MP News: मध्यप्रदेश के मौगंज जिले में मंगलवार शाम को एक बड़ा विवाद छिड़ गया। यह विवाद महादेवन मंदिर के पास स्थित भूमि पर अवैध कब्जा हटाने की मांग को लेकर हुआ। खटखरी चौकी क्षेत्र में यह विवाद तेजी से बढ़ा, जिसके कारण पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएँ घटित हुईं। इस घटना में चार लोग घायल हुए हैं। विवाद के बाद, सुरक्षा कारणों से जिले के कलेक्टर अजय श्रीवास्तव ने उस इलाके में धारा 163 (पूर्व में 144) लागू कर दी।
आगजनी और पत्थरबाजी:
विवाद के बाद, दो पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके और इस दौरान इलाके में आगजनी भी की गई। इससे स्थिति और बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि इस हिंसक घटना में चार लोग घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। इसके बाद, प्रशासन ने स्थिति को काबू में करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की।
बिजेपी विधायक की गिरफ्तारी:
मौगंज से बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल, जो अवैध कब्जा हटाने के लिए एक जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे थे, को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उन्हें रीवा भेज दिया। विधायक ने जेसीबी के माध्यम से मंदिर की भूमि से कब्जा हटाने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ी। यह घटनाक्रम तब हुआ जब हिन्दू नेता संतोष तिवारी तीन दिनों से भूख हड़ताल पर थे और विधायक प्रदीप पटेल उनके समर्थन में वहां पहुंचे थे।
विवाद का कारण:
यह विवाद मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर था। विधायक और उनके समर्थक प्रशासन पर दबाव बना रहे थे कि मंदिर की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त किया जाए। हालांकि, जुलाई में कोर्ट ने इस भूमि पर कोई फैसला नहीं लिया था और इस पर स्टे आदेश दिया था। बावजूद इसके, विधायक और उनके समर्थकों ने जमीन पर कब्जा हटाने के लिए प्रशासन से और समय मांगा था।
जिला प्रशासन का बयान:
मौगंज के कलेक्टर अजय श्रीवास्तव ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह मामला मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि विधायक प्रदीप पटेल और उनके समर्थक इस मुद्दे को लेकर वहां पहुंचे थे। कलेक्टर ने यह भी बताया कि इस झड़प में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि चौथा व्यक्ति मामूली रूप से घायल हुआ है। हालांकि, अब स्थिति पर काबू पा लिया गया है और इलाके में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई:
घटना के बाद, पुलिस और प्रशासन ने सक्रियता से कार्य किया। जिले के एसपी रासना ठाकुर ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए रीवा से वज्र वाहन और पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पूरी कोशिश की।
आगे की स्थिति:
इस पूरे मामले के बाद, प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि जमीन पर कब्जा हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। कलेक्टर ने कहा कि मामले की जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन की पूरी कोशिश है कि इलाके में शांति बनी रहे और किसी भी प्रकार का और हिंसक घटनाक्रम न हो।
मौगंज में हुआ यह बवाल न केवल प्रशासन की चुनौतियों को उजागर करता है, बल्कि भूमि विवादों को लेकर समाज में बढ़ते तनाव को भी दर्शाता है। इस विवाद ने यह भी साबित कर दिया कि धार्मिक स्थल और उसकी भूमि पर कब्जे को लेकर कोई भी संवेदनशील घटना समाज में बड़े तनाव का कारण बन सकती है। प्रशासन के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि वे शीघ्र स्थिति को नियंत्रित करने में सफल होंगे।