Gorakhpur News: गोरखपुर के कंपीयरगंज क्षेत्र के एक गांव में एक महिला ने अपने देवर के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि जब वह अपने घायल पति को इलाज के बाद घर वापस लौटी, तो उसके देवर ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए उसे छेड़ा और विरोध करने पर उसे मारपीट का शिकार बनाया। महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और इस घटना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना का विवरण:
यह घटना कंपीयरगंज क्षेत्र के एक गांव की है, जहां पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि 8 नवंबर को दोपहर में उसका पति एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। वह अपनी पत्नी के साथ इलाज के लिए अस्पताल गया था और रात 10 बजे के करीब घर लौटते वक्त महिला ने देखा कि घर में अंधेरा था। इस दौरान, महिला का आरोप है कि उसके देवर ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए उसे छेड़ना शुरू कर दिया। जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे गालियां दी और विरोध करने पर उसे मारपीट का शिकार बना दिया।
देवर की दुष्कर्म की कोशिश और मारपीट:
महिला ने बताया कि जब उसने और अधिक विरोध किया, तो उसके देवर ने उसे बेरहमी से मारा-पीटा। उसने इस दौरान आवाजें भी निकालीं, जिससे आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और किसी तरह महिला की मदद की। महिला का कहना है कि अगर आसपास के लोग मदद नहीं करते, तो उसकी जान पर बन आती। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
महिला का बयान और पुलिस की कार्रवाई:
महिला ने अपने बयान में कहा, “मैं अपनी जान बचाने के लिए चिल्लाई, जिससे लोग इकट्ठा हो गए और मेरे देवर से मुझे छुड़ाया। लेकिन मेरे मन में यह डर था कि अगर लोग न आते तो क्या होता।” महिला का कहना है कि वह अब इस मामले में न्याय की उम्मीद करती है और आरोपी को सजा दिलवाना चाहती है।
पुलिस ने महिला की शिकायत पर कार्रवाई शुरू करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और उसे सख्त सजा दिलवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
सामाजिक सुरक्षा और परिवारिक हिंसा:
इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा किया है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा और छेड़छाड़ के मामलों को लेकर समाज में कितना जागरूकता की कमी है। परिवार के भीतर होने वाली हिंसा का मामला और भी संवेदनशील हो जाता है, क्योंकि यहां पीड़िता को अक्सर अपनी ही सुरक्षा के लिए किसी से मदद मांगने में संकोच होता है। महिला ने इस बार अपनी आवाज उठाई है, लेकिन कई महिलाएं ऐसे मामलों में समाज के डर से चुप रहती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समय है कि समाज में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के खिलाफ एक सशक्त माहौल बने, ताकि महिलाएं बिना किसी डर के अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकें और उन्हें न्याय मिल सके।
जान से मारने की धमकी:
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके देवर ने मारपीट के दौरान उसे जान से मारने की धमकी दी थी। उसने कहा कि अगर उसने किसी से इस घटना की जानकारी दी, तो उसका और उसके परिवार का बुरा हाल किया जाएगा। महिला का कहना है कि इस धमकी के बावजूद उसने हार नहीं मानी और पुलिस से मदद मांगी।
आरोपी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई:
पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “इस मामले में आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हमने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है और उसे जल्दी पकड़ लिया जाएगा।” पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि इस तरह की घटनाओं को लेकर प्रशासन ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी।
यह घटना एक और उदाहरण है कि महिला सुरक्षा को लेकर समाज और कानून व्यवस्था में कितनी जागरूकता की जरूरत है। यह न केवल एक व्यक्तिगत मुद्दा है, बल्कि समाज की जिम्मेदारी भी है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा के ऐसे मामलों को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
महिला ने इस मामले में न्याय की उम्मीद जताई है और उसे उम्मीद है कि आरोपी को सजा मिलेगी। इस मामले ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि महिलाएं जब तक अपनी आवाज नहीं उठातीं, तब तक उनके खिलाफ हिंसा और शोषण की घटनाएं अनदेखी रहती हैं। अब जरूरी है कि समाज और प्रशासन दोनों मिलकर महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में सख्त कदम उठाएं, ताकि ऐसे घटनाएं भविष्य में न हों।
महिला के साहस की सराहना करते हुए:
महिला ने इस घटना के खिलाफ आवाज उठाकर न केवल अपने अधिकारों की रक्षा की है, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस तरह की घटनाओं के खिलाफ जागरूकता और संघर्ष को बढ़ावा देने की जरूरत है ताकि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।