Gorakhpur news: गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में स्थित सुधार गृह में शनिवार रात नाबालिग अपराधियों के बीच सशक्तिकरण के लिए संघर्ष हुआ। इस हिंसक झड़प के दौरान तीन नाबालिगों ने खिड़की की ग्रिल काटकर सुधार गृह से फरार हो गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही गुलरिहा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर माहौल को शांत कराया और झगड़े में शामिल नाबालिगों को समझाया।
रविवार सुबह दो फरार नाबालिगों को तिवारीपुर क्षेत्र से पकड़ लिया गया। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने सुधार गृह का दौरा कर घटना की जानकारी ली और पुलिस टीमों को तीसरे फरार नाबालिग की तलाश में भेजा। तीसरे नाबालिग की तलाश अभी भी जारी है, जो कि देवरिया जिले का निवासी है। पुलिस की कई टीमें उसे पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
नाबालिगों के बीच हिंसक संघर्ष
शनिवार रात 11 बजे के आसपास सुधार गृह में नाबालिगों के बीच supremacy (सशक्तिकरण) को लेकर झगड़ा हुआ। इस दौरान कई नाबालिगों को गंभीर चोटें आईं। कुछ नाबालिगों ने सुधार गृह के कर्मचारियों को पीटने का प्रयास किया और कमरे में तोड़फोड़ की। करीब दो घंटे तक इन नाबालिगों ने कमरे में हंगामा मचाए रखा। इस दौरान तीन नाबालिगों ने खिड़की की ग्रिल काटकर फरार होने में सफलता हासिल की।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और शांति बहाल की, लेकिन यह घटना उस क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गई है। पकड़े गए नाबालिगों में एक का घर चौरिचौरा और दूसरे का तिवारीपुर क्षेत्र में है। तिवारीपुर का नाबालिग अपने दोस्तों के पास शरण लेने के लिए चला गया था, लेकिन उसे डोमिंगढ़ के पास पकड़ लिया गया।
सुधार गृह का स्थानांतरण और प्रशासनिक कदम
पुर्वांचल ग्राम सेवा समिति (कैथोलिक संस्थान) द्वारा संचालित यह बाल सुधार गृह पहले बंद कर दिया गया था। यह सुधार गृह शिवपुर सहबाजगंज में किराए पर लिया गया था और प्रशासन ने मंगलवार को नाबालिगों को यहाँ स्थानांतरित किया था। यह सुधार गृह प्रति माह 75,000 रुपये के किराए पर प्राप्त किया गया था। घटना के बाद प्रशासन ने सुधार गृह में सीसीटीवी कैमरे और कंटीली तार लगवाने का आदेश दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
स्थानीय निवासियों का विरोध
सुधार गृह की स्थापना के बाद स्थानीय निवासियों में आक्रोश देखा गया है। स्थानीय लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि नाबालिग यहां आकर महिलाओं के प्रति अभद्र इशारे करते हैं और आपत्तिजनक हरकतें करते हैं। इस कारण इलाके के लोग अपने घरों की छतों पर जाने से डरने लगे हैं।
स्थानीय निवासी पं. एन गुप्ता, नागिना, बेचैन, समुंदर, कृष्णा, धीरेंद्र श्रीवास्तव, शोभा देवी, बाबिता देवी, राजकुमारी देवी, राधिका देवी, संगीता देवी और रेनू देवी ने रविवार को बाल सुधार गृह के गेट पर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि इन नाबालिगों के कारण उनका जीवन संकट में है और उन्हें यहाँ से सुधार गृह को हटाने की मांग की।
प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई
घटना के बाद प्रशासन ने सुधार गृह में मिलने वाली सुविधाओं पर रोक लगा दी है। अब तक जिन परिवारों के सदस्य मिलने आए थे, उन्हें निराश लौटना पड़ा। सिंगीतादेवी, अनिता देवी और ओमप्रकाश जैसे लोग अपने बच्चों से मिलने के लिए आए थे, लेकिन उन्हें तीन दिन तक मिलने का मौका नहीं मिल पाया। प्रशासन ने अगले तीन दिनों तक मिलने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
सुधार गृह प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अब और कड़े कदम उठाए जाएंगे। पुलिस की टीमें अब भी फरार नाबालिग की तलाश में जुटी हैं।
सुरक्षा उपायों में बढ़ोतरी
गुलरिहा पुलिस द्वारा इस घटना के बाद सुधार गृह की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि आगे से इस प्रकार की घटनाएं न हों और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं।
इन घटनाओं के बाद प्रशासन को यह समझ में आया कि बाल सुधार गृह में रहने वाले नाबालिगों की निगरानी और सुरक्षा को और भी सख्त किया जाए, ताकि ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि जल्द ही तीसरे फरार नाबालिग को पकड़ा जाएगा और घटना में शामिल अन्य नाबालिगों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिवपुर सहबाजगंज स्थित इस बाल सुधार गृह में हुई हिंसा ने इलाके के निवासियों और प्रशासन दोनों को चिंता में डाल दिया है। नाबालिगों के बीच झगड़े और फरार होने की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही हैं। अब प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है कि वे ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाएं और स्थानीय निवासियों को सुरक्षा का अहसास दिलाएं।