Gorakhpur AIIMS में एमबीबीएस छात्रा के साथ छेड़छाड़, छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन, गार्ड गिरफ्तार

Gorakhpur AIIMS में एमबीबीएस छात्रा के साथ छेड़छाड़, छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन, गार्ड गिरफ्तार

Gorakhpur के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में शुक्रवार रात एक शर्मनाक घटना घटी, जब एक गार्ड ने एमबीबीएस छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। इस घटना ने न केवल महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए, बल्कि छात्रों के साहस और एकजुटता को भी उजागर किया। छात्रों के तेज प्रतिक्रिया ने गार्ड को गिरफ्तार करवाया और उन्हें सजा दिलवाने के लिए धरना प्रदर्शन किया। यह घटना अब समाज में महिला सुरक्षा को लेकर नई बहस का कारण बन चुकी है।

घटना का विवरण

पीड़ित छात्रा ने बताया कि शुक्रवार रात लगभग 9 बजे वह AIIMS के गेट नंबर-4 से छात्रावास की ओर जा रही थी। तभी वहां तैनात गार्ड सतपाल यादव ने भद्दी टिप्पणियां करनी शुरू की। छात्रा ने गार्ड की टिप्पणियों को नजरअंदाज किया और आगे बढ़ने लगी। लेकिन गार्ड ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। जब वह एक सुनसान स्थान पर पहुंची, तो गार्ड ने उसे जबरदस्ती पकड़ लिया और झाड़ियों की ओर खींचने की कोशिश की। गार्ड ने बलात्कार करने की कोशिश की, लेकिन छात्रा ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया। छात्रा की चीखें सुनकर कुछ अन्य छात्राएं वहां पहुंच गईं और उन्होंने गार्ड को पकड़ लिया।

हालांकि, उसी समय अन्य गार्ड भी वहां पहुंच गए और उन्होंने आरोपी गार्ड को बचा लिया। यह स्थिति ज्यादा बिगड़ी और गार्ड को भागने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद छात्राओं ने इस घटना के खिलाफ गेट नंबर-4 के पास धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोपित गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

Gorakhpur AIIMS में एमबीबीएस छात्रा के साथ छेड़छाड़, छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन, गार्ड गिरफ्तार

छात्राओं का विरोध और धरना

घटना के बाद, छात्राओं ने पूरी तरह से विरोध करते हुए धरना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि जब तक आरोपी गार्ड को गिरफ्तार नहीं किया जाता और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपना धरना जारी रखेंगी। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि जिन गार्डों ने आरोपी गार्ड को बचाया, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस धरने की जानकारी जैसे ही AIIMS प्रशासन को मिली, वे मौके पर पहुंचे। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन छात्राओं ने साफ किया कि जब तक आरोपी गार्ड की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे अपने विरोध को समाप्त नहीं करेंगी।

पुलिस की कार्रवाई और गार्ड की गिरफ्तारी

घटना के बाद पुलिस ने तत्काल आरोपी गार्ड की तलाश शुरू की। AIIMS पुलिस स्टेशन की टीम ने गार्ड को पकड़ा और रात 12:30 बजे उसे पिपराइच से गिरफ्तार किया। पुलिस ने कहा कि छात्रा की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और आरोपित गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद छात्राओं ने धरना समाप्त किया और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया।

AIIMS अधिकारियों का बयान

AIIMS के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर अजय सिंह ने घटना की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है और उन्होंने इस पर पूरी गंभीरता से कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “हमने गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हम सुरक्षा कंपनी से भी जानकारी लेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।”

महिलाओं के खिलाफ अपराध और सुरक्षा की चिंता

यह घटना महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर एक गंभीर सवाल उठाती है। AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की घटना ने महिलाओं की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है। हालांकि, यहां की घटनाएं केवल एक उदाहरण हैं, जब महिलाएं सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित नहीं महसूस करतीं, तो उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है, यह सोचने की बात है।

हमारे समाज में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। ऐसी घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि समाज को महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ज्यादा जागरूक और जिम्मेदार होना होगा।

छात्राओं की साहसिकता और एकजुटता

इस घटना में छात्राओं का साहस बहुत महत्वपूर्ण रहा। जब छात्रा ने शोर मचाया, तो तुरंत अन्य छात्राएं मौके पर पहुंची और आरोपी गार्ड को पकड़ लिया। उनके साहस ने यह सिद्ध किया कि अगर समाज एकजुट हो, तो किसी भी अपराधी को सजा दिलवाने में सफल हो सकता है। यह घटनाएं हमें यह सिखाती हैं कि महिलाएं अकेले नहीं हैं और वे अपनी सुरक्षा के लिए लड़ सकती हैं।

धरने के दौरान छात्रों ने यह भी मांग की कि सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति और प्रशिक्षण की प्रक्रिया को सुधारने की आवश्यकता है। छात्रों ने यह भी कहा कि ऐसे गार्डों को जो महिलाओं की सुरक्षा का उल्लंघन करते हैं, उन्हें तत्काल बर्खास्त कर दिया जाए।

सुरक्षा उपायों की समीक्षा की आवश्यकता

यह घटना इस बात को स्पष्ट करती है कि AIIMS जैसे संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सुधार की जरूरत है। हालांकि, छात्रों ने विरोध किया और आरोपी गार्ड को गिरफ्तार करवाया, लेकिन इससे पहले की कोई घटना हो, प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करना चाहिए।

इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए AIIMS प्रशासन और सुरक्षा कंपनी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गार्डों की नियुक्ति और प्रशिक्षण प्रक्रिया को ठीक से चलाया जाए। इसके साथ ही, छात्रों और अन्य कर्मचारियों के लिए भी सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए।

गोरखपुर AIIMS में हुई इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा किया है। हालांकि, छात्रों के विरोध और साहस ने इस घटना को उजागर किया और आरोपी गार्ड की गिरफ्तारी संभव की, लेकिन समाज को यह समझना होगा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा और छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए हमें सभी को मिलकर काम करना होगा।

सिर्फ कानून और प्रशासन के स्तर पर नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को इस दिशा में जागरूक होना होगा, ताकि महिलाओं को हर स्थान पर सुरक्षित महसूस हो सके। यह घटना हमें यह सिखाती है कि अगर हम अपनी सुरक्षा के प्रति सजग और एकजुट होते हैं, तो कोई भी अपराधी हमारे सामने नहीं टिक सकता।

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