Gorakhpur से आजमगढ़ तक चार जिलों से गुजरने वाला लिंक एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है। इस एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी ने राजधानी लखनऊ तक की यात्रा को पहले से कहीं अधिक आसान बना दिया है। नए साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन करेंगे, जो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़कर गोरखपुर क्षेत्र के लिए नए आर्थिक और विकास के मार्ग खोलने वाला है।
परियोजना की लागत और लाभकारी क्षेत्र
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और 98% काम सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर बाईपास से शुरू होकर आजमगढ़ जिले के सालारपुर तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई 91.35 किलोमीटर है। इस परियोजना की कुल लागत ₹7283.28 करोड़ है, जिसमें भूमि अधिग्रहण और अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं।
इस परियोजना से गोरखपुर, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर और आजमगढ़ जिले सीधे लाभान्वित होंगे। यह एक्सप्रेसवे न केवल क्षेत्रीय यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि इन जिलों में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देगा।
निर्माण के दौरान चुनौतियां और समाधान
गोरखपुर जिले में अधिकतर क्षेत्र नीचले स्थानों पर स्थित हैं और हर साल यहां की सामान्य सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती थीं। इस समस्या के कारण एक्सप्रेसवे का निर्माण चुनौतीपूर्ण था। हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर प्रशासन ने इस चुनौती का सफल समाधान निकाला।
निर्माण कार्य में आधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञों की मदद ली गई, जिससे नीचले क्षेत्रों में भी मजबूत और टिकाऊ सड़क का निर्माण संभव हुआ। अब अधिकांश एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो चुका है और यातायात भी शुरू हो गया है, जो अधिकारियों के कड़े परिश्रम का परिणाम है।
यात्रा में समय और ईंधन की बचत
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी से गोरखपुर से लखनऊ की दूरी अब केवल 3.5 घंटे में पूरी की जा सकती है। इसके अलावा, यह मार्ग दिल्ली, आगरा और अन्य प्रमुख शहरों तक भी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
इस एक्सप्रेसवे की प्रभावी यातायात प्रणाली न केवल समय और ईंधन की बचत करेगी, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मददगार साबित होगी। सुगम यातायात से क्षेत्रीय व्यापार और उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
औद्योगिक कॉरिडोर का विकास
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक कॉरिडोर का भी विकास किया जा रहा है, जो क्षेत्रीय आर्थिक विकास को तेज करेगा। यह कॉरिडोर कृषि, उद्योग, वाणिज्य और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा करेगा।
इस औद्योगिक कॉरिडोर में छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे। इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे और पलायन की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
गोरखपुर क्षेत्र के लिए सामाजिक और आर्थिक समृद्धि
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का विकास केवल यातायात को सुगम बनाने तक सीमित नहीं है। यह परियोजना क्षेत्रीय आर्थिक और सामाजिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एक्सप्रेसवे से न केवल व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्र की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बेहतर बनाएगा।
इसके अलावा, यह एक्सप्रेसवे पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा देगा। कनेक्टिविटी के बेहतर होने से गोरखपुर और उसके आसपास के पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होगी, जिससे स्थानीय व्यवसाय और होटल इंडस्ट्री को लाभ मिलेगा।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पूर्वांचल के विकास का प्रतीक बनकर उभरा है। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय यातायात को आसान बनाएगी, बल्कि इसके माध्यम से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई ऊंचाई मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह परियोजना क्षेत्रीय विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन नए साल में क्षेत्रीय लोगों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में होगा। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर और पूर्वांचल के लोगों के लिए न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि उनके जीवन को भी समृद्ध बनाएगा।