Mann ki Baat: PM मोदी ने कहा – संविधान समय की कसौटी पर खरा

Mann ki Baat: PM मोदी ने कहा - संविधान समय की कसौटी पर खरा

Mann ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम के 117वें एपिसोड में देशवासियों से संवाद किया। इस एपिसोड की शुरुआत में पीएम मोदी ने सभी को नए साल की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हम एक नई शुरुआत कर रहे हैं, और यह साल हम सभी के लिए सुख और समृद्धि लेकर आए।

डिजिटल इंडिया का प्रभाव अब दिखाई देने लगा है

प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में डिजिटल इंडिया की ओर भी इशारा किया और कहा कि अब डिजिटल इंडिया का प्रभाव धीरे-धीरे दिखाई देने लगा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि महाकुंभ 2025 में डिजिटल नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रणाली के जरिए श्रद्धालु विभिन्न घाटों, मंदिरों और साधुओं के अखाड़ों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इसके अलावा, पार्किंग स्थल तक भी पहुंचने में सहायता मिलेगी।

कुंभ मेला 2025 में तकनीकी सहायता

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि पूरे मेला क्षेत्र में एआई-पावर्ड कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे। अगर कोई व्यक्ति अपने परिवार से बिछड़ जाता है, तो ये कैमरे उन्हें खोजने में मदद करेंगे। इसके साथ ही, एक डिजिटल लास्ट एंड फाउंड सेंटर की सुविधा भी श्रद्धालुओं को उपलब्ध होगी, जिससे खोई हुई चीजों का पता लगाने में आसानी होगी।

संविधान हमारा मार्गदर्शक है

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में संविधान पर भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 2025 को हमारा संविधान 75 साल का हो जाएगा। यह एक ऐतिहासिक अवसर है। संविधान को भारत का मार्गदर्शक बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह न केवल हमारे देश की संरचना को परिभाषित करता है, बल्कि यह समय की कसौटी पर खरा भी उतरा है। संविधान हमारे राष्ट्र के मूल सिद्धांतों और हमारे लोकतंत्र की नींव है।

संविधान दिवस पर 75 वर्षों का उत्सव

पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि इस वर्ष 26 नवम्बर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें भारत संविधान के अंगीकरण के 75 वर्षों की उपलब्धि का जश्न मनाएगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर एक राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की जाएगी, जिसमें नागरिकों से संविधान के प्रस्तावना को पढ़ने और अपने वीडियो साझा करने की अपील की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य देशवासियों में एकता और राष्ट्रीय गर्व की भावना को प्रोत्साहित करना है।

संविधान को पढ़ने और समझने का महत्व

प्रधानमंत्री ने संविधान के महत्व पर जोर दिया और कहा कि यह हमारे अधिकारों, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का स्पष्ट रूप से वर्णन करता है। उन्होंने नागरिकों से संविधान की प्रस्तावना को पढ़ने की अपील की, क्योंकि यह भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है। यह हमें हमारी जिम्मेदारियों और स्वतंत्रता का अहसास कराता है और देशवासियों को प्रेरित करता है कि वे अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाएं।

Mann ki Baat: PM मोदी ने कहा - संविधान समय की कसौटी पर खरा

मन की बात में प्रधानमंत्री का संदेश

मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश साफ था कि हमारे संविधान में एकता, अखंडता और न्याय के सिद्धांतों को स्थापित किया गया है, जो हमें देश के नागरिक होने के नाते दिशा और प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर यह सुनिश्चित किया कि इस अवसर पर हम सभी इसे और अधिक समझें और इसे अपने जीवन में लागू करें। उन्होंने नागरिकों से यह भी अपील की कि वे संविधान के प्रति अपने सम्मान को बढ़ाने के लिए इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें।

नए साल में नई उम्मीदें और लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने नए साल के शुभारंभ के मौके पर यह भी कहा कि हम सबको इस साल की शुरुआत में अपने व्यक्तिगत और सामाजिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह साल हम सभी के लिए नई उम्मीदें और सकारात्मक परिवर्तन लेकर आएगा। उन्होंने देशवासियों से यह भी कहा कि हमें मिलकर अपने राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए और समाज में अच्छाई और एकता को बढ़ावा देना चाहिए।

किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए योजनाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चल रही योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समृद्धि और विकास सुनिश्चित कर रही है। इस संदर्भ में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सरकार ग्रामीण भारत में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि यहां के लोग भी समाज के अन्य हिस्सों की तरह समृद्धि का अनुभव कर सकें।

स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता

मन की बात में प्रधानमंत्री ने स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने की भी बात की। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण को बचाने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएं और स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने में अपना योगदान दें। इस संदर्भ में उन्होंने लोगों से अपनी छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाने की बात की, जैसे कि प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करना और कचरे का सही तरीके से निस्तारण करना।

कविता और संस्कृति का प्रसार

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय संस्कृति और साहित्य को भी मन की बात में शामिल किया। उन्होंने कहा कि भारत में कला और संस्कृति की एक लंबी परंपरा है, जिसे हमें आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से भारतीय कविताओं और साहित्य को पढ़ने और समझने का आग्रह किया, ताकि हमारे सांस्कृतिक धरोहर को बचाए रखा जा सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मन की बात कार्यक्रम देशवासियों को एकजुट करने और उन्हें जागरूक करने का एक प्रभावी माध्यम बना है। संविधान के 75 वर्षों के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें हमारे संविधान के महत्व और उसके योगदान को समझने का अवसर देता है। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को प्रेरित किया है कि वे संविधान को पढ़ें, समझें और अपने जीवन में लागू करें, ताकि हम सभी मिलकर एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ सकें।

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