Gorakhpur: ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय धीरेंद्र दुबे की गोली मारकर हत्या, पुलिस अब तक खाली हाथ

Gorakhpur: ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय धीरेंद्र दुबे की गोली मारकर हत्या, पुलिस अब तक खाली हाथ

Gorakhpur जिले के सहजनवा क्षेत्र के भीठा गांव में गुरुवार सुबह ज़ोमैटो  डिलीवरी बॉय धीरेंद्र दुबे (उम्र 27) का शव मिला। सिर और मस्तिष्क में गोली लगने के कारण उनकी हत्या की गई थी। हत्या के 48 घंटे बाद भी पुलिस आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।

ज़ोमैटो  की ड्रेस और CHC स्लिप घर से मिली

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान धीरेंद्र के घर से ज़ोमैटो  की ड्रेस और एक CHC (कम्युनिटी हेल्थ सेंटर) की स्लिप बरामद की है। परिवार वालों ने बताया कि 15 दिन पहले धीरेंद्र ने जहर खा लिया था और खुद ही CHC जाकर इलाज करवाया था, लेकिन उसने जहर खाने की वजह नहीं बताई थी। जहर खाने के बाद वह तो बच गया, लेकिन इसके बाद उसे गोली मारकर हत्या कर दी गई।

पुलिस अब हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इसमें प्रेम प्रसंग, दोस्तों से हुए विवाद और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) में पाए गए 10-12 नंबरों की जांच की जा रही है।

Gorakhpur: ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय धीरेंद्र दुबे की गोली मारकर हत्या, पुलिस अब तक खाली हाथ

पुलिस ने कमरे की तलाशी ली

धीरेंद्र के बड़े भाई सचिंद्र दुबे ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस ने उनके भाई के कमरे की तलाशी ली। पुलिस ने धीरेंद्र का मोबाइल बॉक्स और CHC की स्लिप अपने साथ ले ली। इसके अलावा, पुलिस ने धीरेंद्र के दोस्तों और पुराने विवादों के बारे में भी पूछताछ की। सचिंद्र ने बताया कि पुलिस ने उनसे करीब आधे घंटे तक पूछताछ की।

उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना के बाद से परिवार के सदस्य बहुत दुखी हैं और लगातार रो रहे हैं। रिश्तेदार और परिवार के लोग उनका हाल-चाल जानने के लिए आ रहे हैं।

नई बाइक और मोबाइल दिया गया था

सचिंद्र, जो एक ठेकेदार हैं, ने बताया कि उन्होंने धीरेंद्र की सभी जरूरतों का ख्याल रखा। धीरेंद्र ने उन्हें बताया था कि उसे काम के लिए एक बाइक की जरूरत है, तो उन्होंने अगस्त महीने में उसे एक नई बाइक दी थी। इसके अलावा, एक नया मोबाइल भी खरीदा और दिया था।

अक्टूबर में आईं चोटें, झगड़े की संभावना

अक्टूबर महीने में धीरेंद्र ने बताया था कि उसे ज़ोमैटो  में काम मिल गया है। लेकिन अगस्त में जब वह घर वापस आया था, तो उसके हाथों और पैरों में काफी चोटें आई थीं। डॉक्टरों की जांच में यह पाया गया कि उसके हाथ की हड्डी टूट गई थी। जब परिवार ने उससे पूछा, तो उसने बताया कि वह बाइक से गिर गया था, लेकिन परिवार को उस पर शक था और उन्हें लगा कि वह किसी झगड़े में घायल हुआ है।

परिवार को धीरेंद्र की झूठ बोलने की आदत थी

सचिंद्र ने बताया कि धीरेंद्र को अक्सर झूठ बोलने की आदत थी। कई बार वह संत कबीर नगर पार्टी करने के लिए जाता था, लेकिन घर में यह कहता था कि वह ज़ोमैटो  में काम कर रहा है। एक बार वह घर के पास किसी झगड़े में भी शामिल हुआ था, जिसमें उसके सिर में भी चोट आई थी। इसके अलावा, एक व्यक्ति ने भी उसे जमीन के मामले में धमकी दी थी।

कॉल डिटेल्स में लड़कियों के नंबर, पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने धीरेंद्र के मोबाइल की कॉल डिटेल्स में कुछ लड़कियों के नंबर पाए हैं। पुलिस अब इन नंबरों को प्रेम प्रसंग से जोड़कर इसकी जांच कर रही है। पुलिस ने इन नंबरों पर कॉल कर लड़कियों से पूछताछ शुरू कर दी है।

घटनास्थल से मोबाइल नहीं मिला

धीरेंद्र का मोबाइल घटनास्थल से गायब है। पुलिस का मानना है कि मोबाइल घटनास्थल के आसपास गिरा होगा, लेकिन वह बंद होने के कारण नहीं मिल पाया। पुलिस ने अपराध स्थल के आसपास मोबाइल की तलाश की, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल पाई है।

हत्या में इस्तेमाल हुआ 9-MM बुलेट

पुलिस ने अपराध स्थल से दो जिंदा 9-MM कारतूस और दो शेल बरामद किए हैं। इसके अलावा, एक बिना नंबर प्लेट की बाइक भी मिली है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एसपी ने जल्द मामले का समाधान होने की उम्मीद जताई

एसपी (उत्तर) जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एक पुलिस टीम को हत्या के रहस्य को सुलझाने के लिए तैनात किया गया है। कुछ सुराग मिले हैं और जल्द ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा।

परिवार में शोक का माहौल

धीरेंद्र की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस की जांच जारी है, लेकिन अभी तक परिवार को न्याय का इंतजार है। धीरेंद्र के परिवार के सदस्य और रिश्तेदार हर दिन उसके हत्यारे की गिरफ्तारी की उम्मीद में पुलिस से जानकारी प्राप्त करने के लिए थाने का दौरा कर रहे हैं।

इस मामले में पुलिस के लिए कई दिशा-निर्देश सामने आए हैं, जिनमें प्रेम संबंध, पुराने विवाद, और धीरेंद्र की गतिविधियां शामिल हैं। परिवार और स्थानीय समुदाय की उम्मीदें पुलिस से बहुत ज्यादा हैं और वे जल्द से जल्द इस जघन्य अपराध का खुलासा चाहते हैं।

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