हादसा नहीं होता।

घटनास्थल पर कार्रवाई

हादसे के बाद, बिजली विभाग ने घटनास्थल पर पोल लगाकर तारों को सही किया। अधिकारियों के आदेश पर, विभाग ने वहां की स्थिति को ठीक करने के लिए त्वरित कार्रवाई की और ढीली तारों को कसने का काम शुरू किया। हालांकि यह कार्रवाई हादसे के बाद हुई, लेकिन इस कदम से क्षेत्रवासियों की सुरक्षा के प्रति विभाग की लापरवाही का ही एहसास होता है।

सोनबरसा के इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एक परिवार को शोक में डुबो दिया, बल्कि पूरे गांव और इलाके को भी गहरे दुख में डाल दिया है। इस हादसे के लिए बिजली विभाग की लापरवाही जिम्मेदार है। अगर समय रहते तारों की सही देखभाल की जाती और जनता की शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो इस हादसे को टाला जा सकता था। अब वक्त है कि प्रशासन और बिजली विभाग इस दुर्घटना से सबक लें और सुनिश्चित करें कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके, ताकि किसी और परिवार को इस तरह के भयानक नुकसान का सामना न करना पड़े।

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