Maha Kumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण सड़कों पर लंबा जाम लग रहा है। जाम की समस्या से निपटने और श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि महाकुंभ के दौरान वाहनों को टोल मुक्त किया जाए ताकि यात्रा में रुकावटें कम हों और जाम की समस्या से निजात मिल सके।
अखिलेश यादव का सोशल मीडिया पर पोस्ट
अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि, “महाकुंभ के अवसर पर उत्तर प्रदेश में वाहनों को टोल मुक्त किया जाना चाहिए। इससे यात्रा में बाधा कम होगी और जाम का संकट भी हल होगा। जब फिल्मों को मनोरंजन कर मुक्त किया जा सकता है, तो महाकुंभ के महापर्व पर गाड़ियों को कर मुक्त क्यों नहीं किया जा सकता?”
इस पोस्ट के साथ उन्होंने कुछ फोटो और वीडियो भी साझा किए हैं, जिनमें वह टोल पर खाना खा रहे श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं। अखिलेश यादव ने इन तस्वीरों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पोस्ट किया और जाम के संकट को लेकर अपनी चिंता जताई।
महाकुंभ में श्रद्धालुओं का आना जारी
प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन अभी भी जारी है और श्रद्धालुओं का आना लगातार बढ़ रहा है। 26 फरवरी तक महाकुंभ का आयोजन होगा, जब तक मेला क्षेत्र में भी भारी भीड़ बनी रहेगी। इस दौरान प्रयागराज जिले की सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है। हाल ही में रविवार, 9 फरवरी को एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया है।
अखिलेश यादव का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से यातायात व्यवस्था में दिक्कतें आ रही हैं, और टोल मुक्त किए जाने से यात्रा को आसान बनाया जा सकता है।
जाम और ट्रैफिक की समस्या
महाकुंभ में हर दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु संगम में स्नान करने के लिए आ रहे हैं। एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का प्रतिदिन स्नान करना और शहर से मेला क्षेत्र तक पहुंचने वाले वाहनों की संख्या में भारी बढ़ोतरी के कारण प्रयागराज की सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस जाम का असर मुख्य सड़कों और एंट्री पॉइंट्स पर भी पड़ा है।
मेला क्षेत्र और शहर के बीच यातायात की स्थिति को सुधारने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने विशेष इंतजाम किए हैं। बावजूद इसके श्रद्धालुओं को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महाकुंभ के अवसर पर उप्र में वाहनों को टोल मुक्त किया जाना चाहिए, इससे यात्रा की बाधा भी कम होगी और जाम का संकट भी। जब फ़िल्मों को मनोरंजन कर मुक्त किया जा सकता है तो महाकुंभ के महापर्व पर गाड़ियों को कर मुक्त क्यों नहीं? pic.twitter.com/1ceISd8WNK
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 9, 2025
प्रशासन की तैयारियां और व्यवस्था
महाकुंभ की व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं। इस समय पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं और लोगों की मदद कर रहे हैं।
महाकुंभ के डीआईजी पुलिस, वैभव कृष्ण, संगम से लेकर एंट्री पॉइंट तक पैदल भ्रमण कर रहे हैं और व्यवस्थाओं को सुधारने में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित रूप से अधिक है, जिसके कारण व्यवस्था को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। हालांकि, प्रशासन पूरी तरह से इस स्थिति को संभालने में लगा हुआ है।
टोल मुक्त किए जाने से क्या होगा फायदा?
अखिलेश यादव का सुझाव है कि महाकुंभ के दौरान वाहनों को टोल मुक्त करने से जाम की समस्या में कमी आ सकती है। इससे न केवल श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी, बल्कि यातायात की स्थिति भी बेहतर हो सकती है। अगर सरकार इस पर विचार करती है तो महाकुंभ के दौरान आने-जाने वाले वाहनों की गति बढ़ सकती है, और लोग जल्दी अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।
अखिलेश यादव का कहना है कि जब फिल्मों को मनोरंजन कर से मुक्त किया जा सकता है, तो महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजन को भी टोल से मुक्ति मिलनी चाहिए। यह एक ऐसा कदम होगा जिससे लाखों श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी और यात्रा में कोई रुकावट नहीं आएगी।
सपा प्रमुख की चिंता और उनकी आलोचना
हालांकि, बीजेपी और अन्य राजनीतिक दलों ने अखिलेश यादव के इस सुझाव पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। बीजेपी नेता डॉ. निशित शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के बजाय अखिलेश यादव को खुद इस समस्या का समाधान खोजना चाहिए। उनका कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक बयानबाजी हो सकती है, जो असल समस्या से ध्यान भटकाने के लिए किया गया है।
प्रशासन की कड़ी निगरानी में व्यवस्थाएं
प्रशासन ने भी इस मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट की है। वे लगातार इस बात पर काम कर रहे हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। ट्रैफिक की सुचारु व्यवस्था और भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने विशेष टीमों का गठन किया है।
महाकुंभ में आने वाले दिनों में और भी अधिक भीड़ की उम्मीद जताई जा रही है, और प्रशासन इस मुद्दे को लेकर सतर्क है।
महाकुंभ एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें लाखों लोग हिस्सा लेते हैं। इस दौरान यातायात की समस्याओं का बढ़ना स्वाभाविक है। अखिलेश यादव का सुझाव कि वाहनों को टोल मुक्त किया जाए, एक व्यावहारिक कदम हो सकता है, जो श्रद्धालुओं के लिए राहतकारी साबित हो सकता है। हालांकि, इस कदम पर सरकार और प्रशासन का क्या रुख होगा, यह देखना बाकी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं, ताकि महाकुंभ के आयोजन को शांतिपूर्ण और सुगम बनाया जा सके।