Gorakhpur: योगी आदित्यनाथ बने बीजेपी के सक्रिय सदस्य, गोरख नगर मंडल से जारी हुई पहली सूची

Gorakhpur: योगी आदित्यनाथ बने बीजेपी के सक्रिय सदस्य, गोरख नगर मंडल से जारी हुई पहली सूची

Gorakhpur: बीजेपी ने मंगलवार रात को अपने सक्रिय सदस्य की पहली सूची जारी की। इस सूची में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम भी शामिल है। योगी ने गोरख नगर मंडल, जो कि गोरखपुर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है, से सक्रिय सदस्य के रूप में अपना नाम दर्ज कराया है। इस सूची में कई प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों के नाम भी शामिल हैं, जिनमें राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव सहित गोरखपुर संगठन जिले के करीब 1400 सक्रिय सदस्य और मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में 800 सदस्य शामिल हैं।

गोरखपुर क्षेत्र के सभी 12 संगठनात्मक जिलों में करीब 15 हजार सक्रिय सदस्य बनाए गए हैं। पार्टी कार्यालय के रानीडीहा कार्यालय में इन नामों की सूची चस्पा की गई है। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार को सक्रिय सदस्य बनने के लिए जमा किए गए फॉर्मों की जांच जिला अध्यक्ष, जिला सत्यापन अधिकारी और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में की गई, ताकि पार्टी नेतृत्व को दिशा-निर्देश मिल सके। इसके बाद देर रात तक सभी जिलों के कार्यालयों में सक्रिय सदस्यों की सूची चिपकाई गई।

Gorakhpur: योगी आदित्यनाथ बने बीजेपी के सक्रिय सदस्य, गोरख नगर मंडल से जारी हुई पहली सूची

सक्रिय सदस्य बनने की शर्तें और प्रक्रिया

क्षेत्रीय अध्यक्ष ने बताया कि सक्रिय सदस्य बनने के लिए पार्टी द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं। एक व्यक्ति को सक्रिय सदस्य बनने के लिए कम से कम 100 प्राथमिक सदस्यों का निर्माण करना आवश्यक था। इसके तहत अब तक गोरखपुर जिले में 1400 और मेट्रोपोलिटन में 800 सक्रिय सदस्य घोषित किए गए हैं। इसके अलावा, क्षेत्रीय अध्यक्ष ने बताया कि पहले चरण की प्रक्रिया में फॉर्मों की जांच और सक्रिय सदस्य सूची का चिपकाना बुधवार तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद, दूसरे चरण की प्रक्रिया 25 नवंबर तक चलेगी।

समाजवादी पार्टी की समीक्षा बैठक में वोटर लिस्ट सुधार की अपील

इस बीच, मंगलवार को गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शब्बीर क़ुरीशी ने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतदाता सूची में सुधार के अभियान की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि जितने भी लोग मतदाता सूची में छूट गए हैं, उनका नाम जुड़वाना चाहिए, और गलत नामों को हटाने में जिला प्रशासन की मदद लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बूथ स्तर पर मतदाता सूची की जांच की जानी चाहिए , उन्हें तुरंत सुधारने का प्रयास किया जाना चाहिए।

बीएसपी से समाजवादी पार्टी में शामिल हुए जावेद सिमनानी

समाजवादी पार्टी के बैठक में गोरखपुर सदर सीट से लोकसभा चुनाव 2024 के लिए बीएसपी टिकट से उम्मीदवार रहे जावेद सिमनानी को भी पार्टी में शामिल किया गया। जावेद ने पिछले हफ्ते लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की उपस्थिति में पार्टी सदस्यता ली। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जिनमें जिला अध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम, अवधेश यादव, विजय बहादुर यादव, ब्रिज़नाथ मौर्य, ज़फर अमीन डक्कू, आशोक चौधरी, सचिदानंद यादव, अरविंद शुक्ला, हीरालाल यादव, चंद्रभान प्रजापति, अभिमन्यु मौर्य, एजाज़ अंसारी, जनार्दन चौधरी और इमरान खान सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

गोरखपुर के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव

योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर से सक्रिय सदस्य बनना एक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। गोरखपुर भाजपा के लिए हमेशा ही एक महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है, और मुख्यमंत्री का इस क्षेत्र से सक्रिय सदस्य बनना न केवल उनकी राजनीति को मजबूत करता है, बल्कि पार्टी के प्रति उनके समर्थन और प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इस कदम के जरिए बीजेपी गोरखपुर में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

साथ ही, समाजवादी पार्टी का सदस्यता अभियान भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, विशेष रूप से जावेद सिमनानी जैसे नेताओं के पार्टी में शामिल होने के बाद। ये घटनाएँ गोरखपुर की राजनीति में एक नई दिशा को सूचित करती हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से मतदाता सूची में सुधार की अपील और पार्टी के भीतर सक्रियता का अभियान इसे आगामी चुनावों में एक मजबूत दावेदार बना सकता है।

आगे की चुनौतियां और योजनाएं

हालांकि, सक्रिय सदस्य बनाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों को चुनावी मैदान में संघर्ष का सामना करना पड़ेगा। दोनों दलों के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वे अपनी योजनाओं को जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचा सकें और आने वाले चुनावों में अपनी स्थिति को और सशक्त कर सकें। खासकर, गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण शहर में दोनों ही दलों को अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए।

इस तरह, गोरखपुर की राजनीति में इन बदलावों का प्रभाव आने वाले दिनों में और अधिक स्पष्ट होगा। चुनावी तैयारियाँ और सक्रिय सदस्यता अभियान दोनों ही दलों के लिए आगामी चुनावों के लिहाज से बेहद अहम हो सकते हैं।

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