Gorakhpur नगर निगम के प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा, नगर निगम कमिश्नर के साथ भ्रमण

Gorakhpur नगर निगम के प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा, नगर निगम कमिश्नर के साथ भ्रमण

Gorakhpur नगर निगम के 80 पार्षदों के लिए नगर निगम कमिश्नर गौरव सिंह सोगरवाल ने मंगलवार को एक विशेष दौरे का आयोजन किया। इस दौरे के दौरान पार्षदों ने नगर निगम की प्रमुख परियोजनाओं का निरीक्षण किया और विभिन्न विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस यात्रा में नगर निगम के प्रमुख परियोजनाओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और कचरे के निस्तारण के प्रयासों की भी समीक्षा की गई।

कार्यशाला का निरीक्षण

यह यात्रा नगर निगम के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित निर्माणाधीन कार्यशाला से शुरू हुई। इस कार्यशाला का उद्देश्य निगम के विभिन्न कार्यों के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्रियों का निर्माण और मरम्मत करना है। पार्षदों को कार्यशाला की प्रगति के बारे में बताया गया और वहां हो रहे निर्माण कार्यों की जानकारी दी गई। यह कार्यशाला निगम के संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे निगम को अपने रोज़मर्रा के कामों को बेहतर तरीके से करने में मदद मिलेगी।

एकला डेम का दौरा

कार्यशाला का निरीक्षण करने के बाद, नगर निगम के पार्षदों की टीम ने नौसढ़ में स्थित एकला डेम का दौरा किया। यह डेम राप्ती नदी के किनारे स्थित है, और पहले इस डेम पर निगम कचरा फेंकता था, जिससे यहां कचरे का पहाड़ जमा हो गया था। स्थानीय लोगों के विरोध और इसे शहर के प्रवेश मार्ग होने के कारण, कचरा फेंकने की प्रक्रिया को बंद कर दिया गया था। इसके बाद, कचरे का पहाड़ हटाया गया और मियावाकी पद्धति से यहां पौधे लगाए गए। यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र की सुंदरता में भी वृद्धि करेगा।

Gorakhpur नगर निगम के प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा, नगर निगम कमिश्नर के साथ भ्रमण

पशु शवदाह गृह का निरीक्षण

नौसढ़ के बाद, पार्षदों ने वहां बने पशु शवदाह गृह का भी निरीक्षण किया। यह शवदाह गृह नगर निगम द्वारा स्थापित किया गया है, ताकि मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था की जा सके। यह पहल नगर निगम द्वारा की गई है, जिससे शहर में मृत पशुओं के अतिक्रमण को रोका जा सके और पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके।

सुथनी परियोजना ने छोड़ा प्रभाव

नौसढ़ के दौरे के बाद, पार्षदों ने नगर निगम की सबसे बड़ी परियोजना का निरीक्षण किया, जो सुथनी में विकसित हो रही है। यह परियोजना सहेजानवां कस्बे के पास स्थित है और इसमें एनटीपीसी के सहयोग से एक चारकोल प्लांट और बायो-सीएनजी प्लांट बनाए जा रहे हैं। पार्षदों को यहां सीएनडी वेस्ट प्लांट में मलबे के निस्तारण और उससे बने इंटरलॉकिंग ईंटों के बारे में बताया गया। इस परियोजना में एनटीपीसी की भागीदारी से कचरे का निस्तारण प्रभावी तरीके से किया जाएगा, और इससे पर्यावरण को भी फायदा होगा।

चारकोल प्लांट का शुभारंभ अगले 4 महीनों में

पार्षदों को बताया गया कि सुथनी में स्थापित हो रहे चारकोल प्लांट को अगले 4 महीनों में चालू कर दिया जाएगा। विशेषज्ञों ने बताया कि यह प्लांट पूरी तरह से स्वचालित होगा और यहां कचरे से चारकोल बनाया जाएगा। यह चारकोल एनटीपीसी के पावर प्लांट में इस्तेमाल होगा। इस परियोजना का पार्षदों पर गहरा प्रभाव पड़ा और वे इसे एक बड़ी उपलब्धि मानते हैं, क्योंकि इससे कचरा प्रबंधन में मदद मिलेगी और ऊर्जा उत्पादन में भी योगदान होगा।

कचरा ट्रांसफर स्टेशन का दौरा

इसके बाद, पार्षदों की टीम ने चारगवां में स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन का दौरा किया। यहां पर कचरे को संग्रहित और ट्रांसफर किया जाता है ताकि उसे सही तरीके से निपटाया जा सके। इस स्टेशन का उद्देश्य शहर से कचरे का सही तरीके से निस्तारण करना है और इसे अन्य स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है।

नगर निगम कमिश्नर की पहल

नगर निगम कमिश्नर गौरव सिंह सोगरवाल ने यह विशेष दौरा कार्यक्रम सभी 80 पार्षदों को नगर निगम के कार्यों और योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित किया था। हालांकि, इस कार्यक्रम में 20 से अधिक पार्षद ही शामिल हुए, लेकिन वे सभी इस दौरे से काफी प्रभावित हुए और नगर निगम द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना की। पार्षदों ने बताया कि यह कार्यक्रम बहुत जानकारीपूर्ण और उपयोगी था, जिससे उन्हें नगर निगम के विकास कार्यों के बारे में सही जानकारी मिली।

नगर निगम की सशक्त पहल

नगर निगम की यह पहल शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरे ने पार्षदों को नगर निगम की प्रमुख परियोजनाओं की सटीक जानकारी दी, और यह सुनिश्चित किया कि वे शहर के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदार बन सकें। नगर निगम द्वारा शुरू की गई इन परियोजनाओं से न केवल शहर का विकास होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कचरे के प्रभावी निस्तारण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

इस दौरे के दौरान पार्षदों ने निगम की योजनाओं को लेकर अपने विचार और सुझाव भी साझा किए, और यह उम्मीद की जा रही है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से गोरखपुर शहर को एक नया रूप मिलेगा।

गोरखपुर नगर निगम द्वारा आयोजित यह विशेष दौरा कार्यक्रम पार्षदों के लिए एक बेहतरीन अवसर था, जिससे उन्हें नगर निगम के प्रमुख परियोजनाओं और योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी मिली। इस दौरे ने यह साबित किया कि नगर निगम अपने विकास कार्यों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और पार्षदों को इसमें सक्रिय रूप से शामिल करना चाहता है। उम्मीद की जा रही है कि इन परियोजनाओं से गोरखपुर शहर का विकास होगा और शहर में कचरे का निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

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