Gorakhpur news: गोरखपुर के चौरिचौरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक सरवन निषाद ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता (XEN) अवैध कनेक्शन देने के बदले पैसे उगाही कर रहे हैं और किसानों को कनेक्शन देने में जानबूझकर लापरवाही बरत रहे हैं। इस पत्र में विधायक ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
विधायक के आरोप
विधायक सरवन निषाद ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी किसानों को कनेक्शन देने से मना कर रहे हैं, जबकि वे अवैध कनेक्शन देकर लाखों रुपये की उगाही कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की यह लापरवाही सरकार की योजनाओं और किसानों की भलाई के खिलाफ काम कर रही है। इसके कारण क्षेत्र के किसान और उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि अधिकारी किसानों की परेशानियों की अनदेखी कर रहे हैं और अपनी जेब भरने के लिए अवैध तरीकों से कनेक्शन दे रहे हैं।
शिकायत में क्या लिखा है?
विधायक ने पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन को भेजे गए पत्र में लिखा कि कार्यकारी अभियंता उपभोक्ताओं की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया के अवैध कनेक्शन दे रहे हैं। विधायक ने इसे अधिकारियों की लापरवाही और पैसों की उगाही करने की मंशा के रूप में बताया है। उन्होंने तत्काल अधिकारी के तबादले और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पहले भी की गई थी शिकायत
विधायक ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब इस अधिकारी के खिलाफ शिकायत की गई हो। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी इस अधिकारी के खिलाफ पत्र भेजे गए थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब, विधायक ने एक बार फिर पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन से हस्तक्षेप की अपील की है ताकि क्षेत्र के लोगों की परेशानियों का समाधान हो सके।
अधिकारियों का पक्ष
कार्यकारी अभियंता हर्षराज रस्तोगी ने विधायक के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि किसी को भी कनेक्शन बिना सभी जरूरी दस्तावेज पूरे किए बिना नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर विधायक के पास कोई ठोस सबूत हैं, तो उन्हें पेश किया जाए।” उन्होंने यह भी कहा कि विभाग पूरी पारदर्शिता से काम कर रहा है और किसी प्रकार की गलत गतिविधि नहीं की जा रही है।
क्या होगा अगला कदम?
इस विवाद के बीच पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और क्या इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई की जाती है। इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया और विभाग के आंतरिक जांच के परिणाम का जनता और विधायक की नजरों में महत्व रहेगा।
समाप्ति में विचार
यह मामला गोरखपुर क्षेत्र के किसानों और उपभोक्ताओं के लिए एक अहम सवाल खड़ा करता है। यदि अधिकारियों द्वारा की जा रही लापरवाही और अवैध कनेक्शन देने की शिकायत सही साबित होती है, तो इससे सरकारी योजनाओं की साख पर भी असर पड़ेगा। सरकार को चाहिए कि इस मामले में सख्त कदम उठाकर न केवल दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें, बल्कि यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। साथ ही, उपभोक्ताओं और किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा सके। इस विवाद ने यह भी दर्शाया है कि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की जरूरत है ताकि जनता का विश्वास बनाए रखा जा सके।
सरकारी योजनाओं का सही तरीके से पालन और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह मामला एक अहम उदाहरण हो सकता है। अब देखना यह है कि इस विवाद में पावर कॉर्पोरेशन और सरकार क्या कदम उठाती है और क्या यह मामला न्यायसंगत तरीके से सुलझता है।