Landslide In Tamilnadu: तमिलनाडु के तिरुवन्नामलई जिले में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में सात लोग मलबे में फंस गए हैं, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। यह घटना रविवार को हुई, जब अनमलैयार पहाड़ी के निचले ढलान पर स्थित झोपड़ियों पर भारी पत्थर गिर गया। इस हादसे में सात लोग फंसे हैं, जिनमें बच्चों की संख्या तीन बताई जा रही है।
हादसे का विवरण
सूत्रों के मुताबिक, भारी बारिश के चलते एक विशाल पत्थर अनमलैयार पहाड़ी से गिरा और निचले हिस्से में स्थित झोपड़ियों पर गिर गया। इस पत्थर के गिरने के बाद सात लोग मलबे में फंस गए हैं। घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के जवान भी शामिल हैं।
स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन भारी बारिश और अंधेरे के कारण काम में कठिनाइयाँ आ रही हैं। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि कितने लोग मलबे में फंसे हैं, लेकिन अधिकारियों ने 5 से 7 लोगों के फंसे होने का अनुमान जताया है।
बचाव कार्य जारी
तिरुवन्नामलई जिले के कलेक्टर डॉ. भीष्कर पांडियन और पुलिस अधीक्षक एम. सुधाकर ने रविवार शाम को घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बचाव कार्य की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से निरंतर प्रयास करने को कहा। जिले में भारी बारिश के बावजूद बचाव कार्य बिना किसी रुकावट के चल रहा है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल का योगदान
फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज के एक अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश और अंधेरे के बावजूद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल मलबे के नीचे दबे लोगों के बारे में सटीक जानकारी मिल पाना मुश्किल हो रहा है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम भी बचाव कार्य में शामिल हो गई है और वह बचाव कार्य को तेज करने के लिए आवश्यक उपकरणों के साथ वहां पहुंच चुकी है।
पहाड़ी के निचले इलाके में मलबे का ढेर
चक्रवात फेंगल के कारण तमिलनाडु में लगातार बारिश हो रही थी, जिससे इलाके में भूस्खलन हुआ। अनमलैयार पहाड़ी के निचले हिस्से में स्थित झोपड़ियों में लोग रहते हैं, जिनके ऊपर भारी पत्थर गिर गया। यह पत्थर इतना विशाल था कि उसने पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया और कई लोग मलबे में दब गए। इस हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत मलबे को हटाने के लिए बचाव कार्य शुरू कर दिया।
चक्रवात फेंगल का असर
चक्रवात फेंगल के प्रभाव से तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश हो रही है। इसके कारण विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इस चक्रवात के कारण तमिलनाडु के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है और अधिकारी स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे हैं।
अधिकारी ने की स्थिति का आकलन
तमिलनाडु के कलेक्टर डॉ. भीष्कर पांडियन और पुलिस अधीक्षक एम. सुधाकर ने घटनास्थल का दौरा किया और वहां के हालात का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बचाव कार्य को और तेज किया जाए और मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकाला जाए। इस दौरान, उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
मलबे में फंसे लोगों की खोज
बचाव दल के अधिकारियों ने बताया कि मलबे के अंदर फंसे लोगों की संख्या का सही आंकड़ा अंधेरे और बारिश के कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि, बचाव दल हर संभव प्रयास कर रहे हैं और मलबे को हटाने के लिए आवश्यक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा, पुलिस और फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज के कर्मचारी भी बचाव कार्य में पूरी मेहनत से लगे हुए हैं।
भूस्खलन के बाद प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति
पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन होने के बाद स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई गांवों को खाली कराया है और उन क्षेत्रों को असुरक्षित घोषित किया है। प्रभावित इलाकों में अभी भी भारी बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन और अधिक हो सकता है। अधिकारियों ने राहत कार्यों में तेजी लाने की कोशिश की है और लोगों से आग्रह किया है कि वे सुरक्षित स्थानों पर जाएं।
भविष्य में सख्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
इस हादसे से यह स्पष्ट होता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षा उपायों को और सख्त करने की आवश्यकता है। विशेष रूप से ऐसे इलाकों में जहां भूस्खलन की संभावना अधिक हो, वहां की संरचना और बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जाना चाहिए। इसके अलावा, भारी बारिश और चक्रवातों के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
चक्रवात फेंगल के कारण तमिलनाडु में भूस्खलन जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, और इसने कई लोगों की जान को खतरे में डाल दिया है। फिलहाल, मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव कार्य जारी है, और अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए और भी प्रभावी उपायों की जरूरत है। उम्मीद है कि जल्दी ही सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा और स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।