Gorakhpur : गोरखपुर के साहजनवां क्षेत्र के कोमा बाग (भैंसाला) में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आज सुबह इस इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक का खून से सना शव देखा गया। शव की पहचान 32 वर्षीय धीरेंद्र दुबे उर्फ विशाल के रूप में हुई है, जो ज़ोमेटो में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता था। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
मौके पर मचा हड़कंप, शव को देखकर लोग दहले
आज सुबह जब कोमा बाग के लोग शौच के लिए बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि एक बिना नंबर की बाइक खड़ी है और उसके पास एक युवक का शव पड़ा हुआ है। युवक का सिर खून से सना हुआ था और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसे गोली मारी गई है। यह दृश्य देख आसपास के लोग सहम गए और उनके शरीर में कांपे दौड़ गए। शव को देखकर ऐसा लग रहा था कि घटना को एकदम हिंसक तरीके से अंजाम दिया गया है।
पुलिस को मिली सूचना, शव की पहचान की गई
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलने के बाद सीओ गीड़ा, प्रशाली गंगवार और एसओ विशाल उपाध्याय मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। मृतक युवक की पहचान धीरेंद्र दुबे उर्फ विशाल के रूप में की गई, जो सिहापुर, साहजनवां का निवासी था। पुलिस के अनुसार, युवक को सिर में गोली मारी गई थी, जो पूरी तरह से निकल गई थी। फॉरेंसिक टीम ने मौके से कुछ साक्ष्य भी एकत्र किए हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
परिवार में गम का माहौल, न्याय की उम्मीद
पुलिस द्वारा इस हादसे की सूचना मृतक के परिजनों को दी गई। सूचना मिलने के बाद मृतक के पिता कृष्ण प्रताप और अन्य रिश्तेदार घटनास्थल पर पहुंचे। विशाल के परिवार में गहरा शोक है। विशाल के पिता ने बताया कि उनका बेटा शाम चार बजे बिना किसी को बताए बाइक लेकर घर से निकला था। दो महीने पहले विशाल का कसारवाल क्षेत्र में कुछ लोगों से विवाद हुआ था, जिससे झगड़ा भी हुआ था। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है ताकि किसी भी संभावना को नजरअंदाज न किया जाए।
पुलिस जांच में जुटी, जल्द ही होगी आरोपी की गिरफ्तारी
एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि शव की पहचान हो चुकी है और केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस हर पहलू से इस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया है। पुलिस का मानना है कि यह पुरानी दुश्मनी का मामला हो सकता है, जिसमें बदमाशों ने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने मृतक के परिवार से भी बात की है और कहा है कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर में एक और हत्या की घटना ने बढ़ाई चिंता
यह घटना एक सप्ताह के भीतर गोरखपुर में दूसरी हत्या की घटना है। इससे पहले, 5 नवंबर को व्यापारिक अनिल गुप्ता की हत्या कर दी गई थी। अनिल गुप्ता की गला रेतकर हत्या की गई थी। यह घटना चिलुआताल क्षेत्र के यादव टोला से संबंधित है। अनिल गुप्ता के परिजनों ने आरोपी सैफ के खिलाफ जल्द सजा की मांग की थी। बुधवार को अनिल गुप्ता की मां इंद्रावती और पत्नी जूही गुप्ता ने एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर से मुलाकात कर आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की थी।
पुलिस ने सैफ को किया गिरफ्तार, परिवार को जल्द न्याय की उम्मीद
अनिल गुप्ता की हत्या के बाद पुलिस ने दो दिन में ही आरोपी सैफ को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। व्यापारी के परिवार ने पुलिस टीम को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्हें सैफ को जल्द सजा मिलने की उम्मीद है। वे चाहते हैं कि आरोपी को कड़ी सजा मिले, ताकि आगे से इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें।
पुलिस के लिए बढ़ी चुनौती, लोगों में असुरक्षा का माहौल
गोरखपुर में हो रही लगातार हत्याओं से पुलिस के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इन घटनाओं ने शहरवासियों के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। अब लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस को न केवल इन अपराधों का खुलासा करना है, बल्कि शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी कदम उठाने होंगे।
वर्तमान स्थिति में पुलिस और प्रशासन के लिए बढ़ी जिम्मेदारी
गोरखपुर में हो रहे अपराधों ने पुलिस प्रशासन के लिए गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में लोगों का भी यह मानना है कि पुलिस को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए ताकि अपराधों पर काबू पाया जा सके। वहीं पुलिस प्रशासन ने अब इलाके में गश्त बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही, शहरवासियों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि इन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
गोरखपुर में हो रही हत्याओं ने न केवल शहरवासियों को दहला दिया है, बल्कि पुलिस प्रशासन के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी है। ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए और ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। पुलिस को इस मामले की जांच के साथ-साथ शहर में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी पूरी तरह से सक्रिय रहना होगा। अब यह देखना है कि पुलिस इस केस में कितनी जल्दी न्याय दिला पाती है और अपराधियों को पकड़ पाती है।