Kushinagar News: रविवार सुबह कुशीनगर जिले में पुलिस ने एक पशु तस्कर को गिरफ्तार किया, जिसके पैर में गोली लगी है। यह घटना गणेशापट्टी के पास गागलवा नहर पुल के निकट हुई, जहां पुलिस की टीम ने तस्कर का सामना किया। घायल तस्कर का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
मुठभेड़ का विवरण
पुलिस ने चार प्रतिबंधित जानवरों, एक बोलेरो, अवैध हथियारों और नकद राशि तस्कर से बरामद की है। एएसपी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को सेवरही पुलिस थाने के क्षेत्र में जानकारी मिली थी कि कुछ चतुर पशु तस्कर अवैध रूप से सीमावर्ती क्षेत्र से बिहार ले जा रहे हैं।
पुलिस ने इस जानकारी पर तुरंत कार्रवाई की और चार पुलिस थानों की एक संयुक्त टीम का गठन किया। सेवरही, पतेरहवा, विशनुपुरा और साइबर पुलिस थाने की टीम ने विशनुपुरा-सेवरही सड़क पर गणेशपत्ती के पास पुलिस बैरिकेड लगाकर चेकिंग शुरू की।
मुठभेड़ की घड़ी
पुलिस चेकिंग के दौरान एक बोलेरो गाड़ी को बैरिकेड तोड़ते हुए देखा गया। जब पुलिस टीम ने इसे रुकने का इशारा किया, तो बोलेरो में सवार कुछ लोगों ने पेड़ों और झाड़ियों के पीछे छिपकर पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके जवाब में पुलिस टीम ने भी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लग गई।
घायल तस्कर की पहचान
घायल तस्कर की पहचान विक्की प्रसाद के रूप में हुई है, जो गोरखपुर के चौरा चौरी थाना क्षेत्र के मंगरिया अमकोल का निवासी है। उसके पास से चार प्रतिबंधित जानवर, एक ठोस लकड़ी का गोल स्टिक, रस्सी, दो चाकू, एक अवैध पिस्तौल, कारतूस और ₹5300 की नकदी बरामद की गई है।
उपचार और कानूनी कार्रवाई
पुलिस की निगरानी में घायल तस्कर को मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। एएसपी ने बताया कि तस्कर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं, जो प्रतिबंधित जानवरों को क्रूरता से गाड़ियों में भरकर बिहार जैसे राज्यों में ले जाते हैं।
तस्कर का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार किए गए पशु तस्कर का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ कुशीनगर और आस-पास के जिलों में लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए तस्कर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की तैयारी
पुलिस टीम ने इस कार्रवाई में शामिल अन्य अधिकारियों का उल्लेख किया है, जिसमें साइबर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर मनोज पंत, विशनुपुरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर रामसहाय चौहान, सेवरही इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश राय और पतेरहवा के एसओ दीपक सिंह शामिल हैं।
यह घटना कुशीनगर जिले में पशु तस्करी की बढ़ती समस्या को उजागर करती है। पुलिस की इस मुहिम ने न केवल एक तस्कर को पकड़ा है, बल्कि यह दर्शाता है कि प्रशासन पशु तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस तरह की गतिविधियों पर और अधिक कड़ी नजर रखेगा। पशु तस्करी एक गंभीर अपराध है, और इसके खिलाफ समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है।
इस घटना ने हमें यह भी याद दिलाया है कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तत्परता और सक्रियता कितनी महत्वपूर्ण है। हम सभी को भी अपने आसपास की गतिविधियों के प्रति सजग रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को देनी चाहिए।
पुलिस ने इस मुठभेड़ में न केवल एक तस्कर को पकड़कर उसे कानून के हाथों में सौंपा है, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को सहन नहीं करेंगे। अब यह देखना है कि प्रशासन आगे इस दिशा में और क्या कदम उठाता है।