police registered the FIR: संभल में एक के बाद एक नए रहस्य सामने आ रहे हैं। जमीन के नीचे से ऐसे पुख्ता सबूत मिल रहे हैं जो प्राचीन मंदिर के अस्तित्व की ओर इशारा करते हैं। वहीं, शाही जामा मस्जिद के सामने बन रही पुलिस चौकी को लेकर विवाद और भी गहरा गया है। वक्फ संपत्ति होने का दावा करने वालों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है।
वक्फ भूमि होने का दावा निकला फर्जी
शाही जामा मस्जिद के सामने बन रही पुलिस चौकी की जमीन को वक्फ संपत्ति बताने का दावा किया गया था। इस मामले की जांच के लिए प्रशासन ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया। जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी पाया गया।
- जांच रिपोर्ट: तीन सदस्यीय टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि पुलिस चौकी की जमीन वक्फ संपत्ति नहीं है।
- एफआईआर दर्ज: प्रशासन की शिकायत पर संभल पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के मामले में एफआईआर दर्ज की है।
- डीएम का बयान: संभल के जिलाधिकारी (DM) ने स्पष्ट किया कि पुलिस चौकी जिस जमीन पर बन रही है, वह वक्फ भूमि नहीं है। दस्तावेज पूरी तरह नकली पाए गए हैं।
जामा मस्जिद के सर्वे में प्राचीन मंदिर के साक्ष्य
संभल में चल रहे सर्वेक्षण में प्राचीन मंदिर के साक्ष्य मिलने का दावा किया जा रहा है।
- हिंदू पक्ष का दावा: हिंदू समुदाय का कहना है कि जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर को तोड़कर बनाया गया था।
- प्राचीन साक्ष्य: जमीन के नीचे से प्राचीन मंदिर, तीर्थस्थलों और कुओं के अवशेष मिलने की बात कही जा रही है।
- सर्वे का असर: इन साक्ष्यों के सामने आने से विवाद और भी गहरा गया है।
संवेदनशील क्षेत्र में बन रही पुलिस चौकी
जामा मस्जिद के सामने पुलिस चौकी का निर्माण सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
- घनी आबादी वाला क्षेत्र: यह इलाका बेहद घनी आबादी वाला है, जहां गली-मोहल्ले संकरे हैं।
- संवेदनशीलता: यह क्षेत्र सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।
- दंगों का इतिहास: इस इलाके का इतिहास सांप्रदायिक दंगों से भरा हुआ है, इसलिए पुलिस चौकी का निर्माण एक रणनीतिक कदम है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
संभल प्रशासन ने इस मामले में कोई कोताही नहीं बरती और त्वरित जांच के आदेश दिए।
- नकली दस्तावेज बनाने वालों पर कार्रवाई: वक्फ भूमि का दावा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- भविष्य में विवाद रोकने की तैयारी: प्रशासन इस विवादित इलाके में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है।
हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष की प्रतिक्रियाएं
- हिंदू पक्ष का तर्क: हिंदू समुदाय का कहना है कि प्राचीन हरिहर मंदिर के अवशेष आज भी मौजूद हैं, जिन्हें सर्वेक्षण के दौरान देखा गया है।
- मुस्लिम पक्ष का मत: मुस्लिम समुदाय वक्फ संपत्ति के दावे को लेकर स्थिति स्पष्ट करना चाहता है, हालांकि जांच में उनके दावे फर्जी पाए गए हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास की आवश्यकता
संभल जैसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस चौकी का निर्माण न केवल सुरक्षा बल्कि विकास की दिशा में भी एक अहम कदम है।
- दंगों पर रोक: पुलिस चौकी बनने से इलाके में शांति और कानून व्यवस्था बेहतर होगी।
- समाज में सौहार्द: प्रशासन का उद्देश्य है कि दोनों समुदायों के बीच आपसी सौहार्द और शांति बनी रहे।
संभल में शाही जामा मस्जिद के सामने बन रही पुलिस चौकी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वक्फ भूमि का दावा करने वालों पर एफआईआर दर्ज कर प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि फर्जी दस्तावेजों और झूठे दावों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, प्राचीन मंदिर के साक्ष्यों के दावों ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। ऐसे में प्रशासन का कर्तव्य है कि वह निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई के जरिए शांति और व्यवस्था बनाए रखे।