Gorakhpur news: गोरखपुर के गोरखनाथ थाना क्षेत्र में एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई है कि फेसबुक पर दोस्ती करने के बाद एक युवक, जिसका नाम इजाज़ अहमद है, उसे धमका रहा है। युवक ने लड़की से शादी के लिए दबाव डालने की कोशिश की और शादी के इनकार करने पर उसने लड़की को एसिड अटैक और आपत्तिजनक तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी। यह घटना न केवल एक लड़की के लिए खतरनाक साबित हो रही है, बल्कि गोरखपुर में फेसबुक के जरिए हो रहे अपराधों के बढ़ते आंकड़ों को भी उजागर करती है।
दो साल पहले हुई थी फेसबुक पर दोस्ती
पीड़िता के मुताबिक, दो साल पहले उसने इजाज़ अहमद से फेसबुक पर दोस्ती की थी। धीरे-धीरे उनकी बातचीत बढ़ी और इजाज़ ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद उन्होंने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल के जरिए बातचीत शुरू कर दी। इस दौरान इजाज़ ने लड़की से शादी के लिए दबाव बनाना शुरू किया। जब लड़की ने शादी करने से इंकार किया, तो इजाज़ ने उसे परिवार को जान से मारने और एसिड अटैक की धमकी दी। इसके अलावा, उसने लड़की की आपत्तिजनक तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल करने की भी धमकी दी।
पुलिस की कार्रवाई
जब पीड़िता ने अपनी परेशानियों के बारे में पुलिस से संपर्क किया, तो गोरखपुर पुलिस ने उसकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधिकारी रवि सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश जारी है। पीड़िता ने इजाज़ के फोन नंबर को ब्लॉक कर दिया था, लेकिन फिर भी वह आरोपी अन्य मोबाइल नंबरों से लड़की को परेशान करता रहा। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गिड़ा क्षेत्र में भी एसिड अटैक की धमकी
गोरखपुर के गिड़ा क्षेत्र में भी एक युवती को एसिड अटैक की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां ने गिड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, पीड़िता के एक गांव के लड़के से फोन पर बातचीत हो रही थी। धीरे-धीरे लड़के ने उसे मिलने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया। जब लड़की ने मिलने से मना किया, तो लड़के ने उसे धमकी दी कि वह उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करेगा और एसिड अटैक करेगा। इस धमकी के बाद पीड़िता और उसके परिवार में डर का माहौल बन गया है।
परिवार में भय का माहौल
गिड़ा क्षेत्र में एसिड अटैक की धमकी मिलने के बाद पीड़िता और उसके परिवार में डर का माहौल बन गया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है और उसे जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। एसपी नॉर्थ जितेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा और मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बांसगांव में दलित श्रमिक की पिटाई
गोरखपुर के बांसगांव थाना क्षेत्र के मंझरिया गांव में एक दलित श्रमिक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता के मुताबिक, शुक्रवार को वह मंझरिया गांव के खेतों में काम कर रहा था, तभी एक युवक वहां आया और बिना किसी कारण के उसे गाली देने लगा। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो युवक ने उसे जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पीटना शुरू कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
आरोपी पर कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने बांसगांव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है, और लोगों ने इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गोरखपुर में बढ़ते महिला और दलितों के खिलाफ अपराध
गोरखपुर में महिलाओं और दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराधों ने पुलिस प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना दिया है। फेसबुक पर दोस्ती के बाद लड़कियों को एसिड अटैक की धमकी देना और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर दलितों के खिलाफ हिंसा करना, समाज के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। इन घटनाओं से न केवल पीड़ितों के जीवन में डर और असुरक्षा का माहौल बन रहा है, बल्कि समाज में भी तनाव बढ़ रहा है।
पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी
गोरखपुर में इस तरह की घटनाओं के बढ़ने से पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ गई है। पुलिस को चाहिए कि वह इस प्रकार के मामलों में त्वरित कार्रवाई करें और आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा सुनिश्चित करें, ताकि अपराधियों को कानून का डर महसूस हो सके। इसके अलावा, समाज में जागरूकता फैलाने की भी आवश्यकता है, ताकि लोग इस तरह की घटनाओं के खिलाफ खड़े हो सकें और अपराधियों के खिलाफ आवाज उठा सकें।
गोरखपुर में हो रही महिला और दलितों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह इन मामलों में जल्द से जल्द कार्रवाई करे, ताकि अपराधियों को सख्त सजा मिल सके और समाज में न्याय की भावना मजबूत हो सके। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति न हो और पीड़ितों को न्याय मिल सके।