Gorakhpur News: गोरखपुर के सहजनवान क्षेत्र के साहबजगंज में एक महिला द्वारा अपने पति और दो बच्चों की हत्या के मामले ने पूरे जिले को दहशत में डाल दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार राय ने बुधवार को पत्नी नीलम को इस मामले में दोषी ठहराते हुए जीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने नीलम पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह खौफनाक हत्या एक साल और आठ महीने पहले हुई थी।
हत्या की रात की घटनाएँ
जानकारी के अनुसार, 26 फरवरी 2023 की रात लगभग 1:30 बजे, नीलम ने अपने पति अवधेश गुप्ता (35) की गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने सौतेले बेटों आर्यन (7) और आरव (6) की भी गला काटकर हत्या कर दी। हत्या की आवाज सुनकर अवधेश की मां अपने छोटे बेटे सोनू के साथ वहां पहुंची। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि अवधेश जमीन पर गिरा हुआ था और उसकी गला काट दी गई थी। दोनों बच्चे बिस्तर पर थे, और उनके गले पर तेज हथियार से वार किया गया था।
नीलम गुप्ता उस समय चाकू लेकर खड़ी थी। अवधेश की पहली पत्नी रेनू की मौत के बाद उसने नीलम से दूसरी बार शादी की थी। परिवार के सदस्यों का आरोप है कि नीलम शुरुआत से ही संपत्ति हथियाने की योजना बना रही थी और वह हमेशा अवधेश से इस मुद्दे पर झगड़ती रहती थी।
हत्या के बाद की स्थिति
घटना ने सहजानवान के साहबजगंज निवासियों को हिला कर रख दिया। एक महिला द्वारा अपने पति और दो निर्दोष बच्चों की हत्या करना एक बेहद क्रूरता का प्रतीक था। नीलम की चाकू लेकर खड़ी रहना और हत्या के बाद भी न थमना, इस पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा था। पुलिस ने नीलम के मोबाइल फोन की जांच की, लेकिन इस घटना में किसी और का हाथ नहीं पाया गया।
अवधेश के परिवार ने आरोप लगाया कि नीलम ने संपत्ति के लिए अपने पति और सौतेले बेटों की हत्या की। दूसरी ओर, नीलम का कहना था कि उसके पति की नजर उसकी 12 साल की बेटी पर थी और इसी कारण वह गुस्से में आकर हत्या करने पर मजबूर हो गई। जब पुलिस ने नीलम से पूछा कि उसने बच्चों की हत्या क्यों की, तो उसके पास कोई उत्तर नहीं था।
दोनों की दूसरी शादी
जानकारी के अनुसार, साहबजगंज निवासी अवधेश गुप्ता घर के पास चाट का ठेला लगाते थे। उनकी पहली पत्नी रेनू की 2019 में कैंसर से मौत हो गई थी। इसके बाद 2020 में, अवधेश ने संत कबीर नगर के धंगता की नीलम से दूसरी शादी की। नीलम का पहला पति भी 2012 में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। नीलम की एक बेटी थी और अवधेश के दो बेटे आर्यन और आरव थे। शादी के बाद सभी एक साथ रहने लगे, लेकिन शादी के कुछ दिन बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गए।
हत्या का राज़ खुला
26 फरवरी को, परिवार ने नीलम पर अवधेश और दोनों बच्चों की हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की। सभी ने नीलम का नाम लिया, लेकिन पुलिस को यह विश्वास नहीं हो रहा था कि नीलम अकेले यह सब कर सकती है। तब पुलिस ने नीलम की बेटी से पूछताछ की। उसकी बेटी ने बताया कि उसने भी उसी कमरे में सोया था। उसकी मां ने उसके सामने अपने पिता की हत्या चाकू और डंडे से की और फिर उसके भाइयों की भी गला काटकर हत्या कर दी।
न्याय की प्रक्रिया
इस मामले की सुनवाई के दौरान, नीलम की स्थिति और उसके परिवार के सदस्यों के बयान ने कोर्ट के सामने एक स्पष्ट चित्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने यह तय किया कि नीलम की क्रूरता और उसके द्वारा की गई हत्या का कोई स्पष्टीकरण नहीं हो सकता। इसलिए, उसे जीवन कारावास की सजा दी गई।
सामाजिक प्रभाव
यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह दर्शाती है कि घरेलू विवाद और संपत्ति के लिए लालच कभी-कभी खतरनाक स्थिति पैदा कर सकते हैं। इस तरह की घटनाएँ यह साबित करती हैं कि जब मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए परिवार के सदस्यों को नुकसान पहुँचाने की सोचता है, तो उसके परिणाम कितने भयानक हो सकते हैं।
यह घटना हमें यह सिखाती है कि हमें अपने परिवार में सामंजस्य बनाए रखने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। झगड़े और विवादों को सुलझाने के लिए संवाद की आवश्यकता है, ताकि कोई भी परिवार इस प्रकार के दर्दनाक अनुभव से न गुजरे। समाज को भी इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।
हमें एक ऐसे समाज की दिशा में कदम बढ़ाना होगा जहां परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और सम्मान हो। इसी के साथ, यह जरूरी है कि ऐसी घटनाओं के प्रति कड़ा कानून हो और अपराधियों को उनकी सजा मिले, ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों की पुनरावृत्ति न हो।
गोरखपुर में हुए इस त्रासदिक हत्या कांड ने सभी को हिला दिया है। नीलम की कार्रवाई और उसके द्वारा किए गए अपराध ने न केवल उसके परिवार बल्कि समाज के लिए भी एक गहरा घाव छोड़ा है। हमें इस घटना से सीख लेकर एक बेहतर समाज के निर्माण की दिशा में प्रयास करना चाहिए।