Noida: नोएडा में कपड़ों की दुकान में भीषण आग, महिला की मौत, पति झुलसा

Noida: नोएडा में कपड़ों की दुकान में भीषण आग, महिला की मौत, पति झुलसा

Noida: उत्तर प्रदेश में मंगलवार की सुबह एक बड़ी आग की घटना ने हड़कंप मचा दिया। आग एक कपड़े की दुकान में लगी, जिसमें एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से झुलस गया। पुलिस के अनुसार, यह घटना सेक्टर-63 के छिजारसी गांव में स्थित एक दो मंजिला कपड़े की दुकान में हुई, जो मुख्य सड़क पर स्थित थी। इस घटना की जानकारी पुलिस ने दी कि यह हादसा तड़के लगभग 3:30 बजे हुआ, जिसके बाद मौके पर 4 फायर इंजन भेजे गए।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना के समय दुकान के मालिक रोहित शर्मा और उनकी पत्नी विनिता पहली मंजिल पर सो रहे थे, और दोनों गंभीर रूप से जल गए। फायर डिपार्टमेंट के कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 34 वर्षीय विनिता का इलाज के दौरान निधन हो गया। वहीं, रोहित का इलाज जारी है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी लगती है, हालांकि मामले की जांच की जा रही है।

मध्यप्रदेश में एक और दर्दनाक हादसा, 11 वर्षीय लड़की की मौत

मध्यप्रदेश के रतलाम जिले से रविवार को एक और दर्दनाक घटना सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक 11 साल की लड़की की मौत हो गई और 2 लोग घायल हो गए जब एक इलेक्ट्रिक बाइक चार्जिंग के दौरान आग पकड़ ली। यह घटना रात 2:30 बजे के आसपास हुई, जब इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन क्षेत्र के एक कॉलोनी में एक व्यक्ति भगवान्त मौर्य के घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक बाइक में आग लग गई।

इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन के इंचार्ज वीडी जोशी ने बताया कि बाइक को चार्ज किया जा रहा था जब यह अचानक आग लग गई। आग ने बाइक को पूरी तरह से जला दिया और उसके आसपास के लोगों को भी प्रभावित किया। इस हादसे में 11 साल की बच्ची की मौत हो गई और दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद से इलाके में इस प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग की सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

आग की घटनाओं से होने वाले नुकसान और सुरक्षा उपाय

इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किस तरह से हम आग से होने वाले हादसों से बच सकते हैं और सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया जा सकता है। आग लगने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शॉर्ट सर्किट, अत्यधिक गर्मी, और गैस लीक जैसी वजहें शामिल हैं। विशेष रूप से व्यावसायिक स्थानों और आवासीय क्षेत्रों में आग से सुरक्षा के उपायों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

नोएडा की घटना में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है। यदि पहले से ही शॉर्ट सर्किट से बचाव के उपाय किए गए होते, तो इस प्रकार की घटना से बचा जा सकता था। वहीं, रतलाम की घटना में इलेक्ट्रिक बाइक के चार्जिंग के दौरान आग लगना एक नया खतरा बनकर सामने आया है। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में बढ़ोतरी के साथ-साथ इनकी सुरक्षा को लेकर जागरूकता का होना जरूरी है।

Noida: नोएडा में कपड़ों की दुकान में भीषण आग, महिला की मौत, पति झुलसा

आग से सुरक्षा के उपाय

  1. शॉर्ट सर्किट से बचाव: शॉर्ट सर्किट से होने वाली आग को रोकने के लिए घरों और दुकानों में नियमित रूप से बिजली के तारों और अन्य उपकरणों की जांच करानी चाहिए।
  2. प्राकृतिक गैस और इलेक्ट्रिक उपकरणों का सही तरीके से उपयोग: गैस सिलेंडर और इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग करते वक्त यह सुनिश्चित करें कि वे सही स्थिति में हैं और किसी भी प्रकार के रिसाव या खराबी से बचा जा सके।
  3. चार्जिंग के दौरान सावधानी: इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरियों को चार्ज करते वक्त उन्हें ऐसे स्थान पर रखें जहां हवा का प्रवाह अच्छा हो और आग पकड़ने का खतरा न हो।
  4. आग बुझाने के उपकरण: घर और व्यवसायिक स्थानों पर आग बुझाने के उपकरण जैसे कि फायर एक्सटिंगुइशर, पानी की बाल्टियां, और अग्निशमन यंत्र उपलब्ध रखें।
  5. जागरूकता अभियान: सरकार और गैर सरकारी संगठन मिलकर नागरिकों को आग से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करें और उन्हें सुरक्षित जीवन जीने के लिए प्रेरित करें।

नोएडा और रतलाम की घटनाएं एक बार फिर यह दिखाती हैं कि आग से सुरक्षा के उपायों को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। इस प्रकार की घटनाओं में हर साल सैकड़ों लोगों की जान जाती है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। इसलिए, हमें इन घटनाओं से सबक लेकर अपनी सुरक्षा प्रणालियों को और सख्त बनाना होगा।

किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोकने के लिए हमें खुद को और अपने परिवार को सुरक्षा की जानकारी देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही, अधिकारियों और संस्थाओं को भी इस दिशा में अपने प्रयासों को बढ़ाना होगा, ताकि ऐसी घटनाएं कम से कम हो और लोगों की जान बचाई जा सके।

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