Gorakhpur News: गोरखपुर के जीड़ा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के डिपार चौराहे के पास एक 11 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा की लाश दुपट्टे के फंदे में लटकी हुई मिली। परिवार के सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को परिवार ने बताया कि बेटी सुबह से मोबाइल मांग रही थी, लेकिन मां ने उसे मोबाइल नहीं दिया।
घटना की पृष्ठभूमि
हैदर और रुखसाना, पीपीगंज पुलिस थाना क्षेत्र के बलापार के निवासी, पिछले 10 वर्षों से सूरज वर्मा के घर में किराए पर रह रहे थे। पति-पत्नी जीड़ा में एक फैक्ट्री में काम करते हैं। हर दिन की तरह, उन्होंने सुबह बच्चों को नाश्ता देकर, उन्हें टिफिन दिया और काम पर चले गए, जबकि उनकी 11 वर्षीय बेटी तम्मना और 3 वर्षीय बेटा तैमूर घर पर थे।
जब रुखसाना ने सुबह 11 बजे घर लौटकर खाना बनाने के लिए दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से दरवाजा बंद था। जब उन्होंने अपने बेटे से दरवाजा खोलने के लिए कहा, तो उन्होंने देखा कि तम्मना का शव बैलकोनी के आयरन रॉड से दुपट्टे के सहारे लटका हुआ है। उन्होंने अपने पति को सूचित किया और आस-पड़ोस के लोग भी शोर सुनकर इकट्ठा हो गए। पुलिस को भी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची।
परिवार का बयान
परिवार के अनुसार, यह संभव है कि लड़की ने झूलने की कोशिश की होगी और लापरवाही के कारण उसका गला फंदे में फंस गया होगा। मां ने बताया कि बेटी ने जाने से पहले मोबाइल फोन के लिए जोर दिया था। रुखसाना ने कहा, “मैंने कहा कि मैं दोपहर में मोबाइल दूंगी। मुझे शक है कि इसी पर उसने गुस्से में आकर यह कदम उठाया।” तम्मना स्थानीय प्राथमिक स्कूल में कक्षा 5 की छात्रा थी।
गिदा SO विजय कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवार से अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
एक अन्य मामले में गांव वालों ने किया सड़क जाम
ताज़ा घटनाक्रम में, 35 वर्षीय अंगुरा देवी, जो अशोक यादव की पत्नी हैं और पिपराइच पुलिस थाना क्षेत्र के ताजपीपारा गांव की निवासी हैं, की स्थिति शनिवार सुबह 8 बजे गंभीर हो गई। परिवार ने उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।
शाम को पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर लाया गया, तो गांव वालों और मृतका के ससुराल वालों ने पिपराइच-गोरखपुर सड़क पर ताजपीपारा चौराहे को जाम कर दिया, आरोप लगाते हुए कि परिवार के सदस्यों ने हत्या की है। पुलिस मौके पर पहुंची और रिश्तेदारों की गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी, उन पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया गया।
घटनाओं का महत्व
इन घटनाओं ने गोरखपुर में बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य और माता-पिता के साथ संवाद की स्थिति को उजागर किया है। यह स्पष्ट है कि बच्चों की छोटी-छोटी इच्छाओं और मांगों को अनदेखा करना कभी-कभी गंभीर परिणाम भी ला सकता है। माता-पिता को अपने बच्चों की भावनाओं को समझने और उन्हें उचित समर्थन देने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।