Gorakhpur News: फसल की कटाई को लेकर हुआ विवाद, पिस्तौल दिखाकर दौड़ा-जानिए कैसे बचाई गई जान

Gorakhpur News: फसल की कटाई को लेकर हुआ विवाद, पिस्तौल दिखाकर दौड़ा-जानिए कैसे बचाई गई जान

Gorakhpur News: गोरखपुर के खजनी क्षेत्र के बंगला पांडे (ग्राम सभा केवातली) गांव में शुक्रवार को एक विवाद ने उस वक्त तूल पकड़ लिया, जब दो पक्षों के बीच फसल की कटाई को लेकर झगड़ा हो गया। इस विवाद में एक पक्ष के दो भाइयों ने पिस्तौल निकालकर दूसरे पक्ष के लोगों को खेत में दौड़ा लिया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए उन्हें किसी तरह से काबू किया और एक बड़ी घटना को होने से बचा लिया।

यह घटना अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, क्योंकि किसी ने इसका वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया। इस घटना की शिकायत पर खजनी पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आइए जानते हैं कि यह पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ और किस तरह से एक बड़ी घटना टल गई।

फसल की कटाई को लेकर हुआ विवाद

घटना शुक्रवार दोपहर 2 बजे की है, जब पंकज कुमार अपनी संयुक्त मशीन से शिवशंकर यादव के खेत में धान की फसल की कटाई कर रहे थे। इसी दौरान, गांव के ही गुड्डू पांडे और बाबू पांडे उर्फ धर्मेंद्र पांडे, जो दोनों भाई हैं, खेत में पहुंचे और पंकज को गालियां देते हुए फसल की कटाई करने से मना कर दिया। पंकज कुमार ने बताया कि वह शिवशंकर यादव के कहने पर उसकी फसल की कटाई करने के लिए आए थे, लेकिन गुड्डू और बाबू ने उनका विरोध शुरू कर दिया।

Gorakhpur News: फसल की कटाई को लेकर हुआ विवाद, पिस्तौल दिखाकर दौड़ा-जानिए कैसे बचाई गई जान

पिस्तौल का इस्तेमाल और पीछा करना

विवाद बढ़ने के बाद बाबू पांडे उर्फ धर्मेंद्र पांडे ने अपनी पिस्तौल निकाल ली और पंकज और उनके साथियों का पीछा करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पंकज कुमार और उसके साथी डर के बजाय हिम्मत दिखाते हुए इस पूरी घटना से बचने की कोशिश की। इस दौरान खेत में मौजूद अन्य लोगों ने किसी तरह से बाबू पांडे को काबू किया और उसे शांत कराया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें गुड्डू और बाबू पांडे पिस्तौल लहराते हुए पंकज कुमार और उसके साथियों का पीछा करते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो में पूरी घटना की भयावहता साफ देखी जा सकती है, जिसमें दोनों आरोपी खुलेआम हथियार लहरा रहे हैं और पूरे इलाके में डर का माहौल बना रहे हैं।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पंकज कुमार ने इस घटना के बाद खजनी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि गुड्डू और बाबू पांडे ने उन्हें जान से मारने की कोशिश की और पिस्तौल का इस्तेमाल करते हुए उन्हें खेत में दौड़ाया। पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। खजनी पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ IPC की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है, और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ग्रामीणों ने दिखाया साहस, लेकिन सवाल उठते हैं

हालांकि, ग्रामीणों ने साहस दिखाया और स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। एक ओर जहां इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर यह भी दिखाता है कि गांवों में पिस्तौल जैसे हथियारों का खुलेआम उपयोग किस हद तक बढ़ चुका है। ऐसे में इस प्रकार की घटनाओं से न केवल समाज में भय का माहौल बनता है, बल्कि लोगों के जान-माल की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।

खेतों में विवाद का कारण और समाधान

किसानों और खेतिहर मजदूरों के बीच इस प्रकार के विवादों की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। फसल की कटाई, मजदूरी के भुगतान, और जमीन के मालिकों के बीच होने वाले मतभेद अक्सर हिंसक घटनाओं का रूप ले लेते हैं। इस विशेष मामले में, पिस्तौल का इस्तेमाल करने का कारण फसल की कटाई पर विवाद था। ऐसे विवादों को सुलझाने के लिए, किसानों और उनके मजदूरों के बीच संवाद और समझदारी की आवश्यकता है।

इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस तरह के हथियारों के अवैध इस्तेमाल पर कड़ी नजर रखनी चाहिए और बिना लाइसेंस के हथियार रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

किसानों की सुरक्षा की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता

यह घटना गोरखपुर के खजनी इलाके में किसानों और उनके मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करती है। किसान समुदाय को अपनी सुरक्षा के लिए उचित उपायों की आवश्यकता है। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस तरह के विवादों के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में हुए इस विवाद ने न केवल स्थानीय लोगों को भयभीत किया, बल्कि यह पूरी घटना हमें यह भी बताती है कि किस प्रकार से सामाजिक ताने-बाने में टूटन और हथियारों का अवैध उपयोग बढ़ रहा है। हालांकि, इस बार स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से एक बड़ी घटना को टाल दिया गया, लेकिन आने वाले समय में इस तरह के विवादों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए प्रशासन को और अधिक सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *