Gorakhpur News: घरेलू हिंसा और बलात्कार के प्रयास का मामला, पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ दर्ज किया केस

Gorakhpur News: घरेलू हिंसा और बलात्कार के प्रयास का मामला, पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ दर्ज किया केस

Gorakhpur News: हाल ही में गीड़ा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक व्यक्ति और उसकी पत्नी के खिलाफ एक महिला द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने शराब के नशे में उसके घर में घुसकर बलात्कार करने का प्रयास किया, और उसका चेहरा तेजाब से जलाने की धमकी दी।  महिला ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि आरोपित महिला के साथ बदसलूकी करने और मारपीट करने में भी शामिल थी।

घटना का पूरा विवरण

पीड़िता ने जो शिकायत दी है, उसके मुताबिक वह पिछले साल तक नॉसाद क्षेत्र में एक ट्रैवल एजेंसी में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी। इसके बाद वह रामगढ़ताल क्षेत्र में रहने लगी। इसी दौरान उसकी मुलाकात गीड़ा क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति से हुई, जिसने अपना नाम RN सिंह बताया। बाद में पता चला कि उसका असली नाम सद्दाम है।

शुरुआत में, सद्दाम नियमित रूप से ट्रैवल एजेंसी में आता था और महिला से जान-पहचान बढ़ा ली। जुलाई 2023 में, वह अपने कुछ दोस्तों के साथ महिला के घर पहुंचा और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। महिला ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में, महिला ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार में अपनी शिकायत की, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।

महिला का आरोप है कि पुलिस ने आरोपित RN सिंह के दबाव में आकर गैंगरेप की धारा को आरोपपत्र से हटा दिया और मामूली मारपीट की धारा में आरोप पत्र दाखिल किया। इससे आरोपित का हौसला और बढ़ गया।

Gorakhpur News: घरेलू हिंसा और बलात्कार के प्रयास का मामला, पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ दर्ज किया केस

महिला की नई शिकायत

महिला ने बताया कि इस घटना के बाद उसने एजेंसी से अपनी नौकरी छोड़ दी और रामगढ़ताल क्षेत्र में एक नई कंपनी में काम करना शुरू किया। इसके साथ ही उसने नया घर भी लिया। लेकिन, आरोपित सद्दाम ने somehow उसका नया पता पता कर लिया और वह अक्सर उसे परेशान करने आता था।

महिला का कहना है कि 27 अक्टूबर 2024 को सद्दाम शराब के नशे में उसके घर पहुंचा और उसके साथ बलात्कार करने की कोशिश की। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उसने उसे पीटा और उसे तेजाब से चेहरा जलाने की धमकी दी। इसके बाद, महिला ने किसी तरह सद्दाम को कमरे में बंद किया और पुलिस को सूचित किया।

पुलिस ने सद्दाम को पकड़ लिया, लेकिन किसी ठोस कार्रवाई के बिना उसे छोड़ दिया। इससे महिला और उसके दो नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। महिला ने इसकी जानकारी एसएसपी को दी, और एसएसपी के आदेश पर रामगढ़ताल पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस और जांच की स्थिति

महिला की शिकायत के बाद, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस ने सिर्फ आरोपी को गिरफ्तार किया था, लेकिन बिना कार्रवाई के छोड़ दिया। महिला का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण वह और उसके बच्चों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने जुलाई 2023 में गैंगरेप की शिकायत की थी, तो पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया और आरोपित के प्रभाव में आकर गैंगरेप की धारा को हटा दिया। इससे उसे और उसके परिवार को मानसिक और शारीरिक रूप से नुकसान हुआ।

अब, एसएसपी के निर्देश पर रामगढ़ताल पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है और मामले की जांच जारी है।

कानून और न्याय

यह घटना एक गंभीर अपराध को दर्शाती है, जिसमें एक महिला के साथ न केवल बलात्कार का प्रयास किया गया, बल्कि उसके जीवन को खतरे में डालने की धमकी दी गई। यह घटना महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और सुरक्षा की कमी को भी उजागर करती है।

कानूनी दृष्टिकोण से, बलात्कार और घरेलू हिंसा के मामलों में पुलिस का यह कर्तव्य है कि वह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करें ताकि आरोपियों को सजा दिलाई जा सके और पीड़िता को न्याय मिले। इस मामले में भी, पुलिस की निष्क्रियता और आरोपित के दबाव में कार्रवाई न करना बहुत चिंता का विषय है।

महिला ने कई बार पुलिस से मदद मांगी, लेकिन हर बार वह नकारा गया। ऐसे में, यह भी सवाल उठता है कि पुलिस को किस तरह से एक आरोपी के दबाव में आकर काम नहीं करना चाहिए और कानूनी प्रक्रिया को सही तरीके से लागू करना चाहिए।

महिलाओं के लिए सुरक्षा

यह घटना उन महिलाओं के लिए एक चेतावनी है जो घरेलू हिंसा और बलात्कार जैसी घटनाओं का सामना करती हैं। महिलाओं को यह जानने की आवश्यकता है कि उनका अधिकार है कि वे ऐसे अपराधों के खिलाफ आवाज उठाएं और न्याय प्राप्त करें।

सरकार और पुलिस को इस दिशा में और अधिक संवेदनशील और जवाबदेह होना चाहिए। महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में सही कार्रवाई न होने से समाज में अपराध बढ़ते हैं और इससे महिलाओं का विश्वास कमजोर होता है।

इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पुलिस की निष्क्रियता और आरोपित के दबाव में आकर कार्रवाई न करना समाज में न केवल अपराधों को बढ़ावा देता है, बल्कि पीड़ितों को न्याय से भी वंचित करता है। इस मामले में पुलिस को तत्काल प्रभाव से उचित कार्रवाई करनी चाहिए और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवानी चाहिए, ताकि महिलाओं को सुरक्षित महसूस हो सके और अपराधी इस तरह के अपराध करने से पहले दो बार सोचें।

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