Gorakhpur weather: सोमवार को पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर गोरखपुर और उसके आसपास के इलाकों में साफ दिखाई दिया। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और बर्फीली हवाओं ने लोगों को कंपकंपा दिया। पिछले चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक इसी तरह के मौसम की भविष्यवाणी की है।
ठंड का कारण: पश्चिमी हवाएँ और पहाड़ी बर्फबारी
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि निचले क्षोभमंडल (ट्रोपोस्फीयर) में स्थिरता के कारण दिन और रात के तापमान में काफी कमी आई है। इसके अलावा, पहाड़ी इलाकों से आने वाली ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं के संयुक्त प्रभाव से दिन के तापमान में प्रभावी गिरावट हुई है। इससे दिनभर ठंड का माहौल रहा। 1 जनवरी तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
सोमवार को मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। वहीं, रविवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस था। इस बदलाव ने लोगों को ठंड के खिलाफ अतिरिक्त सावधानी बरतने पर मजबूर कर दिया।
बर्फीली हवाओं से बढ़ी ठिठुरन
सोमवार को दिनभर चलने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। घर से बाहर निकलने वाले लोग मफलर, स्कार्फ, दस्ताने और पूरी जैकेट पहनकर ठंड से बचने की कोशिश करते दिखे। दुकानों पर गर्म कपड़ों की बिक्री में अचानक इजाफा हुआ। बाजारों में लोग स्वेटर, कोट, और अन्य ऊनी कपड़ों की खरीदारी करते नजर आए।
सर्दी का प्रभाव: दैनिक जीवन पर असर
बढ़ती ठंड ने दैनिक जीवन को भी प्रभावित किया है। सुबह और शाम के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों को ठंड से बचने के लिए अतिरिक्त ऊनी कपड़े पहनने पड़े। ठंड के कारण चाय और कॉफी की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। गर्म पेय पदार्थों की मांग में इजाफा हुआ है। इसके साथ ही, लकड़ी और कोयले की आग जलाकर लोग ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं।
स्वास्थ्य पर ठंड का प्रभाव
बढ़ती ठंड का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। ठंड के कारण सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारियाँ बढ़ने लगी हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और खानपान पर विशेष ध्यान दें। बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर ठंड से बचाने की जरूरत है।
अगले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। ठंडी हवाओं का असर जारी रहेगा और अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। 1 जनवरी तक गोरखपुर और आसपास के इलाकों में ठंड का यही प्रभाव बना रहेगा।
कैसे करें ठंड से बचाव
ठंड से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियाँ अपनाई जा सकती हैं:
- गर्म कपड़े पहनें: स्वेटर, कोट, मफलर और दस्ताने पहनकर ठंड से बचें।
- गर्म पेय पदार्थ लें: चाय, कॉफी और सूप जैसे गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
- आग का इस्तेमाल करें: ठंड से राहत पाने के लिए अलाव जलाकर गर्म रहें।
- खानपान पर ध्यान दें: सर्दियों में शरीर को गर्म रखने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
- बाहर निकलने से बचें: सुबह और शाम के समय ठंड में बाहर निकलने से बचें।
पश्चिमी हवाओं और पहाड़ी बर्फबारी के कारण गोरखपुर और उसके आसपास के इलाकों में ठंड में भारी इजाफा हुआ है। लोगों को ठंड से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। बढ़ती ठंड ने लोगों के दैनिक जीवन और स्वास्थ्य पर प्रभाव डाला है, लेकिन सही उपाय अपनाकर इस मौसम का आनंद भी लिया जा सकता है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मौसम में कुछ सुधार होगा, लेकिन फिलहाल ठंड से बचने के सभी उपाय अपनाना जरूरी है।