Gorakhpur शहर में बदलाव का एक और बड़ा कदम उठाया गया है, और यह बदलाव सीधे तौर पर शहर के ऐतिहासिक स्थल मोती पोखरा से जुड़ा हुआ है। मोती पोखरा का पानी अब पूरी तरह से साफ कर दिया गया है और इसे एक खूबसूरत झील की तरह सजाया जा रहा है। अब इस पोखरे को ‘मोती झील’ भी कहा जा सकता है। गोरखपुर नगर निगम ने यहां नाव चलाने की योजना बनाई है, जिससे यह स्थल और भी आकर्षक और सैलानियों के लिए उपयुक्त बनेगा। इसके साथ ही, यहां बैठने के लिए बेंच, आकर्षक रोशनियां और खाने-पीने के स्टॉल भी लगाए जाएंगे, ताकि लोग यहां अपने परिवार के साथ पिकनिक मना सकें।
मोती पोखरा की सफाई और सौंदर्यीकरण
मोती पोखरा की सफाई और सजावट का कार्य 24 सितंबर 2024 से शुरू हुआ था, जब गुजरात स्थित कंपनी ‘वलियंट इनटैक प्राइवेट लिमिटेड’ ने इस काम की जिम्मेदारी ली। यह कंपनी, जो दक्षिण अफ्रीका में तालाबों की सफाई करती है, ने मोती पोखरा की सफाई के लिए अपनी अनूठी नैनो बबल तकनीक का इस्तेमाल किया। यह तकनीक ‘REGAL’ (Radical Enhancement Using Gas Assisted Liquid Dispersion) के नाम से जानी जाती है, और इसके द्वारा पोखरे का पानी इतना साफ किया गया है कि अब उसके तल पर डूबे हुए नाव को भी आसानी से देखा जा सकता है। इस सफाई के परिणामस्वरूप, अब पानी में मछलियां भी पनपने लगी हैं और तल पूरी तरह से साफ दिखाई देता है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि मोती पोखरा अब पूरी तरह से स्वच्छ और साफ हो चुका है। यहां आने वाले समय में लोग नाव की सवारी कर सकेंगे, और इसके आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यह कार्य सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP मोड) के तहत किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र की सुंदरता और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मोती पोखरा का ऐतिहासिक महत्व
गोरखपुर शहर का मोती पोखरा ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह स्थान न केवल शहरवासियों के लिए एक जलाशय के रूप में कार्य करता है, बल्कि यह शहर के पुराने धरोहरों और संस्कृति का भी प्रतीक है। पहले इस पोखरे का पानी गंदा और दूषित हो चुका था, लेकिन अब इसकी सफाई ने न केवल यहां की प्राकृतिक सुंदरता को फिर से जिंदा किया है, बल्कि यह एक पर्यटन स्थल के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है।
यह पोखरा गोरखपुर के लोगों के लिए एक गहना बन गया है। अब यहां आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग इस स्थान को एक आदर्श पिकनिक स्थल के रूप में देख सकते हैं, जहां वे परिवार और दोस्तों के साथ समय बिता सकते हैं।
नाव की सवारी और नए विकास
मोती पोखरा की सफाई के साथ-साथ नगर निगम ने यहां नाव की सवारी शुरू करने की योजना बनाई है। यह एक ऐसा कदम होगा, जो न केवल गोरखपुरवासियों के लिए एक नई सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि यह पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। नाव की सवारी के साथ-साथ लोग यहां की शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे।
इसके अलावा, पोखरे के चारों ओर बेंच लगाए जाएंगे, ताकि लोग आराम से बैठकर इस स्थान की सुंदरता का अनुभव कर सकें। यहां आकर्षक लाइट्स भी लगाई जाएंगी, जो शाम के समय इस स्थल को और भी खूबसूरत बनाएंगी। इसके साथ ही, खाने-पीने के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां लोग विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे।
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP मोड) से सौंदर्यीकरण
मोती पोखरा के सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को अपनाया है। इस मॉडल के तहत, निजी कंपनियां इस परियोजना में निवेश करेंगी और सौंदर्यीकरण के कार्यों में सहायता करेंगी। इससे शहर की सूरत बदलने में मदद मिलेगी और इसके साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में भी एक नई दिशा मिलेगी।
सार्वजनिक-निजी साझेदारी से न केवल परियोजना को वित्तीय सहायता मिलेगी, बल्कि यह स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए एक स्थायी और स्वच्छ स्थल बनाने में भी सहायक होगी। इस परियोजना के माध्यम से गोरखपुर का मोती पोखरा ना केवल शहरवासियों के लिए, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण स्थल बन जाएगा।
गोरखपुर के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मोती पोखरा के सौंदर्यीकरण और नाव की सवारी शुरू होने से गोरखपुर के पर्यटन को एक नया मोड़ मिलेगा। यह स्थान गोरखपुर शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन जाएगा, जहां लोग न केवल अपने परिवार के साथ पिकनिक मना सकते हैं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक धरोहर का भी अनुभव कर सकते हैं।
इसके अलावा, इस परियोजना से स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ होगा, क्योंकि यहां आने वाले पर्यटकों के लिए विभिन्न खाने-पीने के विकल्प और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे गोरखपुर के व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो सकती है।
गोरखपुर का मोती पोखरा अब अपने नये रूप में सामने आ रहा है, जो शहरवासियों और पर्यटकों के लिए एक अद्भुत स्थल साबित होगा। इसके पानी की सफाई और सौंदर्यीकरण से न केवल इस स्थल की सुंदरता में इज़ाफा हुआ है, बल्कि यह गोरखपुर के पर्यटन उद्योग को भी एक नई दिशा देगा। नाव की सवारी, बैठने के स्थान, आकर्षक लाइट्स और खाने-पीने के स्टॉल्स से यह स्थल और भी आकर्षक बनेगा। नगर निगम और प्राइवेट कंपनियों के सहयोग से गोरखपुर के मोती पोखरे को एक बेहतरीन पिकनिक और पर्यटन स्थल बनाने का यह कदम शहर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।