Gorakhpur में सुनियोजित विकास के लिए मानचित्र स्वीकृति शुल्क में दोगुना इजाफा, अनधिकृत निर्माण पर सख्त कार्रवाई

Gorakhpur में सुनियोजित विकास के लिए मानचित्र स्वीकृति शुल्क में दोगुना इजाफा, अनधिकृत निर्माण पर सख्त कार्रवाई

Gorakhpur जिले में अब सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिला पंचायत ने गोरक्षनगर के अंतिम छोर तक सुनियोजित विकास की योजना तैयार करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन फैसलों के तहत, 2022 में बनाए गए नियमों के तहत, अब हर प्रकार के आवासीय, व्यवसायिक और वाणिज्यिक भवनों के निर्माण के लिए नक्शा अनुमोदन अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, नक्शा और लेआउट अनुमोदन शुल्क में भी दोगुना बढ़ोतरी की गई है। इस नए शुल्क ढांचे को लागू करने के लिए अब 30 दिनों के भीतर आपत्तियां मांगी गई हैं।

मानचित्र स्वीकृति शुल्क में बढ़ोतरी

जिला पंचायत द्वारा आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब सभी प्रकार के मानचित्र स्वीकृति शुल्क में दोगुना इजाफा किया जाएगा। 2022 में इस संबंध में बनाए गए नियमों के अनुसार, अब आवासीय भवनों के नक्शे की मंजूरी के लिए 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क के बजाय 100 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क लिया जाएगा। इसी तरह, व्यापारिक और व्यवसायिक भवनों में सभी मंजिलों पर मंजूरी के लिए अब 100 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क की जगह 200 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क लिया जाएगा।

Gorakhpur में सुनियोजित विकास के लिए मानचित्र स्वीकृति शुल्क में दोगुना इजाफा, अनधिकृत निर्माण पर सख्त कार्रवाई

ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विकास और प्लॉटिंग के लिए शुल्क में वृद्धि

ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि का विभाजन यानी प्लॉटिंग और भूमि विकास की गतिविधियों के लिए भी शुल्क में वृद्धि की गई है। अब भूमि को विभिन्न आकारों में विभाजित कर पार्क, बाग-बगिचों और फार्म हाउस जैसी योजनाओं के लिए 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर के बजाय 40 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क देना होगा। इसके अलावा, अगर किसी परियोजना के लिए भूमि को विभिन्न प्रकार के सामानों जैसे निर्माण सामग्री, कंटेनर, तेल, पाइप आदि के भंडारण के लिए उपयोग किया जा रहा है, तो इसके लिए भी 40 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क लिया जाएगा।

सम्पत्ति प्रमाण पत्र के लिए भी शुल्क बढ़ा

जिला पंचायत द्वारा प्रस्तावित नए दरों में संपत्ति प्रमाण पत्र के लिए भी शुल्क में वृद्धि की गई है। अब इसके लिए 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर के बजाय 40 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क सभी मंजिलों के कवर किए गए क्षेत्र पर लागू होगा।

बाउंड्री वॉल के निर्माण पर भी लगेगा शुल्क

ग्रामीण क्षेत्रों में बाउंड्री वॉल के निर्माण पर भी अब जिला पंचायत से मंजूरी लेनी होगी। 2022 से यह व्यवस्था लागू की गई थी, लेकिन इसका पालन सही तरीके से नहीं हो रहा था। अब जिला पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम इस पर निगरानी रखेगी। बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क जमा करना होगा।

धार्मिक और चैरिटेबल संस्थाओं के लिए छूट

नए प्रस्तावित नियमों के तहत, धार्मिक और चैरिटेबल संस्थाओं को भी छूट दी जाएगी। यदि ये संस्थाएं महिला सुरक्षा घरों, विधवाओं और लाचार महिलाओं, कुष्ठ रोगियों, बधिर व्यक्तियों और अन्य जरूरतमंदों के लिए निर्माण करती हैं, तो उन्हें निर्धारित शुल्क का केवल 35 प्रतिशत जमा करने पर नक्शा अनुमोदन मिलेगा। यह छूट केवल उन चैरिटेबल संस्थाओं को मिलेगी, जिन्हें आयकर अधिनियम के तहत छूट प्राप्त है।

गैरकानूनी निर्माण पर कार्रवाई

गोरखपुर जिले में अब यदि किसी भी व्यक्ति या संस्था ने बिना नक्शा अनुमोदन के निर्माण कार्य शुरू किया, तो जिला पंचायत उस पर नोटिस जारी करेगा। अगर एक महीने के भीतर संबंधित व्यक्ति या संस्था ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो निर्माण को गैरकानूनी घोषित कर दिया जाएगा। इसके बाद, उस निर्माण को हटाने का आदेश दिया जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा में निर्माण हटाया नहीं जाता है, तो गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की तरह जिला पंचायत के पास भी उस निर्माण को ध्वस्त या सील करने का अधिकार होगा।


गोरखपुर जिला पंचायत द्वारा लिए गए ये निर्णय सुनियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। मानचित्र स्वीकृति शुल्क में बढ़ोतरी से विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी और गैरकानूनी निर्माण पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, छूट देने वाले नियमों से चैरिटेबल संस्थाओं को भी राहत मिलेगी, जो समाज के कमजोर वर्गों के लिए काम कर रही हैं। इस नए शुल्क ढांचे और सख्त नियमों के लागू होने से उम्मीद की जा रही है कि गोरखपुर में अवैध निर्माण की समस्या पर काबू पाया जा सकेगा और विकास कार्य अधिक सुव्यवस्थित तरीके से किए जाएंगे।

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