Gorakhpur: गोरखपुर के सहजनवा रेलवे स्टेशन के पास रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना में पूर्वोत्तर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर सुमित पाल (32) की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह हादसा वंदे भारत ट्रेन के गुजरने के बाद सुबह हुआ, जब रेलवे ट्रैक पर उनका शव पाया गया।
कैसे हुआ हादसा?
सुमित पाल लखनऊ के निवासी थे और गोरखपुर डिपो में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के रूप में तैनात थे। वे अपनी टीम के साथ 18 अक्टूबर से डोमिनगढ़ सहजनवां रेल लाइन पर तीसरी लाइन के काम में जुटे हुए थे। काम के बाद वे सहजनवां स्टेशन के पास वैगन में कैंप कर रहे थे। शनिवार रात को वे साथी कर्मचारियों के साथ भोजन के बाद सोने चले गए थे और उन्हें रात करीब डेढ़ बजे तक सकुशल देखा गया था।
सुबह के वक्त, जब ट्रेन के गुजरने के बाद जीआरपी को ट्रैक पर शव मिला, तो यह हड़कंप मच गया। आशंका जताई जा रही है कि सुबह घना कोहरा था और सुमित पाल रात में उठकर ट्रैक की ओर गए होंगे। इसी दौरान वे वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आ गए।
पुलिस कार्रवाई
घटना के बाद जीआरपी ने शव को ट्रैक से हटाया और परिवार को सूचित किया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जबकि मामले की जांच जारी है। पुलिस का मानना है कि कोहरे की वजह से सुमित पाल को ट्रेन की आवाज सुनने में मुश्किल हुई होगी, जिससे यह हादसा हुआ।
परिजनों का शोक
सुमित पाल की असमय मौत ने उनके परिवार और सहकर्मियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। वे 32 वर्ष के थे और उनके परिवार में माता-पिता और अन्य सदस्य हैं। उनका आकस्मिक निधन पूरे रेलवे विभाग के लिए एक बड़ा नुकसान है।
इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा की अहमियत को उजागर किया है, खासकर रेलवे ट्रैक पर काम करते वक्त। पुलिस मामले की जांच कर रही है, और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।