Gorakhpur: गोरखपुर महानगर के काल्यनपुर वार्ड में शुक्रवार को कुछ युवकों ने नगर निगम के सफाई कर्मचारियों पर हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब सफाई कर्मचारी घर-घर जाकर कूड़ा इकट्ठा करने का कार्य कर रहे थे। आरोप है कि इन युवकों ने नगर निगम द्वारा वसूल किए जा रहे 100 रुपये शुल्क को लेकर विरोध किया और सफाई कर्मचारियों पर कूड़ा फेंक दिया तथा उन्हें मारपीट कर घायल कर दिया। इस हमले के बाद सफाई कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार कर दिया और पुलिस स्टेशन पर जाकर कार्रवाई की मांग की। इस मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज की है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
सफाई कर्मचारियों पर हमला
घटना के अनुसार, सफाई कर्मचारी बलवंत निषाद, मनोज निषाद, रविशंकर कुमार और शुभम यादव सुबह के समय अपने नियमित सफाई कार्य में जुटे हुए थे। इस दौरान, बिंद टोला के निवासी प्रिंस अपने 8-10 साथियों के साथ आए और सफाई कर्मचारियों के साथ गाली-गलौच करना शुरू कर दिया। जब सफाई कर्मचारियों ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने कूड़ा फेंक दिया और सफाई कर्मचारियों को पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद, सफाई कर्मचारियों ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई और वहां से भाग निकले।
नगर निगम के शुल्क पर विरोध
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि आरोपियों का विरोध नगर निगम द्वारा घर-घर कूड़ा इकट्ठा करने के लिए 100 रुपये शुल्क वसूलने के खिलाफ था। सफाई कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने आरोपियों से समझाया कि यह शुल्क नगर निगम द्वारा लिया जा रहा है, लेकिन आरोपियों ने इस बात को नकारते हुए उनका विरोध किया। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि जब उन्होंने गाली-गलौच का विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें मारा-पीटा।
पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज
हमले के बाद सफाई कर्मचारी अपने साथी कर्मचारियों के साथ तिवारीपुर पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उन्होंने काम का बहिष्कार भी कर दिया और नगर निगम अधिकारियों को भी इस घटना के बारे में सूचित किया। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
25 से अधिक सफाई कर्मचारी पहुंचे पुलिस स्टेशन
इस घटना के बाद 25 से अधिक सफाई कर्मचारी तिवारीपुर पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं बल्कि सभी सफाई कर्मचारियों के साथ हुई है। इस घटना का असर दूसरे वार्डों में काम कर रहे सफाई कर्मचारियों पर भी पड़ा है और अब वे भी इस घटना को लेकर चिंतित हैं। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और उच्च अधिकारियों को भी सूचित किया गया है।
नगर निगम पर सवाल उठ रहे हैं
इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सफाई कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना नगर निगम की जिम्मेदारी है। लेकिन इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सफाई कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों का काम बहुत महत्वपूर्ण है और उन्हें अपने कार्य को निष्कलंक रूप से करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है।
काल्यनपुर वार्ड के पार्षद का बयान
काल्यनपुर वार्ड के पार्षद शिवेंद्र मिश्रा ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों ने मारपीट का आरोप लगाया है और वे फिलहाल पुलिस स्टेशन में हैं। उन्होंने बताया कि इस घटना के कारण वार्ड में सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है और उन्हें उम्मीद है कि पुलिस इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करेगी। पार्षद ने नगर निगम के अधिकारियों से भी इस मामले में सख्त कदम उठाने की अपील की है।
सफाई कर्मचारियों का संघर्ष
यह घटना सफाई कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण संघर्ष का प्रतीक बन गई है। वे न केवल अपनी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं बल्कि वे अपने काम को करने के अधिकार की भी रक्षा कर रहे हैं। यह घटना यह भी दर्शाती है कि जब तक सफाई कर्मचारियों को उचित सम्मान और सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक वे अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे।
सफाई कर्मचारियों के साथ इस तरह की घटनाएं समाज में उनकी स्थिति और उनके अधिकारों के बारे में महत्वपूर्ण सवाल उठाती हैं। नगर निगम को इस मामले में कार्रवाई करते हुए सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने होंगे। सफाई कर्मचारियों के बिना एक स्वच्छ और स्वस्थ समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है, और इसलिए उन्हें उनके काम के प्रति उचित सम्मान और सुरक्षा प्रदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
गोरखपुर के काल्यनपुर वार्ड में सफाई कर्मचारियों पर हुए हमले ने एक बार फिर से यह साबित किया है कि सफाई कर्मचारियों को अपने काम की वजह से संघर्षों का सामना करना पड़ता है। इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि क्या सफाई कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल मिल रहा है या नहीं। नगर निगम को इस घटना से एक बड़ा संदेश लेना चाहिए और सफाई कर्मचारियों के लिए उचित सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो सकें।