Sant Kabir Nagar News: संत कबीर नगर स्थित हीरालाल रामनिवास पोस्टग्रेजुएट कॉलेज में चल रही अंतर-फैकल्टी क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मैच में ग्रेजुएट आर्ट्स फैकल्टी और पोस्टग्रेजुएट मिक्स्ड के बीच बुधवार को एक रोमांचक मुकाबला हुआ। इस मैच का नतीजा सुपर ओवर में जाकर तय हुआ, जिसमें ग्रेजुएट आर्ट्स फैकल्टी ने छह रन से पोस्टग्रेजुएट मिक्स्ड को हराकर प्रतियोगिता जीत ली।
मैच का रोमांचक मोड़
फाइनल मैच में दोनों टीमों ने निर्धारित 12 ओवर में 164-164 रन बनाए, जिसके कारण मैच टाई हो गया। इस दिलचस्प स्थिति में फैसला करने के लिए सुपर ओवर खेला गया। सुपर ओवर में, ग्रेजुएट आर्ट्स फैकल्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पोस्टग्रेजुएट मिक्स्ड को छह रन से हराया और चैंपियन बनी।
ग्रेजुएट आर्ट्स फैकल्टी के खिलाड़ी सौरभ सिंह ने अपनी शानदार पारी और गेंदबाजी से मैच का रुख पलट दिया। सौरभ ने 48 रन बनाये और साथ ही तीन महत्वपूर्ण विकेट भी लिए, जिसके कारण उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब मिला। उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
खेल में हार-जीत की अहमियत
स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. पुनेश नारायण सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रतियोगिता में हार और जीत दोनों होती हैं। कभी कोई हारता है तो कभी कोई जीतता है, लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि हारने वाला निराश न हो और अगले मुकाबले के लिए और भी मेहनत करे। उन्होंने हारने वाली टीम को भी प्रोत्साहित किया और कहा कि यह जरूरी नहीं है कि हर मैच में जीत ही मिले, लेकिन हार से सीखने का अवसर मिलता है।
डॉ. सिंह ने जीतने वाली टीम को सम्मानित किया और उन्हें कप दिया। इस मौके पर उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना और टीम वर्क का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि खेलों का असली मकसद सिर्फ जीतना नहीं होता, बल्कि इसका उद्देश्य है खिलाड़ियों में आत्मविश्वास, संघर्ष की भावना और टीम के प्रति समर्पण को बढ़ावा देना।
प्रतियोगिता का आयोजन
यह प्रतियोगिता कॉलेज के खेल विभाग द्वारा आयोजित की जा रही थी, जिसमें कॉलेज के विभिन्न विभागों और फैकल्टीज की टीमों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता के माध्यम से कॉलेज के छात्रों को खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाने और एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला।
प्रतियोगिता का आयोजन खेलों के महत्व को उजागर करने और विद्यार्थियों में खेल भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। इस प्रतियोगिता ने कॉलेज के छात्रों को न केवल अपनी क्रिकेटिंग स्किल्स को साबित करने का मौका दिया, बल्कि टीमवर्क और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित किया।
खिलाड़ियों का प्रदर्शन
ग्रेजुएट आर्ट्स फैकल्टी की टीम ने जहां एक ओर शानदार बैटिंग का प्रदर्शन किया, वहीं पोस्टग्रेजुएट मिक्स्ड टीम ने भी मैच में पूरी ताकत से संघर्ष किया। हालांकि, सुपर ओवर के दौरान ग्रेजुएट आर्ट्स फैकल्टी ने अधिक अंक बनाए और मैच जीतने में सफल रही।
पोस्टग्रेजुएट मिक्स्ड की टीम के खिलाड़ियों ने भी अपने खेल का अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी में सुपर ओवर के दौरान वे थोड़े पीछे रह गए। इस हार के बावजूद उन्होंने खेल भावना और आत्मविश्वास का परिचय दिया और अगले मुकाबलों के लिए अपनी रणनीति को सुधारने का संकल्प लिया।
खेलों के प्रति बढ़ता उत्साह
इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि को बढ़ावा देती हैं। कॉलेज के छात्र अब सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि खेलों में भी अपना कौशल साबित करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। खेलों में भागीदारी से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि यह मानसिक विकास को भी बढ़ावा देता है।
साथ ही, खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में सहयोग, संयम, और अनुशासन की भावना भी विकसित होती है, जो उनके भविष्य में सफलता प्राप्त करने में मदद करती है। खेलों के इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अनुभव दिलाते हैं, जो उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और टीमवर्क की भावना को प्रोत्साहित करता है।
कॉलेज प्रशासन की भूमिका
कॉलेज प्रशासन ने इस प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए पूरी मेहनत की और खिलाड़ियों के लिए अच्छे खेल सुविधाओं का इंतजाम किया। प्रतियोगिता के आयोजन में कॉलेज के खेल विभाग के सभी कर्मचारियों ने मिलकर काम किया, ताकि यह प्रतियोगिता कॉलेज में छात्रों के बीच उत्साह और एकता का प्रतीक बन सके।
कॉलेज प्रशासन का यह कदम विद्यार्थियों को खेलों के प्रति जागरूक करने के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्रों के मानसिक और शारीरिक विकास में अहम योगदान देती हैं, और उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई तक पहुंचाती हैं।
संत कबीर नगर के हीरालाल रामनिवास पोस्टग्रेजुएट कॉलेज की अंतर-फैकल्टी क्रिकेट प्रतियोगिता ने साबित कर दिया कि खेलों में हार और जीत दोनों का महत्व होता है। इस प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों ने न केवल खेल का आनंद लिया, बल्कि अपनी टीम भावना, संघर्ष और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा दिया।
ग्रेजुएट आर्ट्स फैकल्टी की जीत और पोस्टग्रेजुएट मिक्स्ड की हार, दोनों ही इस प्रतियोगिता का अभिन्न हिस्सा थीं। जहां एक तरफ ग्रेजुएट आर्ट्स फैकल्टी ने शानदार प्रदर्शन किया और ट्रॉफी जीती, वहीं पोस्टग्रेजुएट मिक्स्ड ने भी हार के बावजूद खेल भावना का सर्वोत्तम उदाहरण पेश किया।
इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में खेलों के प्रति एक नया उत्साह और जोश भर दिया है, और आने वाले समय में ऐसी और प्रतियोगिताओं के आयोजन की उम्मीद जताई जा रही है।