Gorakhpur news: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल, व्यापार करने में सुगमता के लिए उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे

Gorakhpur news: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल, व्यापार करने में सुगमता के लिए उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे

Gorakhpur news: रविवार को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक प्रतिनिधिमंडल मिला, जो उद्यमियों के संगठन ‘लघु उद्योग भारती’ के क्षेत्रीय अध्यक्ष दीपक करिवाल के नेतृत्व में था। मुख्यमंत्री इस समय दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर आए हुए थे। उद्यमियों ने मुख्यमंत्री से गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) में कुछ आवश्यक सुधारों की मांग की, ताकि व्यापार करने में सुगमता और भी प्रभावी हो सके।

GIDA में सुधार की आवश्यकता

उद्यमियों ने मुख्यमंत्री से यह कहा कि औद्योगिक इकाइयों के समापन प्रमाणपत्र के लिए कई विभागों से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की मांग की जा रही है, जो व्यापार को बढ़ावा देने में एक बड़ी बाधा है। उनका कहना था कि समापन प्रमाणपत्र के लिए विभागों से NOC की अनिवार्यता को समाप्त किया जाना चाहिए, क्योंकि राज्य सरकार ने नए उद्योगों को 1000 दिनों तक NOC की आवश्यकता से छूट दी है।

दीपक करिवाल ने बताया कि गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) में समापन प्रमाणपत्र के बिना किसी उद्योग को उत्पादन में नहीं माना जाता है। इसके साथ ही समय विस्तार शुल्क भी इकाई संचालकों से लिया जाता है। 2022 के बाद स्थापित नए उद्योगों के समापन प्रमाणपत्र के लिए करीब 13 बिंदु निर्धारित किए गए हैं, जिनमें कई विभागों से NOC की मांग की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यवस्था को सरल और व्यापार के अनुकूल बनाया जाना चाहिए।

Gorakhpur news: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल, व्यापार करने में सुगमता के लिए उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे

समाप्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग

उद्यमियों ने मुख्यमंत्री से यह भी अनुरोध किया कि समापन प्रमाणपत्र के साथ-साथ वर्षा जल संचयन से संबंधित शपथ पत्र की भी मांग की जा रही है, जो छोटे उद्योगों के लिए एक कठिन कार्य है। उनका मानना था कि समापन प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए। इसके बजाय, यदि कोई उद्योग अपना उत्पादन शुरू करने का प्रमाण प्रदान करता है, तो उसे उत्पादन में माना जाए। इससे नए उद्योगों को प्रेरणा मिलेगी और व्यापार में आसानी होगी।

उत्पादन शुरू करने के लिए 2 साल की सीमा को बढ़ाकर 3 साल किया जाए

उद्यमियों ने यह भी बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन शुरू करने के लिए 2 साल की समयसीमा निर्धारित की गई है, जो नए उद्योगों के लिए अपर्याप्त है। अगर कोई उद्योग 2 साल के भीतर उत्पादन शुरू नहीं कर पाता, तो उस पर समय विस्तार शुल्क लिया जाता है। उद्यमियों का मानना था कि 2 साल की बजाय 3 साल की समयसीमा दी जानी चाहिए, ताकि उद्योगों को अपनी स्थिति बेहतर बनाने का पर्याप्त समय मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि औद्योगिक क्षेत्र/प्रोजेक्ट के विकास कार्य की समाप्ति के बाद एक कट-ऑफ डेट तय की जाए, और फिर उसके बाद उद्योगों को 2 साल का समय दिया जाए। इसके अलावा, आवासीय योजनाओं में कोई समय विस्तार शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।

उद्योग बंधु की बैठक में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो

उद्यमियों ने मुख्यमंत्री से यह भी कहा कि उद्योग बंधु की बैठकें आयोजित की जाती हैं ताकि उद्यमियों की समस्याओं का समाधान हो सके, लेकिन कई बार इन बैठकों में उठाए गए मुद्दे अनसुलझे रहते हैं। इसके कारण समस्या का समाधान देर से होता है और उद्यमियों को निराशा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह सुझाव दिया कि उद्योग बंधु की बैठक में प्रत्येक विभाग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं, ताकि उनकी जवाबदेही तय हो सके और समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।

MSME विभाग का कार्यालय गोरखपुर में खोलने की मांग

उद्यमियों ने मुख्यमंत्री से यह भी मांग की कि MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) विभाग का कार्यालय गोरखपुर में खोला जाए। वर्तमान में यह कार्यालय कानपुर और वाराणसी में स्थित है, जिससे उद्यमियों को कई बार यात्रा करनी पड़ती है। गोरखपुर में एक MSME विभाग कार्यालय की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि स्थानीय उद्यमियों को आसानी से सेवाएं मिल सकें।

प्रदूषण विभाग में क्षेत्रीय प्रबंधक की नियुक्ति की मांग

इसके साथ ही उद्यमियों ने प्रदूषण विभाग में क्षेत्रीय प्रबंधक की नियुक्ति की भी मांग की। उनका कहना था कि गोरखपुर में प्रदूषण से संबंधित कार्यों के लिए प्रदूषण विभाग का प्रतिनिधि होना चाहिए, ताकि पर्यावरण से संबंधित समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा सके।

मुख्यमंत्री से सकारात्मक आश्वासन मिला

दीपक करिवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्यमियों के सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया कि इन मुद्दों का समाधान जल्द किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों के लिए राज्य सरकार की नीति और सुधारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की और कहा कि व्यापार करने में सुगमता को बढ़ावा देने के लिए और सुधार किए जाएंगे।

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग थे शामिल

उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल में दीपक करिवाल के साथ महेश कुमार रंगता, सुधांशु तिबरेवाल और आशीष खेता भी शामिल थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने के बाद इस बैठक को बहुत ही सकारात्मक और परिणामदायक बताया और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का समाधान शीघ्र होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ यह बैठक गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के उद्यमियों के लिए एक बड़ी राहत की बात साबित हो सकती है। व्यापार के लिए आवश्यक सुधारों की दिशा में यह कदम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उद्यमियों के साथ हुई इस बैठक से यह साफ हो गया कि राज्य सरकार व्यापारियों की समस्याओं को समझती है और उन्हें हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद इन सुधारों को जल्दी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है या नहीं।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *