Mahakumbh 2025: तैयारियां जारी, एनडीआरएफ ने मॉक ड्रिल में 9 लोगों की बचाई जान

Mahakumbh 2025: तैयारियां जारी, एनडीआरएफ ने मॉक ड्रिल में 9 लोगों की बचाई जान

Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 के आयोजन को लेकर प्रयागराज में तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में सोमवार को एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) ने अरैल घाट पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी सुनिश्चित करना था। एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक (DIG) एमके शर्मा ने कहा, “महाकुंभ 2025 को ध्यान में रखते हुए हमारी तैयारियां पूरी हैं। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यह भरोसा दिलाना है कि हम किसी भी स्थिति में चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ तैयार

एमके शर्मा ने बताया कि यह मॉक ड्रिल इसलिए आयोजित की गई ताकि किसी भी समय उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटा जा सके। एनडीआरएफ की टीम रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु आपात स्थिति से निपटने में सक्षम है। उन्होंने कहा, “एनडीआरएफ महाकुंभ के लिए पूरी तरह तैयार है। यदि कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो हम उस पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। मॉक ड्रिल में डूबते हुए लोगों को बचाने का काम किया गया। यदि कोई नाव पलट जाए, तो डूबते हुए लोगों को कैसे बचाया जाएगा, इन सभी स्थितियों को ध्यान में रखकर तैयारी की जा रही है।”

एनडीआरएफ ने बचाए 9 डूबते हुए लोग

सोमवार को एनडीआरएफ की टीम ने गंगा नदी में डूब रहे 9 लोगों को बचाने में सफलता पाई। यह घटना उस समय हुई जब गंगा नदी में कुछ लोग डूबने लगे। परिवार के लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। इस दौरान एनडीआरएफ के अधिकारी मनोज कुमार शर्मा ने मदद की पुकार सुनते ही अपनी टीम को तत्काल बचाव कार्य का आदेश दिया। टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

एनडीआरएफ की टीम में विशेष गोताखोर और तैराक शामिल

एनडीआरएफ की टीम में विशेष गोताखोर और प्रशिक्षित तैराक शामिल हैं। इसके अलावा, लोगों को बचाने के लिए स्पीड बोट और अंडरवॉटर टॉर्च का भी प्रबंध किया गया है। एनडीआरएफ यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सके। टीम दिन और रात दोनों समय बचाव कार्य करने में सक्षम है।

Mahakumbh 2025: तैयारियां जारी, एनडीआरएफ ने मॉक ड्रिल में 9 लोगों की बचाई जान

रासायनिक और जैविक आपात स्थिति से निपटने में भी सक्षम

एनडीआरएफ ने यह भी बताया कि उनकी टीम रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से सुसज्जित है। उनके पास सभी आवश्यक उपकरण मौजूद हैं। मॉक ड्रिल के दौरान यह प्रदर्शित किया गया कि किसी भी संकट की स्थिति में कैसे तेजी से कार्रवाई की जा सकती है।

श्रद्धालुओं का विश्वास जीतने का लक्ष्य

एनडीआरएफ का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को यह विश्वास दिलाना है कि वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। एमके शर्मा ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को यह विश्वास हो कि एनडीआरएफ हर स्थिति से निपटने में सक्षम है। हमने हर संभव तैयारी कर ली है ताकि महाकुंभ के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।”

महाकुंभ 2025 के लिए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट मोड पर हैं। एनडीआरएफ के इस मॉक ड्रिल से यह स्पष्ट हो गया है कि वे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस तरह की तैयारियां महाकुंभ 2025 के सफल और सुरक्षित आयोजन में अहम भूमिका निभाएंगी।

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