Gorakhpur news: गोरखपुर शहर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के 70वें राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी जोर-शोर से चल रही है, जिसमें शहरभर में ABVP के पोस्टर और बैनर लगे हुए हैं। लेकिन इस प्रचार के दौरान एक विवाद उठ खड़ा हुआ, जब ABVP के पोस्टर शहीदों के स्मारकों और प्रतिमाओं पर लगाए गए। इस घटना के कारण न केवल स्थानीय निवासी नाराज हैं, बल्कि विपक्षी पार्टियों ने इसे शहीदों की गरिमा के साथ छेड़छाड़ करार दिया है।
शहीद शिव सिंह छेत्री स्मारक पर पोस्टर लगाने का मामला
गोरखपुर के रेलवे कॉलोनी स्थित अमर शहीद शिव सिंह छेत्री स्मारक पर ABVP के पोस्टर और बैनर लगाए गए, जो शहादत और वीरता की अमर गाथाओं का प्रतीक है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश पैदा किया है, क्योंकि उनका कहना है कि शहीदों के स्मारकों और प्रतिमाओं पर कोई भी प्रचार सामग्री लगाना उनके बलिदान का अपमान है। शहरवासियों का कहना है कि ऐतिहासिक और शहीद स्मारकों पर प्रचार सामग्री लगाना इस स्थान के सम्मान को ठेस पहुंचाता है।
काउंसलर ने जताई विरोध
रेलवे कॉलोनी के काउंसलर विवेक मिश्रा उर्फ विक्की ने इस घटना का विरोध किया और कहा, “शहीदों का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन को तुरंत इस पर संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।” काउंसलर ने प्रशासन को चेतावनी दी कि ऐसी पवित्र स्थलों का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
शहर में प्रचार सामग्री का जमावड़ा
ABVP के राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रचार के लिए शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। हालांकि, शहीदों के स्मारक पर पोस्टर लगाने का मामला स्थानीय लोगों में नाराजगी का कारण बना। शहरवासी कहते हैं कि ऐतिहासिक और शहीद स्मारकों जैसे स्थानों पर प्रचार सामग्री नहीं लगनी चाहिए, क्योंकि ये हमारे राष्ट्रीय गर्व के प्रतीक हैं।
प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना के बाद प्रशासन की लापरवाही पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाएं तभी घटित होती हैं जब प्रशासन अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाता। गोरखपुर के निवासी अब प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि तुरंत शहीद स्मारकों से प्रचार सामग्री हटा दी जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए जाएं।
शहीदों की इज्जत बहाल करने की अपील
शहर के जागरूक नागरिकों और संगठनों ने शहीद स्मारकों पर लगे पोस्टरों को तत्काल हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि शहीदों के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने सभी संगठनों से अपील की है कि वे प्रचार के लिए ऐसे स्थानों का चुनाव करें, जो किसी के सम्मान को ठेस न पहुंचाए।
इज्जत की रक्षा पर उठे सवाल
यह घटना केवल एक शहीद स्मारक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे सामूहिक जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाती है। क्या हम शहीदों द्वारा किए गए बलिदान और उनके द्वारा छोड़ी गई धरोहर को सही तरीके से संरक्षित कर पा रहे हैं? अब सबकी नजरें प्रशासन पर हैं कि वह इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और शहीदों की इज्जत बहाल करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाता है।
गोरखपुर में ABVP के राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रचार के दौरान शहीद स्मारक पर पोस्टर लगाने से जो विवाद उत्पन्न हुआ है, वह प्रशासन और संगठनों के लिए बड़ा सवाल है। शहीदों की गरिमा से जुड़ी ऐसी घटनाएं समाज के लिए शर्मनाक हैं और इस पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कैसे संभालता है और शहीदों की इज्जत को बनाए रखने के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।