India-Nepal सीमा पर काकड़हवा बॉर्डर से बुधवार को एक ईरानी नागरिक को गिरफ्तार किया गया, जिसने बिना वीजा के भारत से नेपाल जाने की कोशिश की थी। गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम कमरान चाकमेह (Kamran Chakmeh) है, जो ईरान के तेहरान शहर के पेर्से स्ट्रीट तनद एलए सादी नंबर 20/2 का निवासी है। कमरान को सीमा सुरक्षा बल (SSB) और पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया और पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिससे अधिकारियों के होश उड़ गए।
ईरानी नागरिक की गिरफ्तारी और संदेहास्पद दस्तावेज
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से चार पासपोर्ट, दो फर्जी आधार कार्ड (रवी कुमार के नाम से), दो पहचान पत्र, और दिल्ली से गोरखपुर तक की रेलवे टिकट बरामद की। इसके अलावा, एक मोबाइल, पांच सिम कार्ड, दो एटीएम कार्ड और 13 हजार रुपये भी आरोपी के पास से प्राप्त हुए। ये सभी दस्तावेज और सामान संदिग्ध थे, और इससे यह जाहिर हो गया कि कमरान किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हो सकता है।
पूछताछ में खुलासा: दिल्ली में रहने के दौरान संबंध
पूछताछ में कमरान ने बताया कि वह दिल्ली के एक परिचित अमित सिंह के घर पर दो साल से रह रहा था। अमित सिंह, जो दिल्ली में मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़ा था, नेपाल भी व्यापार के लिए अक्सर जाता था। कमरान का कहना था कि वह अमित से नेपाल में मिला था, और दोनों ने भारतीय सीमा में प्रवेश किया था। इसके बाद, कमरान दिल्ली में अमित के साथ रहने लगा।
अमित सिंह के पकड़े जाने के बाद योजना बना रहा था नेपाल भागने की
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि जब दिवाली के दौरान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अमित के ठिकाने पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार किया, तब कमरान ने नेपाल भागने की योजना बनाई। वह भारत से नेपाल जाने के लिए एक ट्रेन टिकट दिल्ली से गोरखपुर तक बुक किया और गोरखपुर पहुंचने के बाद कैब लेकर काकड़हवा बॉर्डर पहुंचने की कोशिश की। वह नेपाल के रास्ते अपनी देश वापसी की योजना बना रहा था।
पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी
कमरान की इस संदिग्ध यात्रा को लेकर काकड़हवा बॉर्डर पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (SSB) और पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे धर दबोचा। इस टीम में मोहाना पुलिस स्टेशन के प्रभारी अनुप कुमार मिश्रा, काकड़हवा चौकी के प्रभारी राकेश त्रिपाठी, हेड कांस्टेबल उमेश कुमार, SSB के उपनिरीक्षक ओमप्रकाश, और अन्य अधिकारी शामिल थे।
पुलिस स्टेशन प्रभारी अनुप कुमार मिश्रा ने बताया कि कमरान के पास भारतीय वीजा नहीं था। इसके अलावा, उसके पास जो पासपोर्ट था, उसमें दो साल पहले नेपाल से भारत में प्रवेश की एंट्री थी, जिससे यह साफ होता है कि कमरान पहले भी नेपाल आ चुका था। पुलिस ने इस मामले में एक केस दर्ज किया और उसे जेल भेज दिया।
जांच में और खुलासे की संभावना
इस गिरफ्तारी से यह भी संकेत मिलता है कि कमरान का नेपाल में कोई कनेक्शन हो सकता है, और वह किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय अपराधी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। खासकर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि कमरान ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल क्यों किया और उसका नेपाल में क्या उद्देश्य था। इसके साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि क्या अमित सिंह के साथ उसका कोई संबंध था और क्या वह ड्रग्स के कारोबार में शामिल था।
यह गिरफ्तारी भारत और नेपाल के बीच सीमा सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाती है। बिना वीजा के अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की कोशिशें और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन सकते हैं। इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि सीमा सुरक्षा बल और पुलिस की संयुक्त टीम की मुस्तैदी ने एक बड़ा अपराध होने से पहले उसे रोक लिया। इस मामले की जांच के बाद और भी तथ्य सामने आ सकते हैं, जो इस अंतरराष्ट्रीय मामले की गंभीरता को और बढ़ा सकते हैं।