Gorakhpur News: हाल ही में डीडीयू (DDU) और स्काई एम्पावरमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह MoU स्काई के प्रबंध निदेशक पुणीत अग्रवाल और DDU की कुलपति प्रो. पूनम तंडन के नेतृत्व में हुआ। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य छात्रों के रोजगार और उद्यमिता की संभावनाओं को बढ़ावा देना है। इसके तहत छात्रों को संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सिद्धांत और अनुप्रयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
समझौता ज्ञापन का उद्देश्य
समझौता ज्ञापन का उद्देश्य छात्रों को उन कौशलों में प्रशिक्षण देना है, जो उन्हें रोजगार के अवसरों में वृद्धि और उद्यमिता के विकास के लिए सक्षम बनाएंगे। इसमें संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण से छात्रों को न केवल उनके व्यक्तित्व और सामाजिक संवाद में सुधार होगा, बल्कि उन्हें डिजिटल युग में काम करने के लिए तैयार भी किया जाएगा।
कुलपति प्रो. पूनम तंडन ने इस समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज के समय में संचार कौशल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण हो गए हैं। इस MoU के माध्यम से विश्वविद्यालय के छात्रों को व्यक्तित्व विकास, कौशल विकास और AI के व्यावहारिक पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका पर उन्होंने और जोर दिया और कहा कि यह तकनीक अब सिर्फ तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय, और अन्य सभी क्षेत्रों में अपनी पैठ बना चुकी है। इसलिए छात्रों को AI के सिद्धांत और इसके व्यावहारिक अनुप्रयोग को समझाना जरूरी है ताकि वे भविष्य में इसका सही तरीके से उपयोग कर सकें।
स्काई के प्रयास और योगदान
स्काई एम्पावरमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पुणीत अग्रवाल ने कहा कि पिछले 16 वर्षों में स्काई ने 22,000 से अधिक छात्रों को संचार कौशल और व्यक्तित्व विकास में सहायता प्रदान की है। इसके अलावा, स्काई ने 8,000 से अधिक छात्रों को रोजगार प्राप्त करने में मदद की है। उन्होंने बताया कि SKY ने इस वर्ष से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में प्रशिक्षण शुरू किया है, जिसे वर्तमान समय में बढ़ती हुई आवश्यकता के मद्देनजर लागू किया गया है।
पुणीत अग्रवाल ने कहा कि AI के माध्यम से छात्रों को कंटेंट क्रिएशन, डिजाइनिंग और वीडियो एडिटिंग जैसे महत्वपूर्ण कौशल सिखाए जाएंगे। इसके लिए AI टूल्स का उपयोग किया जाएगा, जो छात्रों को बहुत कम समय में इन कौशलों को सीखने में मदद करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि स्काई का उद्देश्य छात्रों को ऐसी डिजिटल क्षमताओं से लैस करना है, जो उन्हें न केवल अच्छे करियर की दिशा में मार्गदर्शन करें, बल्कि उन्हें स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने की दिशा में भी सक्षम बनाए।
विश्वविद्यालय के शैक्षिक माहौल में सुधार
समझौता ज्ञापन का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालय के शैक्षिक माहौल में भी सुधार आएगा। विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम के विषयों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें वास्तविक दुनिया में उपयोगी कौशल भी सिखाए जाएंगे। इससे छात्रों का समग्र विकास होगा और वे न केवल अपनी नौकरी खोजने में सक्षम होंगे, बल्कि उद्यमिता की दिशा में भी आत्मनिर्भर हो सकेंगे।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रशिक्षण से छात्रों को मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, और अन्य डिजिटल टूल्स का उपयोग करना सिखाया जाएगा। इसके साथ ही, वे AI की सहायता से विभिन्न प्रकार के डिजिटल कंटेंट तैयार करने में भी सक्षम होंगे। इसका मुख्य लाभ यह होगा कि छात्रों को समय की बचत होगी और वे जल्दी और प्रभावी तरीके से अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकेंगे।
उद्घाटन समारोह में प्रमुख लोग
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के अवसर पर विश्वविद्यालय के कई प्रमुख लोग उपस्थित थे। इनमें विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी, छात्र कल्याण विभाग के डीडीयू प्रो. अनुपमिति दुबे, कला संकाय के डीडीयू प्रो. राजवंत राव, स्काई के सेंटर मैनेजर और AI ट्रेनर साक्षी त्रिपाठी, प्रो. विजय शंकर वर्मा, प्रो. राजेश सिंह और अन्य शिक्षक शामिल थे। इन सभी ने इस MoU की सराहना की और यह भी माना कि इससे विश्वविद्यालय और स्काई के बीच एक मजबूत साझेदारी बनेगी, जो छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि तकनीकी शिक्षा और व्यावहारिक कौशल को मिलाकर विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के लिए शिक्षण संस्थान पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। इसके साथ ही, यह भी साबित हुआ कि विश्वविद्यालय और उद्योग के बीच सहयोग से शिक्षा में एक नई दिशा और गति आ सकती है।
भविष्य में होने वाली संभावनाएँ
इस MoU के बाद, डीडीयू के छात्रों को केवल रोजगार के अवसर ही नहीं मिलेंगे, बल्कि उन्हें नए उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक कौशल भी प्राप्त होंगे। स्काई के सहयोग से छात्रों को संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी महत्वपूर्ण और भविष्य की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण मिलेगा। यह MoU छात्रों को न केवल उनके कैरियर की दिशा में मदद करेगा, बल्कि उन्हें व्यवसाय स्थापित करने के लिए भी प्रेरित करेगा।
अब छात्रों के पास वे सभी उपकरण और कौशल होंगे, जो उन्हें एक सफल करियर बनाने के लिए आवश्यक हैं। इस प्रकार, इस समझौता ज्ञापन से शिक्षा में एक नई क्रांति आएगी और छात्रों के लिए अपार संभावनाएं बनेंगी।
डीडीयू दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय और स्काई एम्पावरमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुआ यह समझौता ज्ञापन छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण कदम है। यह समझौता उन्हें व्यावहारिक शिक्षा, कौशल विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रशिक्षित करने के लिए मार्गदर्शन करेगा। इससे छात्रों को एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य के निर्माण में मदद मिलेगी। यह साझेदारी न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ रही है, बल्कि समाज और उद्योग में भी सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेगी।