Gorakhpur news: गोरखपुर के एम्स परिसर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब एक गार्ड ने एमबीबीएस छात्रा को हाथ पकड़कर झाड़ियों में घसीटने की कोशिश की। इस घटना से छात्रों में गुस्सा फैल गया और मामले ने सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, एम्स प्रशासन ने चार अन्य गार्ड्स को भी निलंबित कर दिया है।
घटना का विवरण
शुक्रवार रात करीब 8:45 बजे एम्स की एक एमबीबीएस छात्रा रात के खाने के बाद अपने छात्रावास के बाहर टहल रही थी। मोबाइल पर बात करते हुए वह गेट नंबर चार की ओर चली गई। इसी दौरान गेट पर तैनात गार्ड, सतपाल यादव (35), उसके पास पहुंचा और उससे छेड़छाड़ करने लगा। जब छात्रा ने विरोध किया, तो उसने उसका हाथ पकड़कर झाड़ियों में खींचने की कोशिश की।
छात्रा की चीख सुनकर आसपास टहल रहे अन्य छात्र और युवक वहां पहुंचे, जिसके बाद आरोपी गार्ड मौके से फरार हो गया। इस घटना से गुस्साए छात्रों ने गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी गार्ड को शुक्रवार रात ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सतपाल यादव गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र के बड़ाैली नयापार खुर्द गांव का निवासी है। पुलिस ने उसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि एमबीबीएस छात्रा ने शिकायत में अन्य सुरक्षा कर्मियों पर भी आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि घटना के दौरान वहां मौजूद अन्य गार्ड्स ने आरोपी को भागने में मदद की। छात्रा ने पुलिस को उस बाइक का नंबर भी दिया, जिस पर आरोपी फरार हुआ था।
एम्स प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद एम्स प्रशासन ने आरोपी गार्ड को तत्काल सेवा से हटा दिया और चार अन्य गार्ड्स को निलंबित कर दिया। सुरक्षा एजेंसी को इस मामले में सख्त निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी कहा है कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
छात्रा के बयान के लिए महिला आईपीएस की नियुक्ति
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि छात्रा की गोपनीयता बनाए रखने और उसे सुविधा देने के लिए एक प्रशिक्षु महिला आईपीएस अधिकारी को नियुक्त किया गया है। वह छात्रावास में जाकर छात्रा का बयान दर्ज करेंगी और सुरक्षा से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी चर्चा करेंगी।
छात्रों में भय और आक्रोश
इस घटना ने एम्स के छात्रों में भय और आक्रोश फैला दिया है। छात्राओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और एम्स प्रशासन से कठोर कदम उठाने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि यदि गार्ड्स जैसे जिम्मेदार पदों पर तैनात लोग ही ऐसी घटनाओं में शामिल होंगे, तो उनकी सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
महिलाओं की सुरक्षा पर फिर खड़े हुए सवाल
इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस एम्स परिसर को सुरक्षित माना जाता है, वहां इस तरह की घटना ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए हैं।
जरूरी सुरक्षा उपाय
इस घटना के बाद यह आवश्यक हो गया है कि एम्स प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सुरक्षा उपायों को और मजबूत करें।
- सीसीटीवी कैमरों की निगरानी: परिसर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए।
- सख्त जांच प्रक्रिया: गार्ड्स और अन्य स्टाफ की नियुक्ति के दौरान उनकी पृष्ठभूमि की सख्त जांच होनी चाहिए।
- सुरक्षा गश्त: परिसर में नियमित सुरक्षा गश्त होनी चाहिए, खासकर रात के समय।
- छात्रों के लिए हेल्पलाइन: छात्रों के लिए 24×7 हेल्पलाइन सेवा शुरू की जानी चाहिए।
गोरखपुर एम्स में घटी इस घटना ने सुरक्षा उपायों की खामियों को उजागर किया है। पुलिस और प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई है, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक कदम उठाने की जरूरत है। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और जिम्मेदार व्यक्तियों को सख्त दंड दिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान को छात्रों और खासकर छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी, ताकि वे बिना किसी भय के अपने अध्ययन पर ध्यान केंद्रित कर सकें।