Kasganj News: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है, जिसमें चार महिलाएं, जिनमें एक 10 वर्षीय बच्ची भी शामिल थी, मिट्टी के ढेर के मलबे में दबकर अपनी जान गंवा बैठी। यह हादसा कासगंज के कोतवाली थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुआ, जब महिलाएं एक पुल निर्माण के लिए खोदी गई खाई से मिट्टी लेने गई थीं। यह दुर्घटना देवउठनी एकादशी के दिन हुई, जब महिलाएं अपने घर के सफाई कार्य के लिए मिट्टी इकट्ठा करने गई थीं।
घटना का विवरण
यह हादसा मंगलवार सुबह करीब सात बजे कासगंज के मोहंनपुरा गांव के पास हुआ। महिलाएं और बच्चे Rampur गांव से मिट्टी लेने आए थे, जो पुल निर्माण के लिए खोदी गई खाई से एकत्रित की जा रही थी। कासगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश भारती ने जानकारी दी कि “इस हादसे में चार लोगों की जान चली गई, जिनमें तीन महिलाएं और एक 10 वर्षीय बच्ची शामिल हैं।” उन्होंने बताया कि कुल नौ लोग मिट्टी इकट्ठा करने के लिए गए थे, और इस दौरान वे करीब 10 फीट गहरी खाई में गिर गए, जिसके कारण मिट्टी उनके ऊपर गिर गई और वे दब गए।
सात लोगों का इलाज जारी
घटनास्थल पर पहुंचे बचाव दल ने मलबे से चार शवों को निकाला। इसके अलावा, पांच अन्य घायलों को इलाज के लिए अलीगढ़ भेजा गया। कासगंज के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि “घायलों में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें अलीगढ़ रेफर किया गया है, जबकि बाकी लोगों को कासगंज जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यक्त की शोक संवेदनाएं
कासगंज में इस भीषण हादसे की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कासगंज जिले के मोहंनपुरा में मिट्टी के ढेर के ढहने से हुई दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।”
उन्होंने जिला प्रशासन को घटनास्थल पर पहुंचने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने घायलों के उपचार के लिए अस्पताल में तुरंत भेजने और उनकी शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
हादसे के कारण और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
यह हादसा तब हुआ जब पुल निर्माण के लिए खोदी गई खाई से मिट्टी निकालने का काम किया जा रहा था। यह खाई करीब 10 फीट गहरी थी, और इसके आसपास मिट्टी के ढेर लगे हुए थे, जो अचानक ढह गए। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि इस तरह के निर्माण कार्यों में सुरक्षा उपायों की कितनी कमी हो सकती है। घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
नतीजा और भविष्य में सुरक्षा की आवश्यकता
यह दुखद घटना कासगंज के लोगों के लिए एक बड़ी क्षति है। स्थानीय प्रशासन और सरकारी अधिकारियों को इस हादसे से सीख लेकर, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने चाहिए। विशेषकर निर्माण कार्यों में मजदूरों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राहत कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देशों के बाद उम्मीद की जाती है कि घायल व्यक्तियों को शीघ्र इलाज मिलेगा और इस तरह की घटनाओं को भविष्य में टाला जा सकेगा।