Basti : उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां विद्युत विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) पर महिला के साथ बलात्कार और शारीरिक शोषण का आरोप लगा है। आरोप है कि JE ने महिला से बिजली का बिल घटाने के नाम पर उसकी इज्जत से खेला। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें महिला और JE की आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि, वीडियो की संवेदनशीलता के कारण इसे सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाया जा सकता है। इस घिनौने कृत्य ने न केवल बस्ती जिले बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को हिला दिया है और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
बस्ती के गौखर विद्युत उपकेंद्र में तैनात जूनियर इंजीनियर रविंद्र कुमार पर महिला के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। महिला और JE के बीच की यह शर्मनाक घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। वायरल वीडियो में महिला और JE को नग्न अवस्था में देखा जा सकता है, जिसे लेकर विभाग के उच्च अधिकारी भी हैरान और परेशान हैं।
आरोप है कि JE रविंद्र कुमार ने महिला के घर जाकर उसका बिजली मीटर देखा और फिर बिजली का बिल देखकर महिला से पूछा कि क्या वह अपना बिजली बिल कम करवाना चाहती है। इसके बाद, JE ने महिला को कुछ पिला दिया, जिसके बाद महिला बेहोश हो गई। महिला के बेहोश होते ही JE ने उसके साथ आपत्तिजनक वीडियो बना लिया।
महिला के साहसिक कदम ने खोला JE का चेहरा
महिला ने JE के इस कृत्य के बाद साहसिक कदम उठाया और एक बार फिर उसे घर बुलाया, लेकिन इस बार महिला ने पहले से ही कैमरा छुपाकर रख लिया था। जब JE ने फिर से उस पर घिनौना हमला किया, तो वह घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। इसके बाद महिला ने पुलिस को इस घटना की शिकायत की।
महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और JE के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
पुलिस अधिकारियों का बयान
इस मामले में बस्ती के उप पुलिस अधीक्षक सतीन्द्र भूषण तिवारी ने कहा कि उन्हें इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता एसके सरोज से जब इस मामले पर प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने कहा कि यह मामला अभी उनके ध्यान में नहीं आया है। वे इसकी जानकारी अब तक प्राप्त नहीं कर पाए थे। हालांकि, यदि सरकार से कोई निर्देश मिलता है, तो विभागीय जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय अधिकारियों की प्रतिक्रिया
विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले ने विभाग की छवि को धूमिल किया है। JE के इस कृत्य से विभाग के सभी कर्मचारियों के बारे में गलत संदेश गया है। मामले के सामने आने के बाद उच्च अधिकारियों ने कहा कि इस पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, विभागीय जांच के बिना इस पर कोई बयान देना मुश्किल है।
महिला ने दिखाई साहस, अपराधी को पकड़ा
महिला ने JE के खिलाफ अपना आत्मसम्मान बचाने के लिए जो साहसिक कदम उठाए, वह न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज में महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता का भी संदेश देता है। महिला ने न केवल JE के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, बल्कि इस घटना को उजागर करने के लिए खुद को कैमरे में भी कैद किया, ताकि सच सामने आ सके।
यह घटना न केवल बस्ती जिले के लिए बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक चेतावनी है कि ऐसे कृत्यों पर अंकुश लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। महिला के द्वारा की गई शिकायत और कार्रवाई से यह भी साफ होता है कि समाज में अब महिलाएं अपनी आवाज उठाने से नहीं डरतीं और ऐसे कृत्यों को उजागर करने में कोई संकोच नहीं करतीं।
समाज और सरकार को जागरूक करने की आवश्यकता
इस घटना ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए यह बेहद जरूरी है कि सरकार और समाज मिलकर इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए। विभागीय अधिकारियों की तरफ से भी यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे कृत्यों के लिए कोई भी कर्मचारी जिम्मेदार नहीं हो और महिला कर्मचारियों को भी सुरक्षित माहौल मिले।
साथ ही, यह भी आवश्यक है कि सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को महिलाओं के प्रति सम्मान और कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक किया जाए। सिर्फ महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि उन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए जो इस तरह के अपराधों में लिप्त होते हैं।
बस्ती जिले के इस शर्मनाक मामले ने यह साबित कर दिया कि समाज में महिलाओं के खिलाफ अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालांकि, महिला ने साहसिक कदम उठाया और JE के कृत्य को उजागर किया, लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार और समाज को मिलकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। महिला ने न केवल अपने आत्मसम्मान को बचाने के लिए कदम उठाया, बल्कि पूरी समाज को यह संदेश दिया कि अब महिलाएं हर तरह के उत्पीड़न और शोषण के खिलाफ आवाज उठाएंगी। अब यह जिम्मेदारी पुलिस और विभागीय अधिकारियों की है कि वे इस मामले की पूरी जांच करें और आरोपी को कड़ी सजा दिलवाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के कृत्य न हो सकें।