Sambhal News: दीपा सराय और खग्गू सराय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए पुलिस चौकी के निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू की जाएगी। ये दोनों क्षेत्र मुस्लिम बहुल हैं और पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता में आते हैं। इन क्षेत्रों में बढ़ते अपराध और सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए पुलिस ने इन स्थानों पर चौकी बनाने का प्रस्ताव किया है। हालांकि, इन चौकियों के निर्माण के लिए भूमि का चयन अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही इस प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
बढ़ते अपराध और सुरक्षा की आवश्यकता
दीपा सराय और खग्गू सराय के क्षेत्रों में बढ़ते अपराधों को देखते हुए, पुलिस प्रशासन ने इन क्षेत्रों में चौकी स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इन दोनों इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से खतरा बढ़ने के कारण यह कदम उठाया जा रहा है। इस क्षेत्र के अपराधों और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा इस निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।
हाल ही में, 10 दिन पहले बिजली विभाग ने जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में इलाके में जांच अभियान चलाया था। इस अभियान में लगभग 60 प्रतिशत घरों और मस्जिदों में बिजली की चोरी का पता चला था। इससे यह साफ हो गया कि इन इलाकों में कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
इन क्षेत्रों को पहले ही संवेदनशील घोषित किया गया है
दीपा सराय और खग्गू सराय, जो कि नखासा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के तहत आते हैं, मुस्लिम बहुल इलाके हैं और इन्हें पहले ही संवेदनशील क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में पुलिस और बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं। पिछले समय में, बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इन क्षेत्रों में कार्रवाई करने में डर लगता था, क्योंकि उन्हें इन इलाकों में शारीरिक हमलों का सामना करना पड़ता था। यहां तक कि पुलिस कर्मियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें पीटा गया।
दीपा सराय में अस्थायी पुलिस चौकी की स्थापना
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, 2021 के बाद दीपा सराय में एक अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की गई थी। इस चौकी पर एक सब-इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल तैनात किए गए थे। इस कदम ने इलाके में पुलिस की उपस्थिति बढ़ाई और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार लाया। हालांकि, अब पुलिस प्रशासन ने इस क्षेत्र में एक स्थायी पुलिस चौकी बनाने की योजना बनाई है, ताकि पुलिस की सतत निगरानी बनी रहे और अपराधों पर काबू पाया जा सके।
स्थायी पुलिस चौकियों का निर्माण
पुलिस प्रशासन ने दीपा सराय और खग्गू सराय में स्थायी पुलिस चौकियों के निर्माण की योजना बनाई है। इन चौकियों में आधुनिक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बेहतर किया जा सके। इन स्थायी चौकियों की स्थापना से पुलिस की सक्रियता में वृद्धि होगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।
अधिग्रहण प्रक्रिया के बाद, पुलिस की गश्त में सुधार होगा और स्थानीय लोगों से संवाद भी बेहतर होगा। पुलिस के पास किसी भी घटना के प्रति त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता होगी, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की संभावना कम हो जाएगी।
एसपी श्रीशचंद्र का बयान
इस बारे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीशचंद्र ने बताया कि दीपा सराय और खग्गू सराय संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं, जहां किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एक त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में पुलिस चौकी के निर्माण से पुलिस की उपस्थिति बढ़ेगी और अपराध पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
श्रीशचंद्र ने यह भी कहा कि इस परियोजना का निर्माण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा और इसमें किसी भी प्रकार की देरी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इन दोनों क्षेत्रों में भूमि का चयन शीघ्र ही किया जाएगा और जैसे ही भूमि का चयन होगा, निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया जाएगा।
चौकी निर्माण के लाभ
- पुलिस की उपस्थिति में वृद्धि – स्थायी चौकियों के निर्माण से पुलिस की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी, जिससे अपराधों पर अंकुश लगेगा।
- सुरक्षा व्यवस्था में सुधार – पुलिस चौकियों के निर्माण से कानून-व्यवस्था में सुधार होगा और त्वरित कार्रवाई की संभावना भी बढ़ेगी।
- स्थानीय लोगों से संवाद – पुलिस चौकियों से स्थानीय लोगों के साथ संवाद बेहतर होगा, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान जल्द हो सकेगा और उनकी सुरक्षा की चिंता कम होगी।
- अपराध नियंत्रण – चौकियों के निर्माण से अपराधों की संख्या में कमी आएगी और पुलिस को प्रभावी तरीके से अपराधों पर काबू पाने में मदद मिलेगी।
दीपा सराय और खग्गू सराय जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस चौकियों का निर्माण एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त करेगा। यह योजना न केवल अपराधों को नियंत्रित करने में मदद करेगी, बल्कि पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर संबंधों को भी बढ़ावा देगी। इससे स्थानीय जनता को सुरक्षा का अहसास होगा और पुलिस प्रशासन को इन क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।