Gorakhpur: जिले में उर्वरक और बीज दुकानों पर छापेमारी, चार दुकानों का लाइसेंस निलंबित

Gorakhpur: जिले में उर्वरक और बीज दुकानों पर छापेमारी, चार दुकानों का लाइसेंस निलंबित

Gorakhpur: शनिवार को जिले के कृषि अधिकारी ने उर्वरक और बीज दुकानों की आकस्मिक जांच की। इस छापेमारी में 67 दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें चार दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने दुकानदारों को चेतावनी दी है कि वे किसानों को समय पर उर्वरक और बीज उपलब्ध कराएं। साथ ही, छापेमारी करने वाली टीम ने 26 सैंपल भी एकत्र किए हैं।

चार दुकानों का लाइसेंस निलंबित

जिले के कृषि अधिकारी ने बताया कि इस जांच में पाया गया कि कई दुकानों में अनियमितताएं थीं, जिसके कारण संबंधित दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इनमें मं.स. कृषि हसन और मौर्या बीज भंडार जो कि कोरारी, पाली में स्थित हैं, उनका लाइसेंस निलंबित किया गया है। इसके अलावा, जिला कृषि संरक्षण अधिकारी की सिफारिश पर IFFDC कृषक सेवा केंद्र, बोहवार और चौरसिया खाद्य भंडार, बारी का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है।

जिले में उर्वरक और बीजों की आपूर्ति पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। इन दुकानों के खिलाफ कार्रवाई से एक संदेश दिया गया है कि सरकार किसानों के हित में कोई भी समझौता नहीं करेगी।

Gorakhpur: जिले में उर्वरक और बीज दुकानों पर छापेमारी, चार दुकानों का लाइसेंस निलंबित

दुकानदार दुकान बंद कर भागे

जांच टीम के निरीक्षण के दौरान दो दुकानदारों ने अपनी दुकानें बिना किसी सूचना के बंद कर दीं और मौके से फरार हो गए। यह दोनों दुकानें ब्रह्मापुर ब्लॉक के अंतर्गत आती हैं। इन दुकानों में से अनन्या उर्वरक बीज भंडार और चौरसिया उर्वरक भंडार के मालिकों ने दुकानें बंद कर दीं और कोई जानकारी नहीं दी। इसके चलते दोनों दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने इन दुकानदारों से जवाब मांगा है और कार्रवाई की चेतावनी दी है।

कृषि अधिकारी का बयान: उर्वरक की कोई कमी नहीं

जिला कृषि अधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल जिले में फास्फेटिक उर्वरक और नाइट्रोजन की कोई कमी नहीं है। विभाग के अधिकारी बताते हैं कि नियमित रूप से जांच की जाएगी और जहां भी कमी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को समय पर उर्वरक और बीज मिलें, ताकि उनकी फसलों की उर्वरता पर कोई असर न पड़े।

उन्होंने यह भी बताया कि विभाग ने इस मामले में अब तक कई दुकानों का निरीक्षण किया है और उनकी स्थिति की जांच की है। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि सभी दुकानदार अपने कर्तव्यों का पालन करें और किसानों को कोई परेशानी न हो।

उर्वरक और बीजों की कमी पर विभागीय कार्रवाई

जिले में उर्वरक और बीजों की कमी को लेकर विभागीय जांच शुरू की गई थी। किसानों की शिकायतें आई थीं कि वे कई दुकानों पर निराश होकर लौट रहे थे क्योंकि वहां उर्वरक और बीज उपलब्ध नहीं थे। हालांकि विभाग का कहना था कि उर्वरक की कोई कमी नहीं है, लेकिन वह दुकानों तक सही तरीके से नहीं पहुंच रहे थे। इसके परिणामस्वरूप सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और नियमित रूप से निगरानी रखने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए।

सरकार ने इसके बाद निरीक्षण और छापेमारी का आदेश दिया था, ताकि इस समस्या का समाधान किया जा सके। कृषि अधिकारियों की टीम ने सभी दुकानों पर जाकर स्थिति का मूल्यांकन किया और यह सुनिश्चित किया कि किसानों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध हो।

कृषि विभाग की सक्रियता: किसानों के हित में सख्त कदम

कृषि विभाग द्वारा यह सक्रिय कदम उठाया गया है, जो यह साबित करता है कि सरकार किसानों के हित में गंभीर है। उर्वरक और बीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है, और इसके लिए विभाग ने किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया। अधिकारियों का कहना है कि वे इस तरह की कार्रवाई को नियमित रूप से जारी रखेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी दुकानदार किसानों के साथ धोखाधड़ी न करे।

इसके अलावा, विभाग का यह भी कहना है कि नियमित निरीक्षण से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उर्वरक और बीजों की आपूर्ति सही समय पर हो और किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। यदि किसी दुकान पर आपूर्ति में कोई कमी पाई जाती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस जांच अभियान ने साफ संदेश दिया है कि किसानों के हित में कोई भी अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब उर्वरक और बीज व्यापारियों को यह समझ लेना चाहिए कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और समय पर सही गुणवत्ता का सामान उपलब्ध कराएं। वहीं किसानों को भी अपनी समस्याओं को विभाग के सामने लाकर समाधान प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

जिले में इस तरह की छापेमारी और कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में उर्वरक और बीजों की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आएगी और किसानों को उनके समय पर और उचित मूल्य पर सभी आवश्यक सामग्री मिल सकेगी।

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